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वेतन न मिलने ने गुस्साएं शिक्षकों ने लेखाधिकारी कार्यालय घेरा, हंगामा

Thu, 08 Jul 2021 12:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jul 2021 12:33 AM IST
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पीलीभीत। सात माह से वेतन न मिलने से गुस्साए परिषदीय शिक्षकों ने वित्त एवं लेखाधिकारी का घेराव कर जमकर हंगामा। इस दौरान शिक्षकों और लेखाधिकारी के बीच जमकर नोकझोंक हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस के जल्द वेतन दिलाने के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
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प्रदेश में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती के तहत गत वर्ष दिसंबर में 500 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। नियुक्ति से लेकर अब तक यानी सात माह से इन शिक्षकों को वेतन नहीं दिया गया। इस बीच इन शिक्षकों ने विभागीय अधिकारियों से मौखिक रुप से वेतन दिलाने की मांग भी की। इस बीच महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने मई में शासनादेश जारी कर कोरोना संक्रमण काल में अभिलेखों का सत्यापन न होने की दशा में शिक्षकों से एक शपथ पत्र लेकर वेतन निर्गत करने के आदेश किए थे। बावजूद इसके इन शिक्षकों को वेतन नहीं मिल सका।
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इधर, बुधवार शाम तीन बजे प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दयाशंकर समेत अन्य शिक्षक नेताओं के नेतृत्व में विभिन्न ब्लॉकों से आए शिक्षक वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में धमके और लेखाधिकारी का घेराव कर वेतन न देने के बाबत जानकारी मांगी। इसी बीच कुछ शिक्षकों ने शोर-शराबे के साथ हंगामा करना शुरू कर दिया। इसको लेकर लेखाधिकारी और शिक्षकों के बीच नोकझोंक भी हो गई। लेखाधिकारी का कहना है कि यदि कोई समस्या है तो कुछ शिक्षक आकर अपनी बात कह सकते हैं। इस तरह से हंगामा करना उचित नहीं है। वैसे भी शिक्षकों का वेतन देने की तैयारी चल रही है। इधर शिक्षक नेताओं का कहना था कि महानिदेशक द्वारा जारी आदेश के बावजूद शिक्षकों को वेतन नहीं दिया जा रहा है। यह अत्यंत घोर लापरवाही है। वेतन न मिलने से शिक्षकों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान हंगामा लगातार जारी रहा। कोविड प्रोटोकॉल की भी जमकर धज्जियां उड़ाई गई। हंगामा होता देख पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस भी लेखाधिकारी कार्यालय पहुंच गई। वार्ता के दौरान जल्द वेतन देने के आश्वासन पर मामला शांत हो सका।
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शिक्षकों की यदि कोई समस्या थी तो वह प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से आकर अपनी समस्या बता सकते थे। इस तरह कार्यालय में आकर शोर-शराबा कर अभद्र व्यवहार करना अनुचित है। शिक्षकों के वेतन संबंधी कार्रवाई पूरे दिन से चल रही थी। इस मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है।
अंजू सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी
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