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अब परिषदीय स्कूलों का एक ही होगा नाम, शासन ने दिए निर्देश
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पीलीभीत। बेसिक शिक्षा परिषद के कक्षा छह से आठ तक चलने वाले सरकारी स्कूल अब अलग-अलग या मनमाने तरीके से अपना नामकरण नहीं कर सकेंगे। अब इन्हें सिर्फ उच्च प्राथमिक विद्यालय ही लिखा जाएगा।
जनपद में 1802 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें 1231 प्राथमिक और 571 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें उच्च प्राथमिक स्तर के विद्यालयों के नामों में एकरूपता नहीं है। कुछ विद्यालय उच्च प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक तो कुछ जूनियर हाईस्कूल लिखते हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों के भिन्न-भिन्न नाम लिखने पर सख्त मनाही करते हुए प्रदेश भर में एक ही नाम तय कर दिया है। अब कक्षा छह से आठ तक वाले स्कूलों में सिर्फ उच्च प्राथमिक विद्यालय ही लिखा जाएगा।
बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने इसको लेकर लेकर दिशा निर्देश भी जारी किए हैं। उधर, बीएसए चंद्रकेश सिंह ने बताया कि इस संबंध में शासनादेश प्राप्त हो चुका है। कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों को सिर्फ उच्च प्राथमिक विद्यालय ही लिखा जाएगा। शासनादेश से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों का अवगत कराया जा चुका है।
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नए सत्र से संविलयन विद्यालयों में एक ही एडमिशन रजिस्टर
संविलयन के बाद अब प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नए सत्र में एक नवीन संयुक्त एडमिशन रजिस्टर बनाया जाएगा। कक्षा एक से आठ तक किसी भी कक्षा में नए प्रवेश वाले छात्र-छात्रा का नाम इसमें दर्ज होगा। उसे संविलयन किए गए विद्यालयों में से सबसे ज्यादा संख्या वाली छात्र प्रवेश संख्या से आगे का एडमिशन नंबर आवंटित होगा। एक ही परिसर में यदि दो प्राथमिक विद्यालय संचालित थे तो संविलयन के बाद विद्यालय का नाम प्राथमिक विद्यालय ही रखा जाएगा। यही व्यवस्था उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी लागू होगी। इसके अलावा यदि परिसर में एक प्राइमरी व उच्च प्राथमिक विद्यालय का संविलयन हुआ तो उसे उच्च प्राथमिक विद्यालय कहा जाएगा।
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जनपद में 1802 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें 1231 प्राथमिक और 571 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें उच्च प्राथमिक स्तर के विद्यालयों के नामों में एकरूपता नहीं है। कुछ विद्यालय उच्च प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक तो कुछ जूनियर हाईस्कूल लिखते हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों के भिन्न-भिन्न नाम लिखने पर सख्त मनाही करते हुए प्रदेश भर में एक ही नाम तय कर दिया है। अब कक्षा छह से आठ तक वाले स्कूलों में सिर्फ उच्च प्राथमिक विद्यालय ही लिखा जाएगा।
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बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने इसको लेकर लेकर दिशा निर्देश भी जारी किए हैं। उधर, बीएसए चंद्रकेश सिंह ने बताया कि इस संबंध में शासनादेश प्राप्त हो चुका है। कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों को सिर्फ उच्च प्राथमिक विद्यालय ही लिखा जाएगा। शासनादेश से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों का अवगत कराया जा चुका है।
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नए सत्र से संविलयन विद्यालयों में एक ही एडमिशन रजिस्टर
संविलयन के बाद अब प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नए सत्र में एक नवीन संयुक्त एडमिशन रजिस्टर बनाया जाएगा। कक्षा एक से आठ तक किसी भी कक्षा में नए प्रवेश वाले छात्र-छात्रा का नाम इसमें दर्ज होगा। उसे संविलयन किए गए विद्यालयों में से सबसे ज्यादा संख्या वाली छात्र प्रवेश संख्या से आगे का एडमिशन नंबर आवंटित होगा। एक ही परिसर में यदि दो प्राथमिक विद्यालय संचालित थे तो संविलयन के बाद विद्यालय का नाम प्राथमिक विद्यालय ही रखा जाएगा। यही व्यवस्था उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी लागू होगी। इसके अलावा यदि परिसर में एक प्राइमरी व उच्च प्राथमिक विद्यालय का संविलयन हुआ तो उसे उच्च प्राथमिक विद्यालय कहा जाएगा।