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भूकंप के झटकों से शारदा डैम को खतरा
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Fri, 01 May 2015 12:06 AM IST
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गत दिनों आए भूकंप के जद में नेपाल एवं इससे सटा अपने देश का कुछ क्षेत्र रहा है। नेपाल से सटा क्षेत्र होने के कारण सीमा क्षेत्र में भी इसका खतरा बना हुआ है। नेपाल सीमा से चंद किमी दूर 22 किमी लंबा मिट्टी का बना शारदा सागर डैम है और। डैम से नेपाल सीमा तक आबादी बसी है और इसके किनारे पर शारदा नदी है।
हालात यह है कि बढ़ती हुई आबादी डैम के किनारे वर्जित क्षेत्र में भी पहुंच चुकी है। बड़ी संख्या में मकान व व्यवसायिक भवन बन चुके हैं। वर्जित क्षेत्र में निर्माण से जहां डैम को खतरा हो रहा है वहीं डैम के अंदर की स्थिति भी काफी खराब है। पांच दशक पुराने हो चुके डैम की पिचिंग जगह-जगह से उखड़ चुकी है। इसकी मरम्मत के लिए बजट न मिलने से स्थिति और खराब होती जा रही है।
वैज्ञानिकों ने नेपाल में भूकंप के झटके फिर आने की संभावना जताई है। ऐसे में यदि भूकंप तेज तीव्रता के साथ आया तो मिट्टी के इस डैम को भी खतरा हो सकता है जिससे यहां बसी आबादी भी मुश्किल में पड़ सकती है।
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पिचिंग की मरम्मत के लिए प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। बजट उपलब्ध होने पर मरम्मत कराई जा सकेगी। उनका कहना है कि वर्जित क्षेत्र में बसे लोगों को हटाने के लिए भी कई बार प्रयास हो चुके हैं। मुकदमे दर्ज होने के बाद भी लोग हटने को तैयार नहीं हैं।
- आरके शर्मा, सहायक अभियंता, शारदा सागर
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हालात यह है कि बढ़ती हुई आबादी डैम के किनारे वर्जित क्षेत्र में भी पहुंच चुकी है। बड़ी संख्या में मकान व व्यवसायिक भवन बन चुके हैं। वर्जित क्षेत्र में निर्माण से जहां डैम को खतरा हो रहा है वहीं डैम के अंदर की स्थिति भी काफी खराब है। पांच दशक पुराने हो चुके डैम की पिचिंग जगह-जगह से उखड़ चुकी है। इसकी मरम्मत के लिए बजट न मिलने से स्थिति और खराब होती जा रही है।
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वैज्ञानिकों ने नेपाल में भूकंप के झटके फिर आने की संभावना जताई है। ऐसे में यदि भूकंप तेज तीव्रता के साथ आया तो मिट्टी के इस डैम को भी खतरा हो सकता है जिससे यहां बसी आबादी भी मुश्किल में पड़ सकती है।
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पिचिंग की मरम्मत के लिए प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। बजट उपलब्ध होने पर मरम्मत कराई जा सकेगी। उनका कहना है कि वर्जित क्षेत्र में बसे लोगों को हटाने के लिए भी कई बार प्रयास हो चुके हैं। मुकदमे दर्ज होने के बाद भी लोग हटने को तैयार नहीं हैं।
- आरके शर्मा, सहायक अभियंता, शारदा सागर