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कूड़ेदान घोटाले में 22 पंचायत सचिवों पर कार्रवाई, दी प्रतिकूल प्रविष्टि, वेतन वृद्धि भी रोकी
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पीलीभीत। दो साल पहले ग्राम पंचायतों में हुए कूड़ेदान घोटाले में लंबे समय बाद कार्रवाई को गति मिली है। इस घोटाले में ग्राम विकास अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी। अब 22 पंचायत सचिवों पर भी शिकंजा कसा गया है। इन सभी को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए वेतन वृद्धि पर भी रोक लगाई गई है। ग्राम पंचायतों में 99 लाख रुपये से ज्यादा का कूड़ेदान घोटाला किया गया था।
वर्ष 2018 और 2019 में गांवों को स्वच्छ रखने को पंचायतवार कूड़ेदानों की खरीद कराई गई थी। किसी पंचायत में पांच हजार तो किसी ग्राम पंचायत में आठ हजार रुपये प्रति कूड़ेदान के हिसाब से बजट खर्च किया गया। उसमें भाजपा के एक जिला स्तरीय पदाधिकारी ने अपनी फर्म से ब्लाकों के माध्यम से ग्राम पंचायतों को ड्रम कटवाकर पंचायत सचिवों के जरिए कूड़ेदान सप्लाई करा दिए। ड्रम काटकर बनाए गए कूड़ेदानों की लागत बमुश्किल 800 रुपये प्रति कूड़ेदान से भी कम थी। ग्राम पंचायतों में कटे ड्रम पहुंचते ही घोटाले का शोर मच गया तो अधिकारी पहले तो पूरा मामला दबाने में लगे रहे। फिर हल्ला बढ़ने पर जांच शुरू कराई गई थी। जांच के बाद करीब 99 लाख रुपये का कूड़ेदान घोटाला निकलकर सामने आया था। उसमें 150 से अधिक ग्राम प्रधानों से कूड़ेदान खरीद की रकम रिकवरी के आदेश कर दिए गए थे। मगर, प्रधान और सचिवों ने दोबारा सांठगांठ कर ली और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। डीएम पुलकित खरे के संज्ञान में मामला आने के बाद दोबारा कार्रवाई शुरू हुई। तीन दिन पहले डीडीओ योगेंद्र पाठक ने 15 ग्राम विकास अधिकारियों पर कार्रवाई की थी। अब पंचायत राज विभाग की तरफ से भी मामले में फंसे 22 सचिवों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।
इन पंचायत सचिवों को मिली प्रतिकूल प्रविष्टि
कूड़ेदान घोटाले में प्रतिकूल प्रविष्टि पाने वाले पंचायत सचिवों में अतुल पाठक, अवनीश कुमार, भगवत सरन, हरी सिंह, हरीश चंद्र, हरवंश कुमार, जितेंद्र कुमार, कृष्णपाल सिंह, मनोरंजन कुमार, मोहम्मद रिजवान, नूर उद्दीन, पंकज आर्य, प्रकाश राम, राजाराम, राजीव सक्सेना, राजकुमार वर्मा, राकेश शर्मा, रोशनी वर्मा, सुबोध कुमार, तौलेराम, तुलाराम, वीरेंद्र कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि सभी पंचायत सचिवों की वेतन वृद्धि भी रोकने के आदेश किए गए हैं।
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भाजपा नेता ने ड्रमों को काटकर बना दिए थे कूड़ेदान
पीलीभीत। शासन ने जब स्वच्छता के लिए नए कूड़ेदान खरीदने के निर्देश दिए तो इसमें गड़बड़ी की योजना पहले ही बना ली गई थी। सूत्रों के अनुसार भाजपा संगठन में एक जिला स्तरीय पदाधिकारी ने कुछ लोगों की मदद से अपनी फर्म बनाकर लाखों का खेल कर दिया। पंचायत सचिवों और प्रधानों को इसी फर्म के जरिए तत्कालीन प्रशासनिक अफसर से दबाव डलवाकर कूड़ेदानों की खरीद ग्राम पंचायतों को कराई गई थी। दरअसल, भाजपा नेता ने सड़े-गले ड्रमों को काटकर उसका रंग रोगन कराकर कूड़ेदान का रूप दे दिया था। उसी में कूड़ेदानों की खरीद दिखाकर लाखों की रकम खातों से निकालकर 99 लाख रुपये का गबन कर लिया गया।
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वर्ष 2018 और 2019 में गांवों को स्वच्छ रखने को पंचायतवार कूड़ेदानों की खरीद कराई गई थी। किसी पंचायत में पांच हजार तो किसी ग्राम पंचायत में आठ हजार रुपये प्रति कूड़ेदान के हिसाब से बजट खर्च किया गया। उसमें भाजपा के एक जिला स्तरीय पदाधिकारी ने अपनी फर्म से ब्लाकों के माध्यम से ग्राम पंचायतों को ड्रम कटवाकर पंचायत सचिवों के जरिए कूड़ेदान सप्लाई करा दिए। ड्रम काटकर बनाए गए कूड़ेदानों की लागत बमुश्किल 800 रुपये प्रति कूड़ेदान से भी कम थी। ग्राम पंचायतों में कटे ड्रम पहुंचते ही घोटाले का शोर मच गया तो अधिकारी पहले तो पूरा मामला दबाने में लगे रहे। फिर हल्ला बढ़ने पर जांच शुरू कराई गई थी। जांच के बाद करीब 99 लाख रुपये का कूड़ेदान घोटाला निकलकर सामने आया था। उसमें 150 से अधिक ग्राम प्रधानों से कूड़ेदान खरीद की रकम रिकवरी के आदेश कर दिए गए थे। मगर, प्रधान और सचिवों ने दोबारा सांठगांठ कर ली और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। डीएम पुलकित खरे के संज्ञान में मामला आने के बाद दोबारा कार्रवाई शुरू हुई। तीन दिन पहले डीडीओ योगेंद्र पाठक ने 15 ग्राम विकास अधिकारियों पर कार्रवाई की थी। अब पंचायत राज विभाग की तरफ से भी मामले में फंसे 22 सचिवों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।
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इन पंचायत सचिवों को मिली प्रतिकूल प्रविष्टि
कूड़ेदान घोटाले में प्रतिकूल प्रविष्टि पाने वाले पंचायत सचिवों में अतुल पाठक, अवनीश कुमार, भगवत सरन, हरी सिंह, हरीश चंद्र, हरवंश कुमार, जितेंद्र कुमार, कृष्णपाल सिंह, मनोरंजन कुमार, मोहम्मद रिजवान, नूर उद्दीन, पंकज आर्य, प्रकाश राम, राजाराम, राजीव सक्सेना, राजकुमार वर्मा, राकेश शर्मा, रोशनी वर्मा, सुबोध कुमार, तौलेराम, तुलाराम, वीरेंद्र कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि सभी पंचायत सचिवों की वेतन वृद्धि भी रोकने के आदेश किए गए हैं।
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भाजपा नेता ने ड्रमों को काटकर बना दिए थे कूड़ेदान
पीलीभीत। शासन ने जब स्वच्छता के लिए नए कूड़ेदान खरीदने के निर्देश दिए तो इसमें गड़बड़ी की योजना पहले ही बना ली गई थी। सूत्रों के अनुसार भाजपा संगठन में एक जिला स्तरीय पदाधिकारी ने कुछ लोगों की मदद से अपनी फर्म बनाकर लाखों का खेल कर दिया। पंचायत सचिवों और प्रधानों को इसी फर्म के जरिए तत्कालीन प्रशासनिक अफसर से दबाव डलवाकर कूड़ेदानों की खरीद ग्राम पंचायतों को कराई गई थी। दरअसल, भाजपा नेता ने सड़े-गले ड्रमों को काटकर उसका रंग रोगन कराकर कूड़ेदान का रूप दे दिया था। उसी में कूड़ेदानों की खरीद दिखाकर लाखों की रकम खातों से निकालकर 99 लाख रुपये का गबन कर लिया गया।