फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Due to the crowd of Purnagiri fair, a temporary shed will be built on platform number one.

Pilibhit News: गोमती और कटना नदी के पुनरुद्धार के प्रयास शुरू, लखनऊ की टीम ने जांची स्थिति

Tue, 10 Mar 2026 11:58 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Tue, 10 Mar 2026 11:58 PM IST
विज्ञापन
Due to the crowd of Purnagiri fair, a temporary shed will be built on platform number one.
कलीनगर/पीलीभीत। गोमती और कटना नदी के पुनरुद्धार के प्रयास एक बार फिर शुरू हुए हैं। नमामि गंगे योजना में जल शक्ति मंत्रालय की ओर से टेक्निकल पार्टनर बनाए गए बाबा साहब भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने मंगलवार को गोमती और कटना नदी का स्थलीय निरीक्षण किया। सिंचाई विभाग के अफसरों से पानी की स्थिति पर चर्चा की और स्थानीय लोगों से भी जानकारी ली।
विज्ञापन

जिले की दो प्रमुख नदियों में शामिल गोमती और कटना नदी लंबे समय से बदहाल है। अविरल धारा के लिए कई बार करोड़ों का बजट खर्च किया गया। माधोटांडा रजवाहा से करोड़ों रुपये खर्च किए और नालों की खोदाई कर उद्गम स्थल तक लाए गए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद देवीपुर माइनर से भी माइनर निकालकर पानी पहुंचाने की कवायद भी सफल नहीं हो सकी। इससे गोमती नदी की धारा नहीं बह सकी। जनपद सीमा में नदी क्षेत्र में अतिक्रमण हावी हो गया।
विज्ञापन

यही स्थिति बीसलपुर क्षेत्र में कटना नदी की है। अतिक्रमण हावी है। पानी की स्थिति भी खराब है। इधर, जलशक्ति मंत्रालय की ओर से पूर्व में अस्तित्व खो रही नदियों को जीवित करने की योजना को मंजूरी दी गई। इसमें जिले की कटना और गोमती नदी को भी शामिल किया गया। परियोजना में नमामि गंगे के तहत कार्य कराए जाएंगे। मंत्रालय की ओर से बाबा साहब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी को टेक्निकल पार्टनर बनाया गया। टीम ने नदियों की वर्तमान स्थिति के बारे में जांच शुरू की है। मंगलवार को यूनिवर्सिटी के पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वैंकटेश दत्ता ने अपनी टीम के साथ गोमती और कटना नदी हाल जाना। गोमती पर झील और पानी की स्थिति को परखा। उद्गम स्थल के आगे की नदी की स्थिति को परखने के साथ स्थानीय जानकार निर्भय सिंह, राममूर्ति सिंह से जानकारी जुटाई। साथ में मौजूद सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग के अफसरों ने भी जानकारी जुटाई। इस दौरान एसडीएम प्रमेश कुमार भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
नदी के सौ मीटर दायरे से हटेगा अतिक्रमण
टीम ने स्पष्ट किया कि नदियों के पुनरुद्धार को लेकर शासन सख्त है। नदी क्षेत्र में अतिक्रमण को चिह्नित करने पर जोर दिया। कहा कि सौ मीटर दायरे में नदी क्षेत्र से अतिक्रमण हटाना प्राथमिकता में है। साथ ही अविरल धारा बहाने के लिए रणनीति पर अमल करने पर भी बल दिया गया। टीम ने सिंचाई अफसरों से गोमती नदी की अविरल धारा के लिए पूर्व में किए गए प्रयासों के साथ ही आगे 25 क्यूसेक पानी पहुंचाने के प्रस्ताव पर चर्चा की। इसपर अभियंताओं ने उच्च अफसरों से वार्तालाप के बाद ही कुछ कह पाने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed