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Pilibhit News: स्क्रैप सेंटर न होने से बरेली में कटवाए जा रहे कंडम वाहन
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पीलीभीत। समय सीमा पूरा कर चुके वाहनों को विभाग कंडम घोषित कर उन्हें कटवाने का आदेश देता है, जिससे कि उनका किसी तरह से दुरुपयोग न हो सके, लेकिन जिला मुख्यालय पर स्क्रैप सेंटर न होने की वजह से यहां के लोग अपने वाहनों को कटवाने के लिए बरेली जा रहे है।
जिला मुख्यालय पर स्क्रैप सेंटर बनवाने के लिए वर्ष 2021 में आदेश आ गया था, लेकिन मानकों को पूरा करने में लगभग दो से तीन करोड़ रुपये का खर्च आ रहा था। जिसके चलते सेेंटर नहीं बनवाया जा सका।
ऐसे में अब समयसीमा पूरी कर चुके वाहनों को कटवाने के लिए विभाग बरेली भेज रहा है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और वे समय व विभागीय झंझट से बचने के लिए बाइक, स्कूटी समेत अन्य छोटे वाहन कबाड़ की दुकानों पर बेच रहे है। इससे विभाग को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
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अपराधी भी ले रहे कबाड़ की दुकानों का सहारा
जिला मुख्यालय पर स्क्रैप सेंटर न होने से अपराधियों के लिए भी काफी सहूलियत हो गई है। वह आसानी से इन कबाड़ की दुकानों पर वाहन ले जाकर कटवा देते है।
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स्क्रैप सेंटर न होने सेे समय सीमा पूरी कर चुके वाहनों को बरेली भेजा जाता है। स्क्रैप सेंटर संचालन के लिए कोई भी आवेदन नहीं कर रहा है। कोशिश की जा रही है कि जल्द ही यहां भी सेंटर शुरू हो जाए।
- वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ
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जिला मुख्यालय पर स्क्रैप सेंटर बनवाने के लिए वर्ष 2021 में आदेश आ गया था, लेकिन मानकों को पूरा करने में लगभग दो से तीन करोड़ रुपये का खर्च आ रहा था। जिसके चलते सेेंटर नहीं बनवाया जा सका।
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ऐसे में अब समयसीमा पूरी कर चुके वाहनों को कटवाने के लिए विभाग बरेली भेज रहा है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और वे समय व विभागीय झंझट से बचने के लिए बाइक, स्कूटी समेत अन्य छोटे वाहन कबाड़ की दुकानों पर बेच रहे है। इससे विभाग को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
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अपराधी भी ले रहे कबाड़ की दुकानों का सहारा
जिला मुख्यालय पर स्क्रैप सेंटर न होने से अपराधियों के लिए भी काफी सहूलियत हो गई है। वह आसानी से इन कबाड़ की दुकानों पर वाहन ले जाकर कटवा देते है।
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स्क्रैप सेंटर न होने सेे समय सीमा पूरी कर चुके वाहनों को बरेली भेजा जाता है। स्क्रैप सेंटर संचालन के लिए कोई भी आवेदन नहीं कर रहा है। कोशिश की जा रही है कि जल्द ही यहां भी सेंटर शुरू हो जाए।
- वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ