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Pilibhit News: डाॅ. सचिन तीसरी बार विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों की सूची में शामिल
Tue, 23 Sep 2025 12:10 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 23 Sep 2025 12:10 AM IST
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वैज्ञानिक डा. सचिन कुमार
पीलीभीत। शहर के मोहल्ला तुलाराम निवासी सेवानिवृत्त ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक दयाराम माथुर के बड़े बेटे डॉ. सचिन कुमार को लगातार तीसरा बार विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है।
डाॅ. सचिन झारखंड के रांची स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पद पर तैनात हैं। वह ऊर्जा एवं पर्यावरण वैज्ञानिक हैं। वह अपशिष्ट मूल्य निर्धारण के क्षेत्र में कार्यरत हैं। ऊर्जा से संबंधित अन्य मुद्दों की खोज कर रहे हैं। अब तक उनके 61 अनुसंधान प्रकाशित हो चुके हैं। विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की रिपोर्ट हर साल स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता तैयार करते हैं।
एल्सेवियर की ओर से इस सूची का प्रकाशन किया जाता है। विगत 19 सितंबर को जारी सूची में डाॅ. सचिन को लगातार तीसरी बार शामिल किया गया है। उनके पिता का कहना है कि बेटे की इस उपलब्धि पर परिवार को गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने बताया कि सचिन की प्रारंभिक शिक्षा मोहल्ले में ही स्थित शिवाजी शिशु निकेतन में हुई।
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इंटरमीडियट तक की पढ़ाई शहर के ड्रमंड राजकीय इंटर काॅलेज से पूरी की। इसके बाद एमजेपी रुहेलखंड विवि से बीटेक और झारखंड के धनबाद से एमटेक किया। उड़ीसा के राउरकेला से पीएचडी करने के बाद रांची के केंद्रीय विवि में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर उनकी नियुक्ति हो गई थी। वह 30 अगस्त को पारिवारिक आयोजन में शामिल होने आए थे। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने डाॅ. सचिन को पत्र भेजकर इस उपलब्धि के लिए बधाई संदेश भेजा है। संवाद
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डाॅ. सचिन झारखंड के रांची स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पद पर तैनात हैं। वह ऊर्जा एवं पर्यावरण वैज्ञानिक हैं। वह अपशिष्ट मूल्य निर्धारण के क्षेत्र में कार्यरत हैं। ऊर्जा से संबंधित अन्य मुद्दों की खोज कर रहे हैं। अब तक उनके 61 अनुसंधान प्रकाशित हो चुके हैं। विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की रिपोर्ट हर साल स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता तैयार करते हैं।
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एल्सेवियर की ओर से इस सूची का प्रकाशन किया जाता है। विगत 19 सितंबर को जारी सूची में डाॅ. सचिन को लगातार तीसरी बार शामिल किया गया है। उनके पिता का कहना है कि बेटे की इस उपलब्धि पर परिवार को गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने बताया कि सचिन की प्रारंभिक शिक्षा मोहल्ले में ही स्थित शिवाजी शिशु निकेतन में हुई।
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इंटरमीडियट तक की पढ़ाई शहर के ड्रमंड राजकीय इंटर काॅलेज से पूरी की। इसके बाद एमजेपी रुहेलखंड विवि से बीटेक और झारखंड के धनबाद से एमटेक किया। उड़ीसा के राउरकेला से पीएचडी करने के बाद रांची के केंद्रीय विवि में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर उनकी नियुक्ति हो गई थी। वह 30 अगस्त को पारिवारिक आयोजन में शामिल होने आए थे। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने डाॅ. सचिन को पत्र भेजकर इस उपलब्धि के लिए बधाई संदेश भेजा है। संवाद