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दहेज पीड़िता ने रिश्वत देने से किया इनकार तो अमरिया पुलिस टाल गई कार्रवाई
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पीलीभीत। दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने पिटाई करने के बाद विवाहिता को घर से निकाल दिया। उसका आरोप है कि एक बार जबरन गर्भपात भी कराया गया। तहरीर मिलने के पांच दिन बाद भी अमरिया पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। महिला का कहना है कि थाने का एक सिपाही कार्रवाई के लिए रिश्वत की मांग कर रहा है। पीड़िता ने एसपी से शिकायत कर गुहार लगाई है।
बारादरी (बरेली) थाने की एजाज नगर गौंटिया की रहने वाली हिनी पुत्री मोहम्मद आफाक अहमद ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसकी शादी अमरिया के हर्रायपुर गांव निवासी एक व्यक्ति से हुई थी। पिता की मौत के बाद मां ने किसी तरह दहेज जुटाकर ससुुराल वालों को दिया था। मगर, उतने दहेज से ससुराल वाले संतुष्ट नहीं हुए। उससे ससुराल में बुलेट बाइक, जेवर समेत अन्य सामान की मांग की जाती रही। इसे देने में असमर्थता जताने पर ससुराल वाले उसकी पिटाई कर आए दिन प्रताड़ित करने लगे। 19 मई को पूर्वाहन 11 बजे पति समेत अन्य ससुराल वालों ने उसे बिना कुछ बताए कोई दवा देकर जबरन उसका गर्भपात करा दिया। पांच जून को ईद के दिन भी ससुराल वालों ने उसकी पिटाई की और घर से निकाल दिया। इसके बाद से वह मायके में रह रही है।
इस बीच ससुराल वाले मायके आए और झांसा देकर उसके बेटे को भी ले गए। इस मामले की चार जुलाई को अमरिया थाने में तहरीर दी गई, लेकिन पुलिस ने जांच के नाम पर टाल दिया। अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। महिला का आरोप है कि थाने का एक सिपाही कार्रवाई के लिए रिश्वत की मांग करता है। इसी वजह से ससुराल वालों पर कार्रवाई नहीं हुई, उधर, ससुराल वाले उस पर तलाक का दबाव बना रहे हैं। अमरिया पुलिस सांठगांठ कर ससुराल वालों को बचा रही है। उधर, एसओ अमरिया उदयवीर सिंह का कहना है कि चार जुलाई को शिकायत मिलने पर ससुराल वालों को बुलाया गया था, मगर वह नहीं आए। उस वक्त शिकायतकर्ता भी सुलह चाहते थे। सिपाही द्वारा रिश्वत मांगने के आरोप गलत हैं।
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बारादरी (बरेली) थाने की एजाज नगर गौंटिया की रहने वाली हिनी पुत्री मोहम्मद आफाक अहमद ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसकी शादी अमरिया के हर्रायपुर गांव निवासी एक व्यक्ति से हुई थी। पिता की मौत के बाद मां ने किसी तरह दहेज जुटाकर ससुुराल वालों को दिया था। मगर, उतने दहेज से ससुराल वाले संतुष्ट नहीं हुए। उससे ससुराल में बुलेट बाइक, जेवर समेत अन्य सामान की मांग की जाती रही। इसे देने में असमर्थता जताने पर ससुराल वाले उसकी पिटाई कर आए दिन प्रताड़ित करने लगे। 19 मई को पूर्वाहन 11 बजे पति समेत अन्य ससुराल वालों ने उसे बिना कुछ बताए कोई दवा देकर जबरन उसका गर्भपात करा दिया। पांच जून को ईद के दिन भी ससुराल वालों ने उसकी पिटाई की और घर से निकाल दिया। इसके बाद से वह मायके में रह रही है।
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इस बीच ससुराल वाले मायके आए और झांसा देकर उसके बेटे को भी ले गए। इस मामले की चार जुलाई को अमरिया थाने में तहरीर दी गई, लेकिन पुलिस ने जांच के नाम पर टाल दिया। अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। महिला का आरोप है कि थाने का एक सिपाही कार्रवाई के लिए रिश्वत की मांग करता है। इसी वजह से ससुराल वालों पर कार्रवाई नहीं हुई, उधर, ससुराल वाले उस पर तलाक का दबाव बना रहे हैं। अमरिया पुलिस सांठगांठ कर ससुराल वालों को बचा रही है। उधर, एसओ अमरिया उदयवीर सिंह का कहना है कि चार जुलाई को शिकायत मिलने पर ससुराल वालों को बुलाया गया था, मगर वह नहीं आए। उस वक्त शिकायतकर्ता भी सुलह चाहते थे। सिपाही द्वारा रिश्वत मांगने के आरोप गलत हैं।
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