{"_id":"6ab41b68b228adf3fc004712","slug":"dont-panic-in-times-of-trouble-seek-help-from-helpline-numbers-pilibhit-news-c-121-1-pbt1009-169506-2026-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: मुसीबत में घबराएं नहीं, हेल्पलाइन नंबरों से लें मदद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: मुसीबत में घबराएं नहीं, हेल्पलाइन नंबरों से लें मदद
Thu, 24 Sep 2026 12:03 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:03 AM IST
विज्ञापन
महिला थाना भ्रमण करने पहुंची छात्राएं। संवाद
पीलीभीत। पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से समझने और बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस दोस्त कार्यक्रम के तहत कंपोजिट विद्यालय सुनगढ़ी की कक्षा छह से आठ तक की छात्राओं ने महिला थाने का भ्रमण किया। छात्राओं ने महिला पुलिसकर्मियों से संवाद कर थाने में शिकायत दर्ज होने से लेकर जांच और कार्रवाई तक की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली।
विद्यालय के इंचार्ज फईम अहमद के नेतृत्व में महिला थाने पहुंचीं छात्राओं का महिला थाना प्रभारी निरीक्षक रीता कुमारी ने मार्गदर्शन किया। उन्होंने छात्राओं को बताया कि थाने में महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता है। किसी भी तरह की परेशानी, छेड़छाड़, धमकी, घरेलू हिंसा या अन्य समस्या होने पर चुप रहने के बजाय अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को जानकारी देनी चाहिए।
थाना प्रभारी ने छात्राओं को जरूरी हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि 112 पुलिस की आपातकालीन सेवा का नंबर है। किसी भी तत्काल पुलिस सहायता की जरूरत होने पर इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। 1090 महिला पावर लाइन है, जहां महिलाएं और बालिकाएं उत्पीड़न या परेशान किए जाने की स्थिति में सहायता ले सकती हैं।
विज्ञापन
इसके अलावा 181 महिला हेल्पलाइन के माध्यम से भी महिलाओं को सहायता मिल सकती है। छात्राओं को 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन के बारे में बताते हुए कहा गया कि किसी बच्चे के साथ परेशानी, शोषण या असुरक्षा की स्थिति में इस नंबर पर मदद ली जा सकती है। महिला थाना प्रभारी ने छात्राओं से कहा कि सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना ही सबसे महत्वपूर्ण है। किसी भी अप्रिय स्थिति में डरने या समस्या छिपाने के बजाय तत्काल भरोसेमंद बड़े व्यक्ति अथवा पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
इस दौरान मुख्य आरक्षी शशीवाला, कुमकुम और प्रिया धामा समेत महिला थाने का स्टाफ मौजूद रहा।
-- --
छात्राओं ने पूछे सवाल
भ्रमण के दौरान छात्राओं ने पुलिसकर्मियों से थाने में आने वाली शिकायतों, तहरीर दर्ज करने, जांच करने और कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर सवाल पूछे। पुलिसकर्मियों ने सरल भाषा में छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया। छात्राओं को यह भी बताया गया कि किसी अनजान व्यक्ति से निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए और इंटरनेट या मोबाइल के इस्तेमाल के दौरान भी सावधानी बरतनी चाहिए।
विज्ञापन
विद्यालय के इंचार्ज फईम अहमद के नेतृत्व में महिला थाने पहुंचीं छात्राओं का महिला थाना प्रभारी निरीक्षक रीता कुमारी ने मार्गदर्शन किया। उन्होंने छात्राओं को बताया कि थाने में महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता है। किसी भी तरह की परेशानी, छेड़छाड़, धमकी, घरेलू हिंसा या अन्य समस्या होने पर चुप रहने के बजाय अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को जानकारी देनी चाहिए।
विज्ञापन
थाना प्रभारी ने छात्राओं को जरूरी हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि 112 पुलिस की आपातकालीन सेवा का नंबर है। किसी भी तत्काल पुलिस सहायता की जरूरत होने पर इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। 1090 महिला पावर लाइन है, जहां महिलाएं और बालिकाएं उत्पीड़न या परेशान किए जाने की स्थिति में सहायता ले सकती हैं।
विज्ञापन
इसके अलावा 181 महिला हेल्पलाइन के माध्यम से भी महिलाओं को सहायता मिल सकती है। छात्राओं को 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन के बारे में बताते हुए कहा गया कि किसी बच्चे के साथ परेशानी, शोषण या असुरक्षा की स्थिति में इस नंबर पर मदद ली जा सकती है। महिला थाना प्रभारी ने छात्राओं से कहा कि सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना ही सबसे महत्वपूर्ण है। किसी भी अप्रिय स्थिति में डरने या समस्या छिपाने के बजाय तत्काल भरोसेमंद बड़े व्यक्ति अथवा पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
इस दौरान मुख्य आरक्षी शशीवाला, कुमकुम और प्रिया धामा समेत महिला थाने का स्टाफ मौजूद रहा।
छात्राओं ने पूछे सवाल
भ्रमण के दौरान छात्राओं ने पुलिसकर्मियों से थाने में आने वाली शिकायतों, तहरीर दर्ज करने, जांच करने और कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर सवाल पूछे। पुलिसकर्मियों ने सरल भाषा में छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया। छात्राओं को यह भी बताया गया कि किसी अनजान व्यक्ति से निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए और इंटरनेट या मोबाइल के इस्तेमाल के दौरान भी सावधानी बरतनी चाहिए।