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Pilibhit News: वन्यजीवों से संघर्ष नहीं, अपनाएं सहजीवन
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पीलीभीत के मरौरी गांव में बाघ एक्सप्रेस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक करती वन विभा
पीलीभीत। जंगल से सटे गांवों में वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में बाघ एक्सप्रेस कार्यक्रम के तहत तीन गांवों में नुक्कड़ कार्यक्रम किए गए। इसमें ‘वन्यजीवों से संघर्ष नहीं, अपनाएं सहजीवन’ विषय पर नाटक का मंचन कर लोगों को जागरूक किया गया।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के जंगल से सटे गांवों के लोगों को वन्यजीवों के प्रति मधुर व्यवहार रखने के लिए जोर दिया जा रहा है। इसके लिए बाघ एक्सप्रेस वाहन के माध्यम से जंगल से सटे 75 गांवों में जन जागरूकता कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
शनिवार को टीम ने भैरोंखुर्द, मरौरी और सैजनिया गांव में नुक्कड़ नाटक के जरिये ग्रामीणों को वन्यजीवों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान धरती से जीवन, धरती से हम तुम और धरती से संसार, आओ रे भैया मिल जुलकर करें इसे आबाद और वन्य जीवों से संघर्ष नहीं सहजीवन अपनाएं विषय पर नुक्कड़ नाटक का मंचन कर जागरूक किया गया।
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डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि बाघ एक्सप्रेस का चलाने का उद्देश्य मानव बाघ के संघर्ष को कम करना है। टीएसए फाउंडेशन इंडिया के डायरेक्टर डॉ. शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मनुष्यों और जंगली जानवरों के बीच संघर्ष का कारण मानव आबादी का विस्तार, संसाधन प्रतिस्पर्धा, कृषि विस्तार जैसे परिवर्तनों से बढ़ा है।
इसकी रोकथाम के लिए फसलों की कटाई शुरू करने से पहले खेत के आसपास ड्रम पीटकर आवाज करें या पटाखा चलाने के साथ मृत पशुओं को खुले में फेंकने से रोकने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में सूरज भुइया, हर्षित सिंह, बाबूराम, राम भरत यादव, नत्थू लाल वर्मा आदि कर्मी मौजूद रहे।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के जंगल से सटे गांवों के लोगों को वन्यजीवों के प्रति मधुर व्यवहार रखने के लिए जोर दिया जा रहा है। इसके लिए बाघ एक्सप्रेस वाहन के माध्यम से जंगल से सटे 75 गांवों में जन जागरूकता कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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शनिवार को टीम ने भैरोंखुर्द, मरौरी और सैजनिया गांव में नुक्कड़ नाटक के जरिये ग्रामीणों को वन्यजीवों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान धरती से जीवन, धरती से हम तुम और धरती से संसार, आओ रे भैया मिल जुलकर करें इसे आबाद और वन्य जीवों से संघर्ष नहीं सहजीवन अपनाएं विषय पर नुक्कड़ नाटक का मंचन कर जागरूक किया गया।
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डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि बाघ एक्सप्रेस का चलाने का उद्देश्य मानव बाघ के संघर्ष को कम करना है। टीएसए फाउंडेशन इंडिया के डायरेक्टर डॉ. शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मनुष्यों और जंगली जानवरों के बीच संघर्ष का कारण मानव आबादी का विस्तार, संसाधन प्रतिस्पर्धा, कृषि विस्तार जैसे परिवर्तनों से बढ़ा है।
इसकी रोकथाम के लिए फसलों की कटाई शुरू करने से पहले खेत के आसपास ड्रम पीटकर आवाज करें या पटाखा चलाने के साथ मृत पशुओं को खुले में फेंकने से रोकने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में सूरज भुइया, हर्षित सिंह, बाबूराम, राम भरत यादव, नत्थू लाल वर्मा आदि कर्मी मौजूद रहे।