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धनकुना में आठ गर्भवती महिलाओं ने खाया खाना
पीलीभीत, ब्यूरो
Updated Sat, 06 Aug 2016 11:32 PM IST
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चिकित्सक व बसपा नेता शैलेंद्र गंगवार के प्रयासों के बाद आखिरकार धनकुना गांव में गर्भवती महिलाओं ने आंगनबाड़ी केंद्र पर बना खाना खा लिया है। हालांकि, अभी 18 में आठ महिलाओं ने ही केंद्र पर पहुंचकर खाना खाया।
हौसला पोषण योजना के तहत अमरिया ब्लाक के गांव धनकुना के आंगनबाड़ी केंद्र पर बृहस्पतिवार को पंजीकृत सभी 18 महिलाओं ने दलित कार्यकत्री के हाथ से बना खाना खाने से इंकार कर दिया था। इससे प्रशासन और विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ था। शुक्रवार शाम बसपा नेता डॉ. शैलेंद्र गंगवार ने कुछ समाजसेवियों के साथ गांव पहुंचकर महिलाओं के साथ बैठक कर उन्हें समझाने का प्रयास किया था। इस पर महिलाएं एक हद तक खाना खाने को राजी हो गईं थीं। वहीं, शनिवार को सुबह डीपीओ राजकपूर, सीडीपीओ अरुण कुमार के साथ गांव पहुंचे। प्रधान रईस अहमद की मौजूदगी में दोनों आंगनबाड़ी केंद्रों का संयुक्त रूप से प्राइमरी स्कूल में खाना बनवाया गया। इसके बाद दोनों कार्यकत्रियों ने इसको गर्भवती महिलाओं को वितरित किया। डीपीओ के अनुसार दोनों केंद्रों की कुल मिलाकर 38 महिलाओं में से 17 ने केंद्र पर पहुंचकर खाना खाया। इसमें दो दिन पूर्व इंकार करने वाली 18 में से आठ महिलाएं ही शामिल थीं। फिलहाल गर्भवती महिलाओं द्वारा खाना खाने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। डीपीओ राजकपूर ने बताया कि समस्या का निस्तारण हो गया है। अब कोई दिक्कत नहीें है।
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हौसला पोषण योजना के तहत अमरिया ब्लाक के गांव धनकुना के आंगनबाड़ी केंद्र पर बृहस्पतिवार को पंजीकृत सभी 18 महिलाओं ने दलित कार्यकत्री के हाथ से बना खाना खाने से इंकार कर दिया था। इससे प्रशासन और विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ था। शुक्रवार शाम बसपा नेता डॉ. शैलेंद्र गंगवार ने कुछ समाजसेवियों के साथ गांव पहुंचकर महिलाओं के साथ बैठक कर उन्हें समझाने का प्रयास किया था। इस पर महिलाएं एक हद तक खाना खाने को राजी हो गईं थीं। वहीं, शनिवार को सुबह डीपीओ राजकपूर, सीडीपीओ अरुण कुमार के साथ गांव पहुंचे। प्रधान रईस अहमद की मौजूदगी में दोनों आंगनबाड़ी केंद्रों का संयुक्त रूप से प्राइमरी स्कूल में खाना बनवाया गया। इसके बाद दोनों कार्यकत्रियों ने इसको गर्भवती महिलाओं को वितरित किया। डीपीओ के अनुसार दोनों केंद्रों की कुल मिलाकर 38 महिलाओं में से 17 ने केंद्र पर पहुंचकर खाना खाया। इसमें दो दिन पूर्व इंकार करने वाली 18 में से आठ महिलाएं ही शामिल थीं। फिलहाल गर्भवती महिलाओं द्वारा खाना खाने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। डीपीओ राजकपूर ने बताया कि समस्या का निस्तारण हो गया है। अब कोई दिक्कत नहीें है।
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