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11 महीने बाद भी नहीं आई डीएनए टेस्ट रिपोर्ट
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Wed, 19 Apr 2017 11:03 PM IST
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ग्यारह महीने बीतने के बाद भी मजदूर महेंद्र की हत्या की गुत्थी पहेली बनी हुई है। मृतक की शिनाख्त को लेकर उठे सवालों के जवाब तलाशने को कराई गई डीएनए जांच की रिपोर्ट एफएसएल से अभी तक नहीं आ सकी। इससे हत्या की घटना को कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। 24 मई 2016 को गजरौला के सराय गांव स्थित एक खेत में अधजली हालत में चौबीस वर्षीय युवक का शव मिला था, जिसकी तीन माह बाद गांव के ही मजदूर महेंद्र के रुप में शिनाख्त की गई। पहचान होने के बाद पुलिस ने जल्द खुलासे का दंभ भरा। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, लेकिन सुराग न मिलने पर कार्रवाई ठप पड़ गई। खुलासे पर लगाए गए एकाएक चार थानाध्यक्ष बदल गए, लेकिन प्रगति नहीं हो सकी। जिसके बाद पुलिस ने मृतक के महेंद्र होने पर ही संदेह करना शुरू कर दिया। इसकी जांच के लिए उसके परिवारीजनों के सेंपिल लेकर डीएनए जांच को फारेंसिक लैब लखनऊ भेजे गए। इसकी रिपोर्ट महीनों बाद भी नहीं आ सकी है। सीओ सिटी अनुराग दर्शन ने बताया कि डीएनए जांच रिपोर्ट मंगाने को लेकर दो बार रिमाइंडर एफएसएल भेजा जा चुका है। रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई को गति मिल सकेगी। पुलिस स्थानीय स्तर पर सुरागरसी कर रही है।
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