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डीएम ने तलब की कब्जामुक्त कराई गई सरकारी जमीनों की सूची
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पीलीभीत। सरकारी जमीनों पर कब्जों के मामले में अब डीएम संजीदा हुए हैं। समस्त एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट से कब्जामुक्त कराई गई जमीनों की डिटेल तलब की गई है। डीएम के निर्देश मिलने के बाद अधिकारी सूची तैयार कराने में जुटे हुए हैं।
जनपद में सरकारी जमीनों पर बड़े पैमाने पर कब्जा है। तालाबों को पाटकर मकान बना लिए गए। नदियों की जमीन पर खेती की जा रही है। कई सरकारी जमीनों पर कॉलोनियां बना दी गई। वन विभाग की जमीन पर भी कई जगह कब्जे हो रखे हैं। बड़े कब्जेदारों पर एंटी भू-माफिया मुहिम में भी शिकंजा नहीं कसा जा सका। नवागत डीएम पुलकित खरे अब इस मामले को लेकर संजीदा हुए हैं। पांचों एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट से ब्योरा तलब किया है। इसमें मांगा है कि कितनी सरकारी जमीनों से अब तक कब्जा छुड़वाया जा चुका है। कब्जामुक्त कराने के बाद सरकारी जमीन पर क्या किया गया। तार फेंसिंग कराई गई, बाउंड्रीवॉल बनी या फिर कोई अन्य कार्य कराया। वर्तमान में उन जमीनों के हालात कैसे हैं। 24 घंटे में इसकी सूची बनाकर देने के निर्देश दिए गए। डीएम के सूची मांगने के बाद प्रशासनिक अमले में खलबली मची है। कार्रवाई का ब्योरा जुटाने के लिए अफसरों के कार्यालयों में कर्मचारी अभिलेख छांटते रहे।
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जनपद में सरकारी जमीनों पर बड़े पैमाने पर कब्जा है। तालाबों को पाटकर मकान बना लिए गए। नदियों की जमीन पर खेती की जा रही है। कई सरकारी जमीनों पर कॉलोनियां बना दी गई। वन विभाग की जमीन पर भी कई जगह कब्जे हो रखे हैं। बड़े कब्जेदारों पर एंटी भू-माफिया मुहिम में भी शिकंजा नहीं कसा जा सका। नवागत डीएम पुलकित खरे अब इस मामले को लेकर संजीदा हुए हैं। पांचों एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट से ब्योरा तलब किया है। इसमें मांगा है कि कितनी सरकारी जमीनों से अब तक कब्जा छुड़वाया जा चुका है। कब्जामुक्त कराने के बाद सरकारी जमीन पर क्या किया गया। तार फेंसिंग कराई गई, बाउंड्रीवॉल बनी या फिर कोई अन्य कार्य कराया। वर्तमान में उन जमीनों के हालात कैसे हैं। 24 घंटे में इसकी सूची बनाकर देने के निर्देश दिए गए। डीएम के सूची मांगने के बाद प्रशासनिक अमले में खलबली मची है। कार्रवाई का ब्योरा जुटाने के लिए अफसरों के कार्यालयों में कर्मचारी अभिलेख छांटते रहे।
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