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यूरिया का कालाबाजारी पर डीएम ने सात समिति सचिवों पर कराई एफआईआर
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पीलीभीत। उर्वरकों और खासतौर से यूरिया की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी को लेकर डीएम एक्शन में आ गए हैं। गड़बड़ी करने वालों पर शिकंजा कसते हुए डीएम पुलकित खरे ने 12 यूरिया विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त कर दिए, जबकि सात सहकारी समितियों के सचिव पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
यूरिया की किल्लत को लेकर बीते दिनों काफी हंगामा मचा गया था। यूरिया की खरीद बीते वर्षों की अपेक्षा अनुमान से अधिक हुई। इसके बावजूद किसान यूरिया को लेकर परेशान थे। सहकारी समितियों पर यूरिया का स्टॉक खत्म हो गया था। इस मामले में शासन से निर्देश मिलने के बाद जिला स्तर पर डिप्टी डायरेक्टर कृषि और तहसीलदार सदर को शामिल करते हुए तीन सदस्यीय टीम ने यूरिया किल्लत की जांच की। इसमें सामने आया कि सहकारी समितियों के स्टाफ ने अपने और परिवार के लोगों के नाम से बड़े पैमाने पर खरीद कर ली थी। इसकी जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी गई। इसके बाद डीएम पुलकित खरे ने बुधवार को कृषि और सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ यूरिया की किल्तत पर समीक्षा बैठक की। उन्होंने उर्वरक की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी करने वालों पर सख्त रुख अपनाया। डीएम ने बताया कि एक अप्रैल से 31 जुलाई तक बिक्री की गई यूरिया का सत्यापन कराया गया था। इसमें संबंधित समितियों और उर्वरक विक्रेताओं को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिला। इसके बाद नांद साधन सहकारी समिति, जोगराजपुर साधन सहकारी समिति, जमुनिया सहकारी समिति, रंपुरा फकीरे किसान साधन सहकारी समिति, भिकारीपुर साधन सहकारी समिति, अमरिया किसान सेवा सहकारी समिति, करगैना साधन सहकारी समिति के सचिवों पर मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। 12 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। डीएम ने कहा कि किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कालाबाजारी और मुनाफाखोरी रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।
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यूरिया की किल्लत को लेकर बीते दिनों काफी हंगामा मचा गया था। यूरिया की खरीद बीते वर्षों की अपेक्षा अनुमान से अधिक हुई। इसके बावजूद किसान यूरिया को लेकर परेशान थे। सहकारी समितियों पर यूरिया का स्टॉक खत्म हो गया था। इस मामले में शासन से निर्देश मिलने के बाद जिला स्तर पर डिप्टी डायरेक्टर कृषि और तहसीलदार सदर को शामिल करते हुए तीन सदस्यीय टीम ने यूरिया किल्लत की जांच की। इसमें सामने आया कि सहकारी समितियों के स्टाफ ने अपने और परिवार के लोगों के नाम से बड़े पैमाने पर खरीद कर ली थी। इसकी जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी गई। इसके बाद डीएम पुलकित खरे ने बुधवार को कृषि और सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ यूरिया की किल्तत पर समीक्षा बैठक की। उन्होंने उर्वरक की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी करने वालों पर सख्त रुख अपनाया। डीएम ने बताया कि एक अप्रैल से 31 जुलाई तक बिक्री की गई यूरिया का सत्यापन कराया गया था। इसमें संबंधित समितियों और उर्वरक विक्रेताओं को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिला। इसके बाद नांद साधन सहकारी समिति, जोगराजपुर साधन सहकारी समिति, जमुनिया सहकारी समिति, रंपुरा फकीरे किसान साधन सहकारी समिति, भिकारीपुर साधन सहकारी समिति, अमरिया किसान सेवा सहकारी समिति, करगैना साधन सहकारी समिति के सचिवों पर मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। 12 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। डीएम ने कहा कि किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कालाबाजारी और मुनाफाखोरी रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।
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