{"_id":"57cefdcd4f1c1b3d3b318637","slug":"dial-100-from-the-scheme-would-strengthen-the-police-system","type":"story","status":"publish","title_hn":"डायल 100 स्कीम से मजबूत होगा पुलिस तंत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डायल 100 स्कीम से मजबूत होगा पुलिस तंत्र
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Tue, 06 Sep 2016 11:05 PM IST
विज्ञापन
पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
- डीजीपी की मुहिम को सफल बनाने में जुटे हैं अफसर
- थानावार प्वाइंटों के चिह्निकरण का डाटा हो रहा अपलोड
घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचने में पुलिस को देरी न हो और पीड़ित को न्याय मिल सके। इसके लिए शुरू की गई डायल 100 मुहिम को सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर अफसरों ने तेजी दिखाई है। थाना स्तर पर प्वाइंट चिह्नीकरण कार्य लगभग पूरा किया जा चुका है। अफसर खुद मानीटरिंग कर डाटा कंप्यूटर पर अपलोड करा रहे है।
अक्सर पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर पर शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस के मौके पर देरी से पहुंचने की शिकायतें सामने आती थीं। ऐसे में कई बार अपराधी पुलिस के हाथ से निकल जाते थे। कारण पुलिस को मौके तक पहुंचने की सही जानकारी न होना पाया जाता था। अब ऐसा न हो सके, इसके लिए डायल 100 अभियान के तहत खाकी को मजबूत बनाने की पहल शुरू की गई है। इसमें पुलिस को हाइटेक बनाया जा रहा है। समस्त थाना, चौकी क्षेत्रों के आसपास के ऐसे प्वाइंट चिह्नित किए जा रहे है, जिससे पुलिस मौके तक पहुंचने का रास्ता मोबाइल पर देखकर ही समझ ले। एक सॉफ्टवेयर तैयार कर पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन में अपलोड किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के चिह्नित किए गए प्वाइंट और गांव के मैप भी होंगे, जिससे घटनास्थल तक पहुंचना पुलिस के लिए मुश्किल नहीं होगा। इसकी एसपी मुनिराज खुद मानीटरिंग कर रहे है। बैठकें कर मातहतों के कार्य की समीक्षा की जा रही है। इसमें गांवों के धार्मिक स्थल, स्कूल, प्रमुख दुकानें, मोड़ आदि ऐसे प्वाइंट की सूची बनाई गई है। प्रत्येक थाने का स्क्रैप मैप होगा, जिससे चिह्नित किए गए बिंदुओं की दिशा का पुलिस कर्मियों को पता लग सकेगा।
एएसपी बनाए गए नोडल अफसर
जिले में डीजीपी जावीद अहमद की मुहिम को अमलीजामा पहनाने के लिए डायल 100 प्रकोष्ठ का गठन कर दिया गया है। इसके नोडल अधिकारी एएसपी विकास कुमार वैद्य बनाए गए है। सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया है। इसके अलावा प्रभारी एसआई बलवीर सिंह बनाए गए है। इसके अलावा तीन सिपाही दुर्गेश मिश्रा, नीरज कुमार, माधुरी मिश्रा को भी प्रकोष्ठ में शामिल किया गया है।
विज्ञापन
सुनगढ़ी, कोतवाली समेत पांच थाने पिछड़े
एसपी के निर्देश पर वैसे तो थाना पुलिस की ओर से चार से पांच सौ प्वाइंटों का चिह्नीकरण किया गया है, लेकिन पांच थानों की ओर से चिह्नीकरण कार्य काफी सुस्त रहा है। इसके चलते उनको पिछड़ा बताया गया है। दियोरियाकलां ने 104, सुनगढ़ी ने 151, कोतवाली ने 165, बिलसंडा ने 165 और हजारा ने 183 प्वाइंट ऑफ इंटरेस्ट (पीओआई) चिह्नित किए हैं।
मिलेंगे चार पहिया वाहन
डायल 100 को कामयाब बनाने में पुलिस के सामने वाहनों की समस्या आड़े नहीं आएगी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय से जिले में चार पहिया और दोपहिया वाहन भी भेजे जाएंगे। इसके लिए विभागीय स्तर पर कागजी कार्रवाई तेजी से की जा रही है।
थानों से भेजे गए डाटा को कंप्यूटर में अपलोड किया जा रहा है। इसकी एसपी खुद मानीटरिंग कर रहे है। चिह्नित किए गए प्वाइंटों को घटाने -बढ़ाने का कार्य एसपी की निगरानी में हो रहा है। बैठक कर मातहतों को इससे जुड़ी जानकारी दी जा रही है। डायल 100 की मजबूती से काफी मदद पुलिस को मिलेगी।
- निर्मल कुमार विष्ट, पर्यवेक्षण अधिकारी (डायल 100)
- थानावार प्वाइंटों के चिह्निकरण का डाटा हो रहा अपलोड
घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचने में पुलिस को देरी न हो और पीड़ित को न्याय मिल सके। इसके लिए शुरू की गई डायल 100 मुहिम को सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर अफसरों ने तेजी दिखाई है। थाना स्तर पर प्वाइंट चिह्नीकरण कार्य लगभग पूरा किया जा चुका है। अफसर खुद मानीटरिंग कर डाटा कंप्यूटर पर अपलोड करा रहे है।
अक्सर पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर पर शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस के मौके पर देरी से पहुंचने की शिकायतें सामने आती थीं। ऐसे में कई बार अपराधी पुलिस के हाथ से निकल जाते थे। कारण पुलिस को मौके तक पहुंचने की सही जानकारी न होना पाया जाता था। अब ऐसा न हो सके, इसके लिए डायल 100 अभियान के तहत खाकी को मजबूत बनाने की पहल शुरू की गई है। इसमें पुलिस को हाइटेक बनाया जा रहा है। समस्त थाना, चौकी क्षेत्रों के आसपास के ऐसे प्वाइंट चिह्नित किए जा रहे है, जिससे पुलिस मौके तक पहुंचने का रास्ता मोबाइल पर देखकर ही समझ ले। एक सॉफ्टवेयर तैयार कर पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन में अपलोड किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के चिह्नित किए गए प्वाइंट और गांव के मैप भी होंगे, जिससे घटनास्थल तक पहुंचना पुलिस के लिए मुश्किल नहीं होगा। इसकी एसपी मुनिराज खुद मानीटरिंग कर रहे है। बैठकें कर मातहतों के कार्य की समीक्षा की जा रही है। इसमें गांवों के धार्मिक स्थल, स्कूल, प्रमुख दुकानें, मोड़ आदि ऐसे प्वाइंट की सूची बनाई गई है। प्रत्येक थाने का स्क्रैप मैप होगा, जिससे चिह्नित किए गए बिंदुओं की दिशा का पुलिस कर्मियों को पता लग सकेगा।
विज्ञापन
एएसपी बनाए गए नोडल अफसर
जिले में डीजीपी जावीद अहमद की मुहिम को अमलीजामा पहनाने के लिए डायल 100 प्रकोष्ठ का गठन कर दिया गया है। इसके नोडल अधिकारी एएसपी विकास कुमार वैद्य बनाए गए है। सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया है। इसके अलावा प्रभारी एसआई बलवीर सिंह बनाए गए है। इसके अलावा तीन सिपाही दुर्गेश मिश्रा, नीरज कुमार, माधुरी मिश्रा को भी प्रकोष्ठ में शामिल किया गया है।
विज्ञापन
सुनगढ़ी, कोतवाली समेत पांच थाने पिछड़े
एसपी के निर्देश पर वैसे तो थाना पुलिस की ओर से चार से पांच सौ प्वाइंटों का चिह्नीकरण किया गया है, लेकिन पांच थानों की ओर से चिह्नीकरण कार्य काफी सुस्त रहा है। इसके चलते उनको पिछड़ा बताया गया है। दियोरियाकलां ने 104, सुनगढ़ी ने 151, कोतवाली ने 165, बिलसंडा ने 165 और हजारा ने 183 प्वाइंट ऑफ इंटरेस्ट (पीओआई) चिह्नित किए हैं।
मिलेंगे चार पहिया वाहन
डायल 100 को कामयाब बनाने में पुलिस के सामने वाहनों की समस्या आड़े नहीं आएगी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय से जिले में चार पहिया और दोपहिया वाहन भी भेजे जाएंगे। इसके लिए विभागीय स्तर पर कागजी कार्रवाई तेजी से की जा रही है।
थानों से भेजे गए डाटा को कंप्यूटर में अपलोड किया जा रहा है। इसकी एसपी खुद मानीटरिंग कर रहे है। चिह्नित किए गए प्वाइंटों को घटाने -बढ़ाने का कार्य एसपी की निगरानी में हो रहा है। बैठक कर मातहतों को इससे जुड़ी जानकारी दी जा रही है। डायल 100 की मजबूती से काफी मदद पुलिस को मिलेगी।
- निर्मल कुमार विष्ट, पर्यवेक्षण अधिकारी (डायल 100)