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Pilibhit News: एनओसी के फेर में अटका धनाराघाट पुल
Sun, 02 Mar 2025 12:04 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 02 Mar 2025 12:04 AM IST
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पीलीभीत/ पूरनपुर। शारदा नदी पार के गांवों में आवागमन के लिए पूरनपुर इलाके में धनाराघाट पर स्वीकृत पुल का निर्माण एक वर्ष बाद भी शुरू नहीं हो सका। पिछले वर्ष मार्च में पुल निर्माण को स्वीकृति मिली और पहली किस्त में करीब 94 करोड़ रुपये भी जारी हुए।
सर्वे हुआ और फिर काम वन विभाग की एनओसी में अटक गया, जो अब तक लटका है। पुल निर्माण न होने से बरसात के मौसम में शारदा पार के गांवों की करीब एक लाख आबादी को 30 की जगह 130 किमी दूरी तय करनी पड़ती है। पूरनपुर तहसील की करीब 16 ग्राम पंचायतें शारदा नदी पार क्षेत्र में पड़ती हैं। इन गांवों में आवागमन के लिए हर साल नदी पर पैंटून पुल बनाया जाता है। बरसात में बाढ़ की आशंका पर पुल हटाने और पुल तैयार कर आवागमन शुरू करने की तिथियां 15 जून और 15 अक्तूबर निर्धारित हैं। हालांकि कई वर्षों से निर्धारित तिथि पर पुल से आवागमन शुरू नहीं हो पाता।
पुल हटने पर शारदा पार आवागमन के लिए लोगों को 30 की जगह 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। शाहजहांपुर के खुटार, मैलानी, संपूर्णानगर, पलिया होकर ग्रामीण आवाजाही करते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए मार्च 2024 में धनाराघाट पर करीब 269 करोड़ से पुल निर्माण की स्वीकृति मिली।
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पहली किस्त के रूप में करीब 94 करोड़ रुपये भी जारी हो गए। लोक निर्माण और सेतु निगम के अफसरों ने सेतु निर्माण के लिए सर्वे और अन्य प्रक्रिया भी पूरी कर ली। बाद में प्रक्रिया वन विभाग की एनओसी में अटक गई। अब तक कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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सर्वे हुआ और फिर काम वन विभाग की एनओसी में अटक गया, जो अब तक लटका है। पुल निर्माण न होने से बरसात के मौसम में शारदा पार के गांवों की करीब एक लाख आबादी को 30 की जगह 130 किमी दूरी तय करनी पड़ती है। पूरनपुर तहसील की करीब 16 ग्राम पंचायतें शारदा नदी पार क्षेत्र में पड़ती हैं। इन गांवों में आवागमन के लिए हर साल नदी पर पैंटून पुल बनाया जाता है। बरसात में बाढ़ की आशंका पर पुल हटाने और पुल तैयार कर आवागमन शुरू करने की तिथियां 15 जून और 15 अक्तूबर निर्धारित हैं। हालांकि कई वर्षों से निर्धारित तिथि पर पुल से आवागमन शुरू नहीं हो पाता।
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पुल हटने पर शारदा पार आवागमन के लिए लोगों को 30 की जगह 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। शाहजहांपुर के खुटार, मैलानी, संपूर्णानगर, पलिया होकर ग्रामीण आवाजाही करते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए मार्च 2024 में धनाराघाट पर करीब 269 करोड़ से पुल निर्माण की स्वीकृति मिली।
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पहली किस्त के रूप में करीब 94 करोड़ रुपये भी जारी हो गए। लोक निर्माण और सेतु निगम के अफसरों ने सेतु निर्माण के लिए सर्वे और अन्य प्रक्रिया भी पूरी कर ली। बाद में प्रक्रिया वन विभाग की एनओसी में अटक गई। अब तक कार्य शुरू नहीं हो सका है।