फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   devlopment

नौगवां पकड़िया में अब हो सकेगा शहर जैसा विकास

Tue, 10 Mar 2015 11:58 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत Updated Tue, 10 Mar 2015 11:58 PM IST
विज्ञापन
devlopment
सचिव नगर विकास श्रीप्रकाश सिंह ने सोमवार देर शाम शहर के नौगवां क्रासिंग के पास बसे गांव नौगवां पकड़िया को नगर पंचायत दिए जाने का आदेश जारी किया। शहर की सीमा से सटे होने के साथ-साथ इस गांव के बरेली-टनकपुर मार्ग पर होने के कारण शहर व आसपास के लोग वहां जाकर बसते रहे हैं। करीब एक दशक पहले तक इस गांव की आबादी करीब 10-12 हजार थी। शहर की घनी आबादी के साथ ही आसपास के तमाम गांवों के लोग आकर यहां बसने लगे। 2008-09 में बनाई गई दोनों कांशीराम कालोनी को भी इसी गांव में शामिल कर लिया गया। गांव की आबादी वर्तमान में करीब 50 हजार है। गांव की अधिकांश सड़के कच्ची हैं। पक्की सड़कों की दशा भी काफी खराब है। गांव में शुद्ध पेयज की समस्या सबसे बड़ी है। गांव में दो सफाईकर्मी तो नियुक्त हैं, लेकिन बड़ा गांव होने के नाते सफाई उनके बूते के बाहर रहती है।
विज्ञापन


दो माह पहले शासन को भेजा था प्रस्ताव
अपर जिलाधिकारी आलोक सिंह ने बताया कि सदर तहसील का गांव पकड़िया नौगवां आबादी के लिहाज से सबसे बड़ा है। शासन ने दस हजार से अधिक की आबादी वाले गांवों को नगर पंचायत का दर्जा देने के उद्देश्य से रिपोर्ट मांगी थी। जिसके आधार पर जिला प्रशासन ने रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। सूचना मिली है कि शासन से इस गांव को नगर पंचायत का दर्जा दे दिया है, लेकिन अभी आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
विज्ञापन


गांव के लोगों को जगी विकास की उम्मीद
गांव के पूर्व प्रधान अशरफ अली ने बताया कि देहवा नदी के किनारे इस गांव के बसे होने से बरसात के दिनों में गंदा पानी गांव की आबादी तक पहुंच जाता है। गंदे पानी का वाटर लेबिल ऊंचा होने के कारण घरों के हैंडपंपों से भी पीने योग्य पानी नहीं निकलता। नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद शहरी तर्ज पर गांव का विकास होने पर इस समस्या का स्थाई समाधान हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


गांव के कोटेदार शफीक खां ने बताया कि गांव में तेजी से बढ़ती तो बढ़ी लेकिन जल निकास आदि के उचित प्रबंध नहीं किए गए। जिससे जहां-तहां घरों का गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है। नगर पंचायत होने पर इसकी विधिवत व्यवस्था हो जाएगी। जिसका लाभ लोगों को मिलेगा।


स्वास्थ्य-शिक्षा की होगी बेहतर व्यवस्था
गांव निवासी सितारा बेगम ने बताया कि गांव होने के कारण यहां शिक्षा व स्वास्थ्य की उचित व्यवस्था नहीं थी। गांव के बच्चों को रेलवे लाइन पार कर शहर में पढ़ने जाना पड़ता था। अब गांव में ही उचित चिकित्सा व शिक्षा की व्यवस्था मिल सकेगी।

आबादी                    50,000
एपीएल कार्ड धारक       2166
बीपीएल ,,    ,,            126
अंत्योदय ,,  ,,               80
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed