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विभाग का दावा : बारिश से गन्ने की फसल को नहीं पहुंची क्षति
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पीलीभीत। बारिश होने के बाद फसलों में नुकसान होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में गन्ना विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जिले की गन्ने की फसल को अभी किसी तरह का कोई नुकसान नहीं है। जिसको लेकर विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों की ओर से जिले के दो लाख किसानों को जागरूक कर फसल को बचाने संबंधी सलाह दी जा रही है।
जिले में करीब दो लाख 36 हजार किसान 1.25 हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन पर गन्ने की फसल कर रहे हैं। बारिश होने पर फसलों को नुकसान होता है। ऐसे में जिले में हुई बारिश के हिसाब से गन्ने की फसल को नुकसान नहीं है। अन्य वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष महज 50 फीसदी ही बारिश हुई है। इससे गन्ने की फसल अभी सही है।
गन्ने की फसल को सही रखने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। ताकि किसानों को फसल का नुकसान न हो। साथ ही तहसील मुख्यालय पर संचालित कार्यालयों के कर्मचारियों को दिशा निर्देश जारी कर किसानों को जागरूक करने की सलाह दी गई है।
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जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव ने बताया कि किसान गन्ने की फसल को बचाने के लिए खेतों में पानी की निकास की व्यवस्था को सही रखें। जिससे गन्ने की जड़ों को सड़न से बचाया जा सके। साथ ही जिन खेतों जलभराव की समस्या रहती है, वहां नाली बनाकर जल निकासी प्रबंध करें। जहां पानी की वजह से गन्ना झुक गया है, वह किसान गन्ने को बांधकर उसे सीधा करें। रोगों के प्रकोप को देखते हुए उनमें उनमें कार्बेंडाजिम या मैनकोजेब जैसे फफूंदनाशी का छिड़काव करें। जिससे गन्ने की फसल को बचाया जा सके।
बैठक कर करें जागरूक, मुख्यालय भेजी जाए रिपोर्ट
शासन से आए आदेश में निर्देश हैं कि ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक पीलीभीत, बीसलपुर, पूरनपुर, बरखेड़ा मझोला व सभी चीनी मिलों के अधिकारी भ्रमण कर क्षेत्रों में बैठक करें। साथ ही किसानों को टोल फ्री नंबर को जानकारी दें। जिससे समस्या आने पर वह लोग अपनी समस्या का समाधान करा सकें।
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जिले में करीब दो लाख 36 हजार किसान 1.25 हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन पर गन्ने की फसल कर रहे हैं। बारिश होने पर फसलों को नुकसान होता है। ऐसे में जिले में हुई बारिश के हिसाब से गन्ने की फसल को नुकसान नहीं है। अन्य वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष महज 50 फीसदी ही बारिश हुई है। इससे गन्ने की फसल अभी सही है।
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गन्ने की फसल को सही रखने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। ताकि किसानों को फसल का नुकसान न हो। साथ ही तहसील मुख्यालय पर संचालित कार्यालयों के कर्मचारियों को दिशा निर्देश जारी कर किसानों को जागरूक करने की सलाह दी गई है।
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जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव ने बताया कि किसान गन्ने की फसल को बचाने के लिए खेतों में पानी की निकास की व्यवस्था को सही रखें। जिससे गन्ने की जड़ों को सड़न से बचाया जा सके। साथ ही जिन खेतों जलभराव की समस्या रहती है, वहां नाली बनाकर जल निकासी प्रबंध करें। जहां पानी की वजह से गन्ना झुक गया है, वह किसान गन्ने को बांधकर उसे सीधा करें। रोगों के प्रकोप को देखते हुए उनमें उनमें कार्बेंडाजिम या मैनकोजेब जैसे फफूंदनाशी का छिड़काव करें। जिससे गन्ने की फसल को बचाया जा सके।
बैठक कर करें जागरूक, मुख्यालय भेजी जाए रिपोर्ट
शासन से आए आदेश में निर्देश हैं कि ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक पीलीभीत, बीसलपुर, पूरनपुर, बरखेड़ा मझोला व सभी चीनी मिलों के अधिकारी भ्रमण कर क्षेत्रों में बैठक करें। साथ ही किसानों को टोल फ्री नंबर को जानकारी दें। जिससे समस्या आने पर वह लोग अपनी समस्या का समाधान करा सकें।