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डेंगू के डंक से थर्राया जिला
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Wed, 14 Sep 2016 11:24 PM IST
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डेंगू के डंक से थर्राया जिला
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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जिले भर में डेंगू को लेकर भले ही हाहाकार मचा हो, तमाम पीड़ित जिला समेत महानगरों के अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन स्वास्थ्य महकमे के आंकड़े में अभी भी डेंगू निल ही है। महकमे ने इतना अवश्य किया है कि जिले के करीब 13 मरीजों के ब्लड सैंपल जांच को भेजे हैं, लेकिन इनकी रिपोर्ट कब तक आएगी, महकमे को इसकी कोई ठोस जानकारी नहीं है।
जिले में करीब पखवाड़ा भर पूर्व से ही डेंगू दस्तक दे चुका है। तमाम लोग बुखार की चपेट में आकर जिले समेत बरेली व अन्य महानगरों के अस्पतालों में भर्ती हैं। अकेले जिला अस्पताल में ही इन दिनों करीब छह संदिग्ध डेंगू पीड़ित भर्ती हैं। इन सभी में डेंगू की आशंका के चलते ही इन्हें भर्ती किया गया है। वहीं शहर के प्राइवेट अस्पतालों में रोजाना ही इससे जुड़े मरीज भर्ती है। एक प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अब उन्होंने करीब 23 मरीज खुद बरेली रेफर किए हैं। हाल ही में एक भाजपा नेता के भांजे शुभम की मौत भी हो चुकी है। परिवार वालों के मुताबिक शुभम की मौत डेंगू से होना बताया। इन सबके बावजूद स्वास्थ्य विभाग जिले में अभी तक डेंगू से जुड़ा एक भी केस न मिलने का दावा करता आ रहा है।
डेंगू की आंशका पर भाई बहन जिला अस्पताल में भर्ती
शहर के मोहल्ला खुशीमल निवासी अमरदीप की 14 वर्षीय पुत्री दीपांशी व 18 वर्षीय पुत्र रौनक को डेंगू की आशंका के चलते बुधवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अमरदीप के मुताबिक दोनों को तेज बुखार आया था। हालत में सुधार न होने पर उन्हें भर्ती कराया गया है। इन दोनों का ब्लड सैंपल लेकर लखनऊ स्थित लैब भेजा गया है।
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स्वास्थ्य विभाग के राडार में एक भी डेंगू पीड़ित नहीं
जिले में भले ही तमाम लोग डेंगू या अन्य गंभीर संक्रामक रोग से पीड़ित चल रहे हो, लेकिन स्वास्थ्य विभाग जिले में अभी तक एक भी डेंगू पीड़ित न मिलने का दावा कर रहा है। हालांकि महकमे द्वारा इतना अवश्य किया गया है कि करीब 15 संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे हैं। इधर इनमें से किसी भी जांच रिपोर्ट वापस नहीं आ सकी है। रिपोर्ट कब आएगी, महकमे को अभी इसकी कोई जानकारी नहीं है।
फॉगिंग भी हो रही है बेअसर
नगर पालिका प्रशासन द्वारा सड़कों व नालियों आदि में फॉगिंग कर मच्छरों को मारने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह तरीका बेअसर साबित हो रहा है। शहरवासियों के मुताबिक नगर पालिका की फॉगिंग ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। इतने बड़े शहर में चंद घंटे की फॉगिग मच्छरों से नहीं निपट सकती है।
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जिले में करीब पखवाड़ा भर पूर्व से ही डेंगू दस्तक दे चुका है। तमाम लोग बुखार की चपेट में आकर जिले समेत बरेली व अन्य महानगरों के अस्पतालों में भर्ती हैं। अकेले जिला अस्पताल में ही इन दिनों करीब छह संदिग्ध डेंगू पीड़ित भर्ती हैं। इन सभी में डेंगू की आशंका के चलते ही इन्हें भर्ती किया गया है। वहीं शहर के प्राइवेट अस्पतालों में रोजाना ही इससे जुड़े मरीज भर्ती है। एक प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अब उन्होंने करीब 23 मरीज खुद बरेली रेफर किए हैं। हाल ही में एक भाजपा नेता के भांजे शुभम की मौत भी हो चुकी है। परिवार वालों के मुताबिक शुभम की मौत डेंगू से होना बताया। इन सबके बावजूद स्वास्थ्य विभाग जिले में अभी तक डेंगू से जुड़ा एक भी केस न मिलने का दावा करता आ रहा है।
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डेंगू की आंशका पर भाई बहन जिला अस्पताल में भर्ती
शहर के मोहल्ला खुशीमल निवासी अमरदीप की 14 वर्षीय पुत्री दीपांशी व 18 वर्षीय पुत्र रौनक को डेंगू की आशंका के चलते बुधवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अमरदीप के मुताबिक दोनों को तेज बुखार आया था। हालत में सुधार न होने पर उन्हें भर्ती कराया गया है। इन दोनों का ब्लड सैंपल लेकर लखनऊ स्थित लैब भेजा गया है।
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स्वास्थ्य विभाग के राडार में एक भी डेंगू पीड़ित नहीं
जिले में भले ही तमाम लोग डेंगू या अन्य गंभीर संक्रामक रोग से पीड़ित चल रहे हो, लेकिन स्वास्थ्य विभाग जिले में अभी तक एक भी डेंगू पीड़ित न मिलने का दावा कर रहा है। हालांकि महकमे द्वारा इतना अवश्य किया गया है कि करीब 15 संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे हैं। इधर इनमें से किसी भी जांच रिपोर्ट वापस नहीं आ सकी है। रिपोर्ट कब आएगी, महकमे को अभी इसकी कोई जानकारी नहीं है।
फॉगिंग भी हो रही है बेअसर
नगर पालिका प्रशासन द्वारा सड़कों व नालियों आदि में फॉगिंग कर मच्छरों को मारने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह तरीका बेअसर साबित हो रहा है। शहरवासियों के मुताबिक नगर पालिका की फॉगिंग ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। इतने बड़े शहर में चंद घंटे की फॉगिग मच्छरों से नहीं निपट सकती है।