{"_id":"117115503de5a17305aee4cce00b67cc","slug":"demonstration-hindi-news-7","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंचाई विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंचाई विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Mon, 22 Dec 2014 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंदीभूड़ ग्राम पंचायत के बंदरबोझ गांव में एलएच चीनी मिल का केंद्र स्थापित किया गया है। क्रय केंद्र से अब तक करीब बीस हजार क्विंटल गन्ना शारदा डैम मार्ग के जरिए चीनी मिल को भेजा चुका है। इधर, 14 दिसंबर को एकाएक सिंचाई विभाग ने उक्त मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी थी, जिससे ढुलान व्यवस्था ठप होने के साथ तौल भी बंद कर दी गई। किसानों का गन्ना भी खेतों में पड़ा हुआ है। इधर, क्षुब्ध किसानों ने रविवार को बंदरबोझ गन्ना केंद्र पर एकत्र होकर सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना था कि वर्षों से अन्य फसल समेत गन्ना शारदा सागर डैम से होकर जाता रहा है। इस इलाके में डैम की ऊंचाई भी अधिक नहीं है। किसानों ने वन विभाग पर बदले की भावना से उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। किसानों ने डीएम से मार्ग पर लगी रोक हटवाने की मांग की है।
प्रदर्शन करने वालों में संजय तिवारी, उमेश सिंह, अयोध्या प्रसाद, मोहमदीन अंसारी, रामरतन, राधेश्याम, ननकू यादव, सुखदेव, जवाहर, रामदयाल, रविंद्र आदि मौजूद रहे।
विधायक से मिले किसान
समस्या को लेकर किसानों का एक शिष्टमंडल विधायक पीतमराम और पूर्व विधायक सुखलाल से मिला था। किसानों का कहना है कि डीएम से दूरभाष पर हुई वार्ता के बाद भी कोई हल नहीं निकला। मामले से केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को भी दूरभाष पर अवगत कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदर्शन करने वालों में संजय तिवारी, उमेश सिंह, अयोध्या प्रसाद, मोहमदीन अंसारी, रामरतन, राधेश्याम, ननकू यादव, सुखदेव, जवाहर, रामदयाल, रविंद्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विधायक से मिले किसान
समस्या को लेकर किसानों का एक शिष्टमंडल विधायक पीतमराम और पूर्व विधायक सुखलाल से मिला था। किसानों का कहना है कि डीएम से दूरभाष पर हुई वार्ता के बाद भी कोई हल नहीं निकला। मामले से केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को भी दूरभाष पर अवगत कराया गया है।
विज्ञापन