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Pilibhit News: 39 साल बाद आवंटित जमीन पर खेती कर सकेंगे 79 काश्तकार

Tue, 05 Dec 2023 12:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 05 Dec 2023 12:40 AM IST
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79 farmers will be able to do farming on the allotted land after 39 years
गांव राहुल नगर के समीप संयुक्त सीमांकन को पहुंचे राजस्व और वन विभाग के कर्मी । स्रोत - ग्रामीण
1976 में हुआ था आवंटन, 1984 में शारदा के रुख बदलने से खीरी में चली गई थी पट्टे की जमीन
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संवाद न्यूज एजेंसी

पूरनपुर। शारदा नदी की जमीन का संयुक्त सीमांकन सोमवार को शुरू हो गया। 39 साल बाद शारदा नदी ने रुख बदला तो पट्टेदारों की जमीन लखीमपुर खीरी से इस तरफ आ गई। ऐसे में सीमांकन न हो पाने से 79 पट्टेदार गेहूं की बुआई नहीं कर पा रहे थे। अब सीमांकन शुरू होने से उन्होंने राहत की सांस ली है।

ग्राम पंचायत चंदिया हजारा के गांव राहुलनगर के 79 पट्टेदारों को वर्ष 1976 में ग्राम समाज की जमीन पर ढाई-ढाई एकड़ जमीन पट्टे के रूप में दी गई थी। वर्ष 1984 में शारदा नदी की बाढ़ के कारण नदी का रुख बदलने पर इस पार की जमीन दूसरी ओर पहुंच गई जो जनपद लखीमपुर खीरी में आता है।तब से पट्टेदार लखीमपुर खीरी के डीएफओ से मिलकर जमीन का सीमांकन कराकर वहां गेहूं की खेती करते रहे।
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1984 के बाद इस बार फिर नदी का रुख बदला और जमीन इस तरफ आ गई। इसमें कुछ हिस्सा वन विभाग की जमीन का भी है। पट्टेदारों ने करीब एक महीने पहले प्रभागीय वनाधिकारी को पत्र देकर जमीन की पैमाइश कराने की मांग की, ताकि वे लोग पट्टेे की जमीन पर गेहूं की बुआई करा सकें। डीएफओ ने समस्या को गंभीरता से लेकर एसडीएम पूरनपुर को संयुक्त सीमांकन कराने के लिए पत्र लिखा। सोमवार को पट्टेदारों की जमीन का संयुक्त सीमांकन शुरू कर दिया गया। राजस्व और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश को नापजोख शुरू की।
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साल में होती है महज एक फसल  
शारदा किनारे रह रहे बंगाली समुदाय के लोग पट्टे पर मिली जमीन पर होने वाली खेती पर ही निर्भर हैं। बारिश के दौरान शारदा में बाढ़ आ जाती है इसलिए यहां धान की खेती नहीं हो सकतीं। यहां साल में एक बार महज गेहूं की फसल होती है। अब इन किसानों ने गेहूं की बुआई की तैयारी शुरू कर दी है।




संयुक्त सीमांकन के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं। इसमें राजस्व कर्मियों के अलावा वन विभाग के कर्मचारी भी शामिल हैं। एक सप्ताह में सीमांकन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। जिससे किसानों को राहत मिलेगी।

-हबीबउर्रहमान, तहसीलदार
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