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Pilibhit News: बाघ को छोड़ने का नहीं हो सका निर्णय, निगरानी जारी
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पीलीभीत। माला रेंज के जंगल से एक दिन पूर्व बेहोश कर पकड़ा गया बाघ दूसरे दिन मंगलवार को भी पिंजरे में कैद रहा। पीटीआर मुख्यालय पर डीएफओ आवास परिसर में लाकर पिंजरे को रखा गया है। अफसरों का कहना है कि बाघ को छोड़ने के लिए मुख्यालय के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
पीटीआर की माला रेंज के जंगल से सटे इलाके में बांसखेड़ा निवासी मजदूर केदारी लाल को मारने वाले बाघ को पीटीआर की टीम 13 दिन तक चले अभियान के बाद सोमवार सुबह बेहोश कर पकड़ा था। इसके बाद उसे पिंजरे में कैद कर गढ़ा गेस्टहाउस ले जाया गया। सोमवार रात तक बाघ को गेस्टहाउस परिसर में ही रखकर स्वास्थ्य की जांच की गई ।
देर रात अफसरों के निर्णय के बाद बाघ को विभागीय मुख्यालय स्थित डीएफओ आवास परिसर में लाया गया। यहां पिंजरे में कैद बाघ की पशु चिकित्सक डॉ. दक्ष गंगवार निगरानी कर रहे हैं। हालांकि मंगलवार देर शाम तक बाघ को छोड़ने को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सका। उम्मीद जताई जा रही है कि बाघ को जंगल में छोड़ा जा सकता है।
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कैद होने के बाद पिया पानी, खाने से बनाई दूरी
कलीनगर क्षेत्र के छह गांव में दहशत का पर्याय बना बाघ काफी खूंखार है। बेहोश होने के बाद पिंजरे में कैद होने से लेकर मंगलवार शाम तक बाघ ने कुछ नहीं खाया, सिर्फ पानी पिया। अफसरों का कहना है कि बेहोश होने से पूर्व बाघ ने वहां बांधे गए मवेशी का शिकार किया था। ऐसे में उसका पेट भरा हुआ है।
बाघ को निगरानी में रखा गया है। अभी छोड़ने को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सका है। मुख्यालय के निर्देश के बाद उसको छोड़ने पर अमल किया जाएगा।
- मनीष सिंह, डीएफओ, पीटीआर
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पीटीआर की माला रेंज के जंगल से सटे इलाके में बांसखेड़ा निवासी मजदूर केदारी लाल को मारने वाले बाघ को पीटीआर की टीम 13 दिन तक चले अभियान के बाद सोमवार सुबह बेहोश कर पकड़ा था। इसके बाद उसे पिंजरे में कैद कर गढ़ा गेस्टहाउस ले जाया गया। सोमवार रात तक बाघ को गेस्टहाउस परिसर में ही रखकर स्वास्थ्य की जांच की गई ।
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देर रात अफसरों के निर्णय के बाद बाघ को विभागीय मुख्यालय स्थित डीएफओ आवास परिसर में लाया गया। यहां पिंजरे में कैद बाघ की पशु चिकित्सक डॉ. दक्ष गंगवार निगरानी कर रहे हैं। हालांकि मंगलवार देर शाम तक बाघ को छोड़ने को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सका। उम्मीद जताई जा रही है कि बाघ को जंगल में छोड़ा जा सकता है।
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कैद होने के बाद पिया पानी, खाने से बनाई दूरी
कलीनगर क्षेत्र के छह गांव में दहशत का पर्याय बना बाघ काफी खूंखार है। बेहोश होने के बाद पिंजरे में कैद होने से लेकर मंगलवार शाम तक बाघ ने कुछ नहीं खाया, सिर्फ पानी पिया। अफसरों का कहना है कि बेहोश होने से पूर्व बाघ ने वहां बांधे गए मवेशी का शिकार किया था। ऐसे में उसका पेट भरा हुआ है।
बाघ को निगरानी में रखा गया है। अभी छोड़ने को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सका है। मुख्यालय के निर्देश के बाद उसको छोड़ने पर अमल किया जाएगा।
- मनीष सिंह, डीएफओ, पीटीआर