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चेक बने मृतकों के नाम दिए गए परिवार वालों को
शेरपुरकलां/पीलीभीत।
Updated Mon, 04 May 2015 11:55 PM IST
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कस्बा के मनरेगा भवन में कैंप लगाकर बारिश/ओलावृष्टि पीड़ित किसानों को
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चेक बांटे गए। इस दौरान कई मृतक किसानों के नाम जारी हुए चेक उनके परिवार
वालों को थमा दिए गए। इसके अलावा भूमि बिक्री के कई साल बाद खरीददार को चेक
न देकर विक्रेताओं के नाम चेक जारी कर दिए गए। अनियमिताओं पर किसानों ने
रोष जताया है।
रविवार को चेक न बंटने से बाजार प्रांगण में एकत्र तमाम किसानों को घंटों इंतजार कर बैरंग घरों को होना पड़ा था। सोमवार को गांव में चेक वितरण को कैंप मनरेगा भवन में लगाया गया। अव्यवस्था न फैले इसको लेकर प्रशासन ने एनाउंस कर एक-एक किसान को बुलाया और चेक दिया।
चेक वितरण में कुछ किसानों ने गलत चेक बनाने का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों से शिकायत की। आरोप था कि उन लोगों ने तीन, चार साल पहले कृषि भूमि खरीदी थी। दाखिल खारिज भी हो गया, लेकिन जो चेक दिए गए है वे भूमि विक्रेता के नाम है। कुछ किसानों ने ठेके पर भूमि लेने और भू-स्वामी को ठेके की रकम देने के बाद भी भू-स्वामियाें के नाम चेक जारी होने पर रोष व्यक्त किया।
खास बात तो यह रही कि गांव निवासी मोहम्मद इस्माइल, इब्राहीम, नवी हुसैन, अलीबक्स, मोहम्मद हुसैन सहित करीब 12 ऐसे किसानों के नाम चेक उनके परिवार वालों को सौंपे गए जिनकी कई साल पहले मौत हो चुकी है। उक्त किसानों के वारिशों का कहना था कि अब तक वे लोग सर्वे, चेक पाने को अफसरों के चक्कर काटते रहे। अब चेकों को सही कराने को चक्कर काटने होंगे। इस दौरान तहसीलदार दिग्विजय सिंह भी व्यवस्था देखने पहुंचे।
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मुआवजे का चेक काफी सावधानी से बनवाया गया, ताकि किसानों को भुगतान में दिक्कत न हो। फिर भी कुछ चेक ऐसे किसानों को जारी हो गए हैं, जिनकी मौत हो चुकी है। चेक पाने वाले उनके वारिश परेशान न हों। शपथ पत्र देने पर उनके चेकों को सही करा दिया जाएगा। जिन किसानों को चेक नहीं मिल पाए हैं, उनको भी शीघ्र वितरण कराया जाएगा।
दिग्विजय सिंह, तहसीलदार पूरनपुर
रविवार को चेक न बंटने से बाजार प्रांगण में एकत्र तमाम किसानों को घंटों इंतजार कर बैरंग घरों को होना पड़ा था। सोमवार को गांव में चेक वितरण को कैंप मनरेगा भवन में लगाया गया। अव्यवस्था न फैले इसको लेकर प्रशासन ने एनाउंस कर एक-एक किसान को बुलाया और चेक दिया।
चेक वितरण में कुछ किसानों ने गलत चेक बनाने का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों से शिकायत की। आरोप था कि उन लोगों ने तीन, चार साल पहले कृषि भूमि खरीदी थी। दाखिल खारिज भी हो गया, लेकिन जो चेक दिए गए है वे भूमि विक्रेता के नाम है। कुछ किसानों ने ठेके पर भूमि लेने और भू-स्वामी को ठेके की रकम देने के बाद भी भू-स्वामियाें के नाम चेक जारी होने पर रोष व्यक्त किया।
खास बात तो यह रही कि गांव निवासी मोहम्मद इस्माइल, इब्राहीम, नवी हुसैन, अलीबक्स, मोहम्मद हुसैन सहित करीब 12 ऐसे किसानों के नाम चेक उनके परिवार वालों को सौंपे गए जिनकी कई साल पहले मौत हो चुकी है। उक्त किसानों के वारिशों का कहना था कि अब तक वे लोग सर्वे, चेक पाने को अफसरों के चक्कर काटते रहे। अब चेकों को सही कराने को चक्कर काटने होंगे। इस दौरान तहसीलदार दिग्विजय सिंह भी व्यवस्था देखने पहुंचे।
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मुआवजे का चेक काफी सावधानी से बनवाया गया, ताकि किसानों को भुगतान में दिक्कत न हो। फिर भी कुछ चेक ऐसे किसानों को जारी हो गए हैं, जिनकी मौत हो चुकी है। चेक पाने वाले उनके वारिश परेशान न हों। शपथ पत्र देने पर उनके चेकों को सही करा दिया जाएगा। जिन किसानों को चेक नहीं मिल पाए हैं, उनको भी शीघ्र वितरण कराया जाएगा।
दिग्विजय सिंह, तहसीलदार पूरनपुर