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Pilibhit News: बाढ़ व कटान से बचाव के लिए 3.76 करोड़ से बने कटर नदी में समाए

Wed, 10 Sep 2025 12:03 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Wed, 10 Sep 2025 12:03 AM IST
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Cutters made at a cost of Rs 3.76 crore to prevent floods and erosion were submerged in the river
पूरनपुर। कटान और बाढ़ से बचाव के लिए चंदिया हजारा और राहुलनगर के समीप 3.76 करोड़ रुपये की लागत से दो महीने पहले बनाए गए कटर नदी में समा गए हैं। चंदिया हजारा के 55 किसानों की गन्ना फसल नदी में समा चुकी है। नदी गांव हजारा, शास्त्रीनगर के गांव आजाद नगर, राहुलनगर, चंदिया हजारा, बिनौरा ताल्लुके गजरौला के समीप कटान कर रही है।
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चंदिया हजारा सहित आसपास के क्षेत्र को बाढ़ और कटान से बचाने के लिए एक साल पहले नौ करोड़ रुपये की लागत से जियो बैग और परकोपाइन लगाई गई थी। इतने ही बजट से नदी का डोजिंग चैनेलाइजेशन कराया गया था।
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पिछले साल ही डौला कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो गया था। चैनेलाइजेशन का भी क्षेत्र के लोगों को लाभ नहीं मिला। 55 किसानों की 200 एकड़ जमीन में लहलहाती फसलें नदी में समा चुकी हैं। दो महीने पहले फिर बाढ़ और कटान से बचाने के लिए गांव चंदिया हजारा के समीप 1.88 करोड़ और राहुलनगर के समीप भी इतनी ही धनराशि से कटर बनाए गए थे।
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इस बार अब तक गांव चंदिया हजारा और राहुलनगर के समीप नदी ने तबाही तो नहीं मचाई। मगर दो महीने पहले बनाए गए कटर नदी में समा गए। शारदा नदी से निकला सुतिया नाले का रूख बदलने पर गांव बिनौरा ताल्लुके गजरौला में कटान तेज होने से कई किसानों की गन्ना की फसल नदी में समा गई है।
ध्रुव कॉलोनी में आबादी के समीप धीमी गति से हो रहे कटान पर मंगलवार को बाढ़ खंड की टीम ने पहुंचकर नाले में झाड़ी, पेड़ों की टहनियां डलवानी शुरू कीं। ताकि कटान रुकने पर ठोस बचाव कार्य कराया जा सके। चंदिया हजारा के प्रधान वासुदेव कुंडू ने बताया कि नदी का जलस्तर कम होने से गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर, गांव हजारा के समीप कटान कर रही है।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता आशुतोष कुमार ने बताया कि ध्रुव कॉलोनी के समीप धीमी गति से कटान हो रहा है। एई की देखरेख में टीम को बचाव कार्य कराने को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि राहुलनगर, चंदिया हजारा के समीप कटान नहीं हो रहा है।

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ढक्काचांट के सुरक्षित स्थानों पर बसाने की मांग

ध्रुव कॉलोनी के लोगों ने एसडीएम को पत्र भेजकर ढक्काचांट में सुरक्षित स्थानों पर बसाने की मांग की। पत्र में कहा गया कि सुतिया नाला के कटान में फसल सहित अधिकांश किसानों की जमीन नाले में समा गई है। कॉलोनी की आबादी पर भी खतरा मंडरा रहा है। पत्र में कहा गया कि वर्ष 1996-97 में खिरकिया बरगदिया में बाढ़ आने पर कई परिवारों को ढक्काचांट में सुरक्षित स्थान पर बसाया गया था। पत्र भेजने वालों में विवेक सिंह चौहान, लल्लन प्रसाद, अलवीर, बुधई, संजीव, उमाशंकर आदि के शामिल हैं।


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टीम गठित, सात गांवों में होगा सर्वे

तहसीलदार आशीष गुप्ता ने बताया कि शारदा की बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान के सर्वे को टीम गठित की गई है। नायब तहसीलदार अभिषेक त्रिपाठी के निर्देशन में टीम सर्वे करेगी। सर्वे में लेखपाल और राजस्व निरीक्षकों को लगाया गया है। शुरुआत में गांव शास्त्रीनगर, बैल्हा, वमनपुर भागीरथ, सिद्धनगर, भरतपुर, चंद्रनगर, हजारा में टीमें फसल से हुए नुकसान का सर्वे करेगी। इसके बाद फसलों को हुए नुकसान की जानकारी मिलने और बाढ़ का पानी निकलने पर सर्वे कराया जाएगा।
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