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Pilibhit News: मेडिकल कॉलेज में तीन दिन से सीटी स्कैन मशीन खराब, मुश्किल में मरीज
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पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए सीटी स्कैन कराने की व्यवस्था है, लेकिन पिछले तीन दिन से मशीन में तकनीकी खराबी होने के चलते सीटी स्कैन नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में बाहर से आने वाले मरीजों को परेशानी हो रही है। वहीं गंभीर मरीजों को प्राइवेट से सीटी स्कैन कराना पड़ रहा है।
प्राइवेट अस्पतालों में सीटी स्कैन तीन से साढ़े तीन हजार रुपये में होता है, जिसे कराना हर किसी के बस में नहीं होता, वहीं मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन पूरी तरह नि:शुल्क है। तीन दिन पहले सोमवार को सीटी स्कैन मशीन में तकनीकी खराब आ गई, जिसके बाद से अब तक कामकाज पूरी तरह ठप है। मशीन खराब होते ही स्टाफ ने मामले की सूचना प्रभारी प्राचार्य को दी तो प्रभारी प्राचार्य ने संबंधित कंपनी को सूचना देते हुए मशीन को ठीक कराने के निर्देश दिए। यहां बता दें कि जिले में वायरल फीवर का प्रकोप बहुत तेजी से चल रहा है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 1200 से 1300 मरीज दवा लेने पहुंचते हैं। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 18 से 20 सीटी स्कैन होते हैं।
मशीन ठीक करने बेंगलुरु से आएंगे इंजीनियर
मेडिकल कॉलेज में जिस कंपनी की सीटी स्कैन मशीन लगी है, उसका हेडऑफिस बेंगलुरु में है। ऐसे में वहीं के इंजीनियर यहां आएंगे और मशीन को ठीक करेंगे। उम्मीद है कि बृहस्पतिवार को इंजीनियर आ सकते हैं। अगले दिन से मरीजों को सीटी स्कैन की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
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सीटी स्कैन मशीन में तकनीकि दिक्कत आ गई है। संबंधित कंपनी को सूचना दी जा चुकी है। उम्मीद है कि बृहस्पतिवार इंजीनियर मशीन को ठीक कर देंगे। - डॉ. संजीव सक्सेना, प्रभारी प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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प्राइवेट अस्पतालों में सीटी स्कैन तीन से साढ़े तीन हजार रुपये में होता है, जिसे कराना हर किसी के बस में नहीं होता, वहीं मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन पूरी तरह नि:शुल्क है। तीन दिन पहले सोमवार को सीटी स्कैन मशीन में तकनीकी खराब आ गई, जिसके बाद से अब तक कामकाज पूरी तरह ठप है। मशीन खराब होते ही स्टाफ ने मामले की सूचना प्रभारी प्राचार्य को दी तो प्रभारी प्राचार्य ने संबंधित कंपनी को सूचना देते हुए मशीन को ठीक कराने के निर्देश दिए। यहां बता दें कि जिले में वायरल फीवर का प्रकोप बहुत तेजी से चल रहा है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 1200 से 1300 मरीज दवा लेने पहुंचते हैं। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 18 से 20 सीटी स्कैन होते हैं।
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मशीन ठीक करने बेंगलुरु से आएंगे इंजीनियर
मेडिकल कॉलेज में जिस कंपनी की सीटी स्कैन मशीन लगी है, उसका हेडऑफिस बेंगलुरु में है। ऐसे में वहीं के इंजीनियर यहां आएंगे और मशीन को ठीक करेंगे। उम्मीद है कि बृहस्पतिवार को इंजीनियर आ सकते हैं। अगले दिन से मरीजों को सीटी स्कैन की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
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सीटी स्कैन मशीन में तकनीकि दिक्कत आ गई है। संबंधित कंपनी को सूचना दी जा चुकी है। उम्मीद है कि बृहस्पतिवार इंजीनियर मशीन को ठीक कर देंगे। - डॉ. संजीव सक्सेना, प्रभारी प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज