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Pilibhit News: रिवैंप योजना में खपाए करोड़ों, फिर भी तेज हवा से गुल हो रही बिजली
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बिजली उपकेंद्र पर काम करते कर्मचारी। स्रोत विभाग।
पीलीभीत। रिवैंप योजना से बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार कराने के नाम पर करोड़ों रुपये खपाने के बाद भी शहर की बिजली तेज हवा के झोंको से गुल हो जा रही है। आंधी आने पर उपभोक्ताओं को 10 से 12 घंटे तक कटौती झेलनी पड़ रही है। आए दिन होने वाले फाॅल्ट से उपभोक्ताओं की नींद उड़ रही है। हाल यह है कि करीब तीन वर्ष से चल रहे रिवैंप योजना के पहले चरण का काम भी अब तक अधूरा है। अभी तीन चरण का काम होना बाकी है। वहीं, अफसरों का दावा है कि पहले चरण का 90 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है। इस तरह पहले चरण में करीब 20 करोड़ रुपये तक खपाए जा चुके हैं, जबकि इस कार्य की समयसीमा दिसंबर 2026 है।
शहर में आपूर्ति बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई है। तेज हवाओं में भी शहर की बिजली कई-कई घंटे गुल हो रही है। यह हाल तब है, जब बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए रिवैंप योजना से करीब 140 करोड़ रुपये से काम कराया जा रहा है। इसमें चार चरणों में कार्य कराया जाना है। पहले चरण में बिजली लाइन, स्मार्ट मीटर और फीडर के बाइफरकेशन का काम किया जाना था, लेकिन शहर के कई इलाकों में अभी स्थिति खराब है। वहीं, जिन स्थानों पर काम किया गया। वहां पर लाइनों में खिंचाव तक सही से नहीं किया गया है। इन लाइनों में भी फाॅल्ट हो रहे हैं। करीब तीन वर्षों में अब तक पहले चरण का काम ही पूरा नहीं हो सका है।
वर्ष 2023 से शुरू हुआ था काम, 2026 में होना है पूरा
ऊर्जा निगम के अफसरों के अनुसार, रिवैंप योजना के पहले चरण का काम वर्ष 2023 में शुरू कराया गया था। इसके सभी चार चरणों का काम दिसंबर 2026 तक पूरा कराया जाना है, मगर संबंधित कंपनी की ओर से अब तक पहले चरण को ही पूरा नहीं किया जा सका। अभी तीन चरण में होने वाला काम कब शुरू होगा। इस पर संशय बना हुआ है।
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लेटलतीफी से बढ़ीं उपभोक्ताओं की मुश्किलें
जिले में रिवैंप योजना का काम कराने वाली कंपनी की ओर से कार्य पूरा कराने में लगातार लेटलतीफी की गई। तार बदलने, टूटे खंभे बदलने और अन्य कार्य समय से पूरे ही नहीं हो सके। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या गर्मी के समय होती है। उपभोक्ता सड़कों पर भी उतरते हैं, लेकिन बिजली आपूर्ति की बदहाली दूर नहीं हो रही। काम में हीलाहवाली और उपभोक्ताओं की समस्या की जानकारी होने के बाद भी अफसरों की मेहरबानी कंपनी पर बनी है। संवाद
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शहर में आपूर्ति बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई है। तेज हवाओं में भी शहर की बिजली कई-कई घंटे गुल हो रही है। यह हाल तब है, जब बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए रिवैंप योजना से करीब 140 करोड़ रुपये से काम कराया जा रहा है। इसमें चार चरणों में कार्य कराया जाना है। पहले चरण में बिजली लाइन, स्मार्ट मीटर और फीडर के बाइफरकेशन का काम किया जाना था, लेकिन शहर के कई इलाकों में अभी स्थिति खराब है। वहीं, जिन स्थानों पर काम किया गया। वहां पर लाइनों में खिंचाव तक सही से नहीं किया गया है। इन लाइनों में भी फाॅल्ट हो रहे हैं। करीब तीन वर्षों में अब तक पहले चरण का काम ही पूरा नहीं हो सका है।
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वर्ष 2023 से शुरू हुआ था काम, 2026 में होना है पूरा
ऊर्जा निगम के अफसरों के अनुसार, रिवैंप योजना के पहले चरण का काम वर्ष 2023 में शुरू कराया गया था। इसके सभी चार चरणों का काम दिसंबर 2026 तक पूरा कराया जाना है, मगर संबंधित कंपनी की ओर से अब तक पहले चरण को ही पूरा नहीं किया जा सका। अभी तीन चरण में होने वाला काम कब शुरू होगा। इस पर संशय बना हुआ है।
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लेटलतीफी से बढ़ीं उपभोक्ताओं की मुश्किलें
जिले में रिवैंप योजना का काम कराने वाली कंपनी की ओर से कार्य पूरा कराने में लगातार लेटलतीफी की गई। तार बदलने, टूटे खंभे बदलने और अन्य कार्य समय से पूरे ही नहीं हो सके। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या गर्मी के समय होती है। उपभोक्ता सड़कों पर भी उतरते हैं, लेकिन बिजली आपूर्ति की बदहाली दूर नहीं हो रही। काम में हीलाहवाली और उपभोक्ताओं की समस्या की जानकारी होने के बाद भी अफसरों की मेहरबानी कंपनी पर बनी है। संवाद