{"_id":"57fbdda24f1c1b6e5228f084","slug":"two-drowned-in-the-pit-of-death-kisoraen","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो किशोराें की गड्ढे में डूबकर मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दो किशोराें की गड्ढे में डूबकर मौत
ब्ययूराो, अमर उजाला पीलीभ्ाीत
Updated Tue, 11 Oct 2016 12:00 AM IST
विज्ञापन
राोते िबबिलख्ाते िपपिरवार के लाोग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेत पर बाली बीनने गए दो किशोर 13 वर्षीय विशाल और 12 वर्षीय भूपेंद्र उर्फ भोले पानी भरे गड्ढे में गिर गए, जिससे गड्ढे दोनों की मौत हो गई। खेत पर खेल रहे अन्य बच्चों से जानकारी मिलने पर परिवारवाले मौके पर पहुंचे और दोनों के शव बाहर निकाले। उनकी मौत के बाद गांव में गमगीन माहौल हो गया है।
थाना क्षेत्र के बमरौली गांव में रविवार को कंबाइन से धान की कटाई की गई थी। सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे गांव के निवासी मजदूर रामआसरे मौर्य का 13 वर्षीय पुत्र विशाल और स्वर्गीय मनोज कुमार का बेटा भूपेंद्र उर्फ भोले (12) खेत पर धान की बाली बीनने के लिए गए थे। गांव के ही अन्य परिवारों के भी बच्चे खेत पर थे। बाली बीनते वक्त दोनों किशोर पड़ोस के खेत में बने 15 फिट के गड्ढे में गिर गए। गड्ढे में पानी भरा होने के कारण उनकी डूबकर मौत हो गई। इस बीच खेत पर मौजूद बाकी बच्चों ने दोनों किशोरों को गड्ढे में पड़ा देखा तो चीख पुकार मच गई। घर जाकर परिवार वालों को हादसे की सूचना दी गई। जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों के साथ घर वाले मौके पर पहुंच गए। जिसके बाद गड्ढे में गिरे दोनों किशोरों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। परिवारीजन दोनों के शव को लेकर घर चले गए। इंस्पेक्टर अतुल प्रधान ने बताया कि मामले की कोई सूचना पुलिस को नहीं दी गई है। कुछ लोगों से जानकारी मिलने पर पता किया जा रहा है। अगर परिवारीजन तहरीर देकर मांग करते हैं, तो शव का पोस्टमार्टम कर कार्रवाई की जाएगी।
000
मिट्टी निकालने को काफी समय पहले किया गया था गड्ढा
खेत के बीच में बने जिस गड्ढे में गिरकर दोनों किशोरों की मौत हुई, उसको काफी समय पहले खोदा गया था। ईंट बनाने के लिए मिट्टी निकालने के लिए गड्ढी कई महीनों पहले किया गया था। जिसके बाद से ऐसा ही रहा। उसमें पानी भर गया था, इसी में डूबकर दोनों किशोरों की मौत हो गई।
विज्ञापन
0000
एक निजी विद्यालय में पढ़ाई करते थे दोनों किशोर
मृतक भूपेंद्र उर्फ भोले गांव के ही एक निजी विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र था। मां आशा देवी ने बताया कि वह तीन भाईयों में दूसरे नंबर का था। उसकी मौत के बाद दो बेटे सुदीप और रजत हैं। तीन बहनें शालू , ज्योति और निशा हैं। जिसमें से ज्योति का विवाह हो चुका है। इधर विशाल भी इसी निजी स्कूल में कक्षा दो का छात्र था। उसका एक बड़ा भाई नरवीर (18) और बहन कालेंद्री देवी अविवाहित हैं। दुखद हादसे में दोनों की मौत से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया है। ग्रामीण पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं।
विज्ञापन
थाना क्षेत्र के बमरौली गांव में रविवार को कंबाइन से धान की कटाई की गई थी। सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे गांव के निवासी मजदूर रामआसरे मौर्य का 13 वर्षीय पुत्र विशाल और स्वर्गीय मनोज कुमार का बेटा भूपेंद्र उर्फ भोले (12) खेत पर धान की बाली बीनने के लिए गए थे। गांव के ही अन्य परिवारों के भी बच्चे खेत पर थे। बाली बीनते वक्त दोनों किशोर पड़ोस के खेत में बने 15 फिट के गड्ढे में गिर गए। गड्ढे में पानी भरा होने के कारण उनकी डूबकर मौत हो गई। इस बीच खेत पर मौजूद बाकी बच्चों ने दोनों किशोरों को गड्ढे में पड़ा देखा तो चीख पुकार मच गई। घर जाकर परिवार वालों को हादसे की सूचना दी गई। जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों के साथ घर वाले मौके पर पहुंच गए। जिसके बाद गड्ढे में गिरे दोनों किशोरों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। परिवारीजन दोनों के शव को लेकर घर चले गए। इंस्पेक्टर अतुल प्रधान ने बताया कि मामले की कोई सूचना पुलिस को नहीं दी गई है। कुछ लोगों से जानकारी मिलने पर पता किया जा रहा है। अगर परिवारीजन तहरीर देकर मांग करते हैं, तो शव का पोस्टमार्टम कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
000
मिट्टी निकालने को काफी समय पहले किया गया था गड्ढा
खेत के बीच में बने जिस गड्ढे में गिरकर दोनों किशोरों की मौत हुई, उसको काफी समय पहले खोदा गया था। ईंट बनाने के लिए मिट्टी निकालने के लिए गड्ढी कई महीनों पहले किया गया था। जिसके बाद से ऐसा ही रहा। उसमें पानी भर गया था, इसी में डूबकर दोनों किशोरों की मौत हो गई।
विज्ञापन
0000
एक निजी विद्यालय में पढ़ाई करते थे दोनों किशोर
मृतक भूपेंद्र उर्फ भोले गांव के ही एक निजी विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र था। मां आशा देवी ने बताया कि वह तीन भाईयों में दूसरे नंबर का था। उसकी मौत के बाद दो बेटे सुदीप और रजत हैं। तीन बहनें शालू , ज्योति और निशा हैं। जिसमें से ज्योति का विवाह हो चुका है। इधर विशाल भी इसी निजी स्कूल में कक्षा दो का छात्र था। उसका एक बड़ा भाई नरवीर (18) और बहन कालेंद्री देवी अविवाहित हैं। दुखद हादसे में दोनों की मौत से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया है। ग्रामीण पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं।