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दरिंदे की तलाश को तीन युवक हिरासत में लिए
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Fri, 27 May 2016 11:21 PM IST
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दंरिंदगी
- फोटो : pilibhit, beureu
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आठ साल की मासूम से दुराचार का मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने दरिंदे की तलाश तेज कर दी है। परिवारीजनों और आसपास के लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है।
सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद पहले अफसरों ने बच्ची से पूछताछ की। इसमें बच्ची ने घर के चंद कदम की दूरी से उसको ले जाने की बात कही। बताया कि बनियान और पैंट पहने हुआ युवक उसको पापा से मिलवाने के लिए ले गया था। इसके बाद उसको एक खेत की झाड़ियों में रखा। कुछ सुंघाकर बेहोश करने और चाकू दिखाकर धमकाने की भी बात कही, जिसके बाद पुलिस ने पिता के साथ बच्ची को उस जगह तक जाने के लिए कहा। जिस पर बच्ची करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर एक गन्ने के खेत में पुलिस को ले गई। यहीं पर घटना को अंजाम देने की बात कही गई। पुलिस ने मौका मुआयना किया। उधर, कोतवाली पुलिस की एक टीम आसपास के लोगों से दरिंदे को लेकर साक्ष्य जुटाने में लगी रही। इसमें तीन लोगों के नाम संदिग्ध के तौर पर प्रकाश में आए हैं, जिनको पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बच्ची से उनकी शिनाख्त कराने की कोशिश की गई, जिस पर पहले तो बच्ची कुछ बताने से ही इंकार करती रही। बाद में एक युवक को पहचाना। बच्ची ने उसी को आरोपी के तौर पर शिनाख्त भी की। पुलिस ने संदिग्ध के कपड़े चेक किए। कपड़ों पर जगह जगह खून के निशान भी मिले हैं। हालांकि युवक खुद को बेकसूर बता रहा है। उसका कहना है कि वह पेंटिंग का काम करता है। कपड़े पर लगे जिस निशान को पुलिस खून बता रही है वह पेंट के निशान हैं। फिलहाल, पुलिस का शक युवक पर गहरा गया है, लेकिन अभी किसी स्पष्ट नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। उससे पूछताछ जारी है, घटना को लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि दरिंदे को जल्द गिरफ्तार कर सामने लाया जाएगा।
घटनास्थल को लेकर असमंजस
भले ही बच्ची ने मकान से कुछ दूरी पर स्थित एक गन्ने के खेत में लाकर दुराचार करने की बात कही हो, पर पुलिस इसको सही नहीं मान रही। बच्ची के खेत दिखाने के बाद पहले पुलिस ने खुद उसमें घुसकर छानबीन की। बाद में डॉग स्क्वायड और फील्ड यूनिट को बुलाकर भी घुमाया गया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। टीम को खेत से कोई साक्ष्य नहीं मिला, जिससे यह कहा जा सके कि घटना इसी स्थान पर हुई है। ऐसे में घटनास्थल को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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‘दरिंदे को सजा दिलाए बिना नहीं बैठेंगे शांत’
- गांव के सरकारी विद्यालय में कक्षा तीन में पढ़ती है पीड़ित मासूम
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। पीड़ित बच्ची एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है। पिता दिन-रात रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण करता है। छोटी-छोटी चार बेटियां हैं, जिसमें पीड़ित बच्ची दूसरे नंबर की है। उसका हाल ही में गांव के सरकारी विद्यालय में कक्षा तीन में दाखिला कराया गया था। बच्ची के लापता होने से ठीक एक घंटा पहले पिता बच्चों के साथ था। शाम करीब छह बजे वह घर पहुंचा। इस पर चारों बच्चियों के जिद करने पर वह उनको पास की किराने की दुकान पर चीज दिलाने ले गया। यहां से टाफी बिस्कुट दिलाने के बाद सभी को घर तक छोड़ गया। इसके बाद बच्ची मजार शरीफ में प्रसाद लेने निकल गई। पीड़िता के साथ उसकी दो बहनें भी थीं। जो पहले ही घर चली गई थीं। उसके देर रात तक घर न आने पर परिवार वाले पूरी रात परेशान रहे। रातभर गायब रहने के बाद दूसरे दिन बच्ची के बदहवाश हालत में घर पहुंचने पर एक ओर घरवालों को राहत मिली। वहीं खून से लथपथ कपड़े और गुप्तांग से रक्त बहता देख होश उड़ गए। मासूम बेटी के साथ दरिंदगी का पता लगने से पूरा परिवार आक्रोशित है। दरिंदे को तलाश कर सख्त सजा की मांग को लेकर परिवार खाकी से गुहार लगा रहा है। बच्ची दर्द से कराहती है, तो कभी मां के पास जाकर गुमशुम बैठ जाती। घटना का डर भी उसके चेहरे पर दिखाई दे रहा है। कुछ बताते बताते खुद को चुप कर जाती। मानों कोई बात कहनी तो है, लेकिन धमकी से घबराई हुई है। बेटी की ऐसी हालत देख मां का सिर्फ यही कहना है कि गुनहगार को सजा दिलाए बिना वह शांत नहीं बैठेगी। चाहे कोई भी हो उसको दंडित किया जाए। बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए वह हर चुनौती का सामना करने को तैयार है।
रात मेें कोतवाली पुलिस को दी थी सूचना
गुरुवार शाम से गायब बच्ची के लापता होने पर परिवार चिंतित था। रात दस बजे जब पिता घर आया, तो बेटी के गायब होने की सुनकर उसके होश उड़ गए। गांव के लोगों के साथ शहर में जगह जगह बच्ची की तलाश की गई। रेलवे स्टेशन, रोडवेज, नौगवां चौराहा, बाजार, नकटादाना समेत कई इलाकों में जाकर देखा गया। कहीं कोई सुराग न लगने पर देर रात ही कोतवाली पुलिस को लिखित सूचना दे दी थी। जिस पर पुलिस ने कार्रवाई के लिए फोटो के साथ पिता को शुक्रवार सुबह बुलाया था।
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सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद पहले अफसरों ने बच्ची से पूछताछ की। इसमें बच्ची ने घर के चंद कदम की दूरी से उसको ले जाने की बात कही। बताया कि बनियान और पैंट पहने हुआ युवक उसको पापा से मिलवाने के लिए ले गया था। इसके बाद उसको एक खेत की झाड़ियों में रखा। कुछ सुंघाकर बेहोश करने और चाकू दिखाकर धमकाने की भी बात कही, जिसके बाद पुलिस ने पिता के साथ बच्ची को उस जगह तक जाने के लिए कहा। जिस पर बच्ची करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर एक गन्ने के खेत में पुलिस को ले गई। यहीं पर घटना को अंजाम देने की बात कही गई। पुलिस ने मौका मुआयना किया। उधर, कोतवाली पुलिस की एक टीम आसपास के लोगों से दरिंदे को लेकर साक्ष्य जुटाने में लगी रही। इसमें तीन लोगों के नाम संदिग्ध के तौर पर प्रकाश में आए हैं, जिनको पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बच्ची से उनकी शिनाख्त कराने की कोशिश की गई, जिस पर पहले तो बच्ची कुछ बताने से ही इंकार करती रही। बाद में एक युवक को पहचाना। बच्ची ने उसी को आरोपी के तौर पर शिनाख्त भी की। पुलिस ने संदिग्ध के कपड़े चेक किए। कपड़ों पर जगह जगह खून के निशान भी मिले हैं। हालांकि युवक खुद को बेकसूर बता रहा है। उसका कहना है कि वह पेंटिंग का काम करता है। कपड़े पर लगे जिस निशान को पुलिस खून बता रही है वह पेंट के निशान हैं। फिलहाल, पुलिस का शक युवक पर गहरा गया है, लेकिन अभी किसी स्पष्ट नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। उससे पूछताछ जारी है, घटना को लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि दरिंदे को जल्द गिरफ्तार कर सामने लाया जाएगा।
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घटनास्थल को लेकर असमंजस
भले ही बच्ची ने मकान से कुछ दूरी पर स्थित एक गन्ने के खेत में लाकर दुराचार करने की बात कही हो, पर पुलिस इसको सही नहीं मान रही। बच्ची के खेत दिखाने के बाद पहले पुलिस ने खुद उसमें घुसकर छानबीन की। बाद में डॉग स्क्वायड और फील्ड यूनिट को बुलाकर भी घुमाया गया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। टीम को खेत से कोई साक्ष्य नहीं मिला, जिससे यह कहा जा सके कि घटना इसी स्थान पर हुई है। ऐसे में घटनास्थल को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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‘दरिंदे को सजा दिलाए बिना नहीं बैठेंगे शांत’
- गांव के सरकारी विद्यालय में कक्षा तीन में पढ़ती है पीड़ित मासूम
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। पीड़ित बच्ची एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है। पिता दिन-रात रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण करता है। छोटी-छोटी चार बेटियां हैं, जिसमें पीड़ित बच्ची दूसरे नंबर की है। उसका हाल ही में गांव के सरकारी विद्यालय में कक्षा तीन में दाखिला कराया गया था। बच्ची के लापता होने से ठीक एक घंटा पहले पिता बच्चों के साथ था। शाम करीब छह बजे वह घर पहुंचा। इस पर चारों बच्चियों के जिद करने पर वह उनको पास की किराने की दुकान पर चीज दिलाने ले गया। यहां से टाफी बिस्कुट दिलाने के बाद सभी को घर तक छोड़ गया। इसके बाद बच्ची मजार शरीफ में प्रसाद लेने निकल गई। पीड़िता के साथ उसकी दो बहनें भी थीं। जो पहले ही घर चली गई थीं। उसके देर रात तक घर न आने पर परिवार वाले पूरी रात परेशान रहे। रातभर गायब रहने के बाद दूसरे दिन बच्ची के बदहवाश हालत में घर पहुंचने पर एक ओर घरवालों को राहत मिली। वहीं खून से लथपथ कपड़े और गुप्तांग से रक्त बहता देख होश उड़ गए। मासूम बेटी के साथ दरिंदगी का पता लगने से पूरा परिवार आक्रोशित है। दरिंदे को तलाश कर सख्त सजा की मांग को लेकर परिवार खाकी से गुहार लगा रहा है। बच्ची दर्द से कराहती है, तो कभी मां के पास जाकर गुमशुम बैठ जाती। घटना का डर भी उसके चेहरे पर दिखाई दे रहा है। कुछ बताते बताते खुद को चुप कर जाती। मानों कोई बात कहनी तो है, लेकिन धमकी से घबराई हुई है। बेटी की ऐसी हालत देख मां का सिर्फ यही कहना है कि गुनहगार को सजा दिलाए बिना वह शांत नहीं बैठेगी। चाहे कोई भी हो उसको दंडित किया जाए। बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए वह हर चुनौती का सामना करने को तैयार है।
रात मेें कोतवाली पुलिस को दी थी सूचना
गुरुवार शाम से गायब बच्ची के लापता होने पर परिवार चिंतित था। रात दस बजे जब पिता घर आया, तो बेटी के गायब होने की सुनकर उसके होश उड़ गए। गांव के लोगों के साथ शहर में जगह जगह बच्ची की तलाश की गई। रेलवे स्टेशन, रोडवेज, नौगवां चौराहा, बाजार, नकटादाना समेत कई इलाकों में जाकर देखा गया। कहीं कोई सुराग न लगने पर देर रात ही कोतवाली पुलिस को लिखित सूचना दे दी थी। जिस पर पुलिस ने कार्रवाई के लिए फोटो के साथ पिता को शुक्रवार सुबह बुलाया था।