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जिसके अपहरण की सूचना थी, खुद ही हाजिर हो गई
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jul 2016 11:27 PM IST
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रहस्यमय ढंग से तहसील सदर से गायब हुई दलित किशोरी गुरुवार को खुद ही हाजिर हो गई। उसने अपने परिवारीजनों को फोन कर आसाम चौराहे पर मौजूद होने की सूचना दी। युवती तीन अज्ञात लोगों द्वारा तहसील से अपहरण कर ले जाने और बाद में नवाबगंज के एक मकान में बंद रखने की बात कह रही है, लेकिन बार-बार बदलते बयान से कहानी पुलिस के गले नहीं उतर रही है। सीओ सिटी, महिला पुलिस संग छानबीन में जुटे हैं।
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के अलकथान गांव के रहने वाले एक युवक ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि मंगलवार को वह तहसील दिवस में पुराने मुकदमे के सिलसिले में शिकायत करने सदर तहसील आया था। उसके साथ 20 वर्षीय नातिन भी साथ आई थी। पीड़ित साइकिल रखाने के लिए बाहर खड़ा रहा और नातिन एएसपी के समक्ष पेश होने चली गई। दोपहर डेढ़ बजे रहस्यमय ढंग से युवती तहसील से गायब हो गई थी। अफसर शुरूआत से ही घटना को संदिग्ध मानते रहे। गुरुवार को लापता किशोरी बरामद हो गई। उसे परिवारीजन और मेनका समर्थक सीओ सिटी के पास लेकर पहुंचे। जहां सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट ने लड़की से पूछताछ की। जिसमें युवती ने बताया कि वह तहसील दिवस में शिकायत कर निकली थी कि उसको तीन अज्ञात युवक बहला फुसलाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद उसको नवाबगंज के आसपास एक मकान में बंद करके रखा। इस दौरान सभी मुकदमे में समझौते का दबाव बना रहे थे, लेकिन पुलिस ने जब युवती से सवाल-जवाब करना शुरू किया तो वह बयान बदलती रही। जिससे मामला स्पष्ट नहीं हो सका है। सीओ सिटी निर्मल कुमार बिष्ट ने महिला थाना एसओ अनुपमा सिंह को बुलाकर युवती से पूछताछ शुरू करा दी है। फिलहाल युवती तीन अज्ञात के खिलाफ अपहरण का आरोप लगा रही है।
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केंदीय मंत्री के समर्थक भी पहुंचे सीओ दफ्तर
गायब युवती का पिता व दादा बुधवार तक दबी जुबान में युवती के गायब होने में एक केंद्रीय मंत्री के करीबियों की सह पर उसे गायब करने का आरोप लगा रहे थे, लेकिन गुरुवार को जब युवती के परिवार वाले युवती को सीओ कार्यालय ले गए तब उनके साथ केंद्रीय मंत्री समर्थक देवेंद्र सिंह टोनी, प्रमोद अग्रवाल और प्रवक्ता एमआर मलिक भी साथ थे। उधर देवेंद्र सिंह टोनी ने बताया कि युवती के पिता का सुबह 9.29 बजे पर फोन आया। उसी ने बताया कि लड़की से बात हुई है वह आसाम चौराहा पर आने वाली है। उसने साथ चल मदद करने की बात कही। इस पर वे लोग उनके साथ पहुंचे। आसाम चौकी चौराहा युवती के पहुंचने पर वे लोग युवती को उसके परिवार वालों के साथ लेकर सीओ कार्यालय पहुंचे।
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सच जानने को निकलवाई जाएगी सीडीआर
युवती की ओर से दिए जा रहे बयान किस हद तक सही हैं। इसको जानने के लिए सीओ सिटी ने युवती के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाने के निर्देश पुलिस को दिए हैं। जिसमें लोकेशन भी निकलवाई जाएगी। जिससे युवती नवाबगंज तक गई या नहीं। इसको लेकर भी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसके अलावा उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया जाएगा।
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पूरे मामले में पुलिस रही लापरवाह
दलित युवती के अपहरण का मामला सच है या फिर साजिश। यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। लेकिन पुलिस की लापरवाह कार्यशैली जरूर उजागर हो गई है। घटना के तुरंत बाद ही तहसील दिवस में पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी गई। इसके बाद लिखित तहरीर भी पुलिस को मिली। दो दिन तक पुलिस सिर्फ संदिग्ध मामला जताकर हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। घटना की सच्चई सामने लाने के लिए बरामदगी को लेकर संभव प्रयास तक नहीं किए गए।
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पिता बोला, कोई तो है राजनीति
पुलिस के साथ-साथ पिता को भी युवती की बताई कहानी समझ नहीं आ रही है। उसे भी लग रहा है कि वह पूरा सच नहीं बोल रही है। अपहरण तो हुआ है, पर कैसे और किसने किया? इसका जवाब वह जानकर रहेगा। पिता ने सीओ से भी युवती से सख्ती से पूछताछ कर सच सामने लाने की मांग की है। यह भी दावा किया कि इसके पीछे कोई राजनीति जरूर है।
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केंद्रीय मंत्री के समर्थक मेरे पास युवती को लेकर आए थे। जिसके बाद से युवती से पूछताछ की जा रही है, लेकिन वह सही नहीं बोल रही है। छानबीन की जा रही, जल्द सच सामने आएगा। युवती के मोबाइल की सीडीआर भी निकलवाई जा रही है।
निर्मल कुमार विष्ट, सीओ सिटी
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बरखेड़ा थाना क्षेत्र के अलकथान गांव के रहने वाले एक युवक ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि मंगलवार को वह तहसील दिवस में पुराने मुकदमे के सिलसिले में शिकायत करने सदर तहसील आया था। उसके साथ 20 वर्षीय नातिन भी साथ आई थी। पीड़ित साइकिल रखाने के लिए बाहर खड़ा रहा और नातिन एएसपी के समक्ष पेश होने चली गई। दोपहर डेढ़ बजे रहस्यमय ढंग से युवती तहसील से गायब हो गई थी। अफसर शुरूआत से ही घटना को संदिग्ध मानते रहे। गुरुवार को लापता किशोरी बरामद हो गई। उसे परिवारीजन और मेनका समर्थक सीओ सिटी के पास लेकर पहुंचे। जहां सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट ने लड़की से पूछताछ की। जिसमें युवती ने बताया कि वह तहसील दिवस में शिकायत कर निकली थी कि उसको तीन अज्ञात युवक बहला फुसलाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद उसको नवाबगंज के आसपास एक मकान में बंद करके रखा। इस दौरान सभी मुकदमे में समझौते का दबाव बना रहे थे, लेकिन पुलिस ने जब युवती से सवाल-जवाब करना शुरू किया तो वह बयान बदलती रही। जिससे मामला स्पष्ट नहीं हो सका है। सीओ सिटी निर्मल कुमार बिष्ट ने महिला थाना एसओ अनुपमा सिंह को बुलाकर युवती से पूछताछ शुरू करा दी है। फिलहाल युवती तीन अज्ञात के खिलाफ अपहरण का आरोप लगा रही है।
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केंदीय मंत्री के समर्थक भी पहुंचे सीओ दफ्तर
गायब युवती का पिता व दादा बुधवार तक दबी जुबान में युवती के गायब होने में एक केंद्रीय मंत्री के करीबियों की सह पर उसे गायब करने का आरोप लगा रहे थे, लेकिन गुरुवार को जब युवती के परिवार वाले युवती को सीओ कार्यालय ले गए तब उनके साथ केंद्रीय मंत्री समर्थक देवेंद्र सिंह टोनी, प्रमोद अग्रवाल और प्रवक्ता एमआर मलिक भी साथ थे। उधर देवेंद्र सिंह टोनी ने बताया कि युवती के पिता का सुबह 9.29 बजे पर फोन आया। उसी ने बताया कि लड़की से बात हुई है वह आसाम चौराहा पर आने वाली है। उसने साथ चल मदद करने की बात कही। इस पर वे लोग उनके साथ पहुंचे। आसाम चौकी चौराहा युवती के पहुंचने पर वे लोग युवती को उसके परिवार वालों के साथ लेकर सीओ कार्यालय पहुंचे।
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सच जानने को निकलवाई जाएगी सीडीआर
युवती की ओर से दिए जा रहे बयान किस हद तक सही हैं। इसको जानने के लिए सीओ सिटी ने युवती के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाने के निर्देश पुलिस को दिए हैं। जिसमें लोकेशन भी निकलवाई जाएगी। जिससे युवती नवाबगंज तक गई या नहीं। इसको लेकर भी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसके अलावा उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया जाएगा।
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पूरे मामले में पुलिस रही लापरवाह
दलित युवती के अपहरण का मामला सच है या फिर साजिश। यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। लेकिन पुलिस की लापरवाह कार्यशैली जरूर उजागर हो गई है। घटना के तुरंत बाद ही तहसील दिवस में पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी गई। इसके बाद लिखित तहरीर भी पुलिस को मिली। दो दिन तक पुलिस सिर्फ संदिग्ध मामला जताकर हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। घटना की सच्चई सामने लाने के लिए बरामदगी को लेकर संभव प्रयास तक नहीं किए गए।
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पिता बोला, कोई तो है राजनीति
पुलिस के साथ-साथ पिता को भी युवती की बताई कहानी समझ नहीं आ रही है। उसे भी लग रहा है कि वह पूरा सच नहीं बोल रही है। अपहरण तो हुआ है, पर कैसे और किसने किया? इसका जवाब वह जानकर रहेगा। पिता ने सीओ से भी युवती से सख्ती से पूछताछ कर सच सामने लाने की मांग की है। यह भी दावा किया कि इसके पीछे कोई राजनीति जरूर है।
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केंद्रीय मंत्री के समर्थक मेरे पास युवती को लेकर आए थे। जिसके बाद से युवती से पूछताछ की जा रही है, लेकिन वह सही नहीं बोल रही है। छानबीन की जा रही, जल्द सच सामने आएगा। युवती के मोबाइल की सीडीआर भी निकलवाई जा रही है।
निर्मल कुमार विष्ट, सीओ सिटी