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...तो क्या मीठा या फल में दिया गया सल्फास
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Sun, 03 Apr 2016 10:54 PM IST
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पूरनपुर में पुलिस हिरासत में मारे गए सद्दाम और शकील की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर यदि गौर करें तो दोनों युवकों ने मौत से पहले खाना ही नहीं खाया था। आमाशय में पेस्टी (गाढ़ा काले रंग) और अंगूर जैसा एक काला गोल पदार्थ मिला है। इससे तो यही पता चलता है कि दोनों को मीठा या फिर फलों में मिलाकर सल्फास खिलाई गई। डॉक्टर भी इस बात से इंकार नहीं कर रहे हैं। सल्फास क्यों और किसने खिलाई? हवालात तक कैसे पहुंची सल्फास आदि सवाल आज भी अनसुलझे हैं। इन सवालों का जवाब पुलिस तीन दिन की जांच के बाद भी नहीं ढूंढ सकी है। विवेचक को बिसरा और अन्य सुरक्षित अंगों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है।
पूरनपुर पुलिस ने चार दिन पहले चोरी के मामले में आरोपी बताकर मोहल्ला रजागंज निवासी सद्दाम और उसके दोस्त शकील को उठाकर कोतवाली की हवालात में डाल दिया था। दोनों की अगले दिन सुबह हवालात में ही मौत हो गई थी। पुलिस की गर्दन फंसने पर सीएचसी के डॉक्टरों से लेकर 108 एंबुलेंस के ईएमटी तक ने मामले को मोड़ने के लिए पुलिस का साथ दिया, हालांकि सच्चाई अधिक देर नहीं छुप सकी और एसपी के आदेश पर कोतवाल, डॉक्टर सहित 14 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। बहुचर्चित मामले की विवेचना कोतवाल दियोरिया सिकंदर सिंह यादव कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर अगर गौर करें तो दोनों युवकों के आमाशय में कोई भोज्य पदार्थ नहीं मिला है। उनके पेट खाली थे। एक के आमाशय में अंगूर जैसा गोल एक पदार्थ मिला। इसके अलावा दोनों के आमाशय में पेस्टी (गाढ़ा काला रंग) मिला।
जिला अस्पताल के डॉ. केके वर्मा ने बताया कि भोज्य पदार्थ न मिलना और आमाशय में पेस्टी मिलने से इस बात को बल मिलता है कि दोनों ने मिठाई या फिर किसी फल के साथ सल्फास खाया है। विवेचक सिकंदर सिंह यादव का कहना है कि अभी कुछ ठोस कह पाना मुश्किल है, लेकिन यह तय हैं कि दोनों की जहर से ही मौत हुई है। यह भी तय है कि चाय में जहर नहीं दिया गया है। दोनों को हवालात में उल्टियां हुई थीं। पुलिस ने उल्टियों के नमूने भी कब्जे में लिए हैं। विवेचक भी हवालात तक पहुंची सल्फास को लेकर हैरान हैं। उनका कहना है कि डे-अफसर, हवालाती पहरा से लेकर मुंशी तक की मौजूदगी रहती है। ऐसे में विषैला पदार्थ हवालात तक कैसे पहुंचा? इस प्रमुख बिंदु पर उनकी जांच अभी टिकी हुई है। पुलिस ने डॉक्टरों द्वारा सुरक्षित किए गए आमाशय और बिसरे की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
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पुलिस ने बिसरा और आमाशय जांच को भेजा
पीलीभीत। पुलिस ने पूरनपुर पुलिस की कस्टडी में मरे सद्दाम और शकील का बिसरा, आमाशय आदि को परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा है।
पूरनपुर पुलिस की हिरासत में मारे गए दोनों युवकों के मामले की विवेचना कर रहे दियोरिया कोतवाल सिकंदर सिंह यादव ने बताया कि उन्होंने डॉक्टरों द्वारा सुरक्षित किया गया बिसरा, आमाशय और हवालात से उल्टी के लिए गए नमूने को परीक्षण के लिए शनिवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा है। उन्होंने बताया कि रविवार पड़ जाने के कारण नमूने दाखिल नहीं हो पाए हैं। सोमवार को नमूनों को दाखिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही जांच की गति तेज हो सकेगी।
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पूरनपुर पुलिस ने चार दिन पहले चोरी के मामले में आरोपी बताकर मोहल्ला रजागंज निवासी सद्दाम और उसके दोस्त शकील को उठाकर कोतवाली की हवालात में डाल दिया था। दोनों की अगले दिन सुबह हवालात में ही मौत हो गई थी। पुलिस की गर्दन फंसने पर सीएचसी के डॉक्टरों से लेकर 108 एंबुलेंस के ईएमटी तक ने मामले को मोड़ने के लिए पुलिस का साथ दिया, हालांकि सच्चाई अधिक देर नहीं छुप सकी और एसपी के आदेश पर कोतवाल, डॉक्टर सहित 14 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। बहुचर्चित मामले की विवेचना कोतवाल दियोरिया सिकंदर सिंह यादव कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर अगर गौर करें तो दोनों युवकों के आमाशय में कोई भोज्य पदार्थ नहीं मिला है। उनके पेट खाली थे। एक के आमाशय में अंगूर जैसा गोल एक पदार्थ मिला। इसके अलावा दोनों के आमाशय में पेस्टी (गाढ़ा काला रंग) मिला।
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जिला अस्पताल के डॉ. केके वर्मा ने बताया कि भोज्य पदार्थ न मिलना और आमाशय में पेस्टी मिलने से इस बात को बल मिलता है कि दोनों ने मिठाई या फिर किसी फल के साथ सल्फास खाया है। विवेचक सिकंदर सिंह यादव का कहना है कि अभी कुछ ठोस कह पाना मुश्किल है, लेकिन यह तय हैं कि दोनों की जहर से ही मौत हुई है। यह भी तय है कि चाय में जहर नहीं दिया गया है। दोनों को हवालात में उल्टियां हुई थीं। पुलिस ने उल्टियों के नमूने भी कब्जे में लिए हैं। विवेचक भी हवालात तक पहुंची सल्फास को लेकर हैरान हैं। उनका कहना है कि डे-अफसर, हवालाती पहरा से लेकर मुंशी तक की मौजूदगी रहती है। ऐसे में विषैला पदार्थ हवालात तक कैसे पहुंचा? इस प्रमुख बिंदु पर उनकी जांच अभी टिकी हुई है। पुलिस ने डॉक्टरों द्वारा सुरक्षित किए गए आमाशय और बिसरे की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
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पुलिस ने बिसरा और आमाशय जांच को भेजा
पीलीभीत। पुलिस ने पूरनपुर पुलिस की कस्टडी में मरे सद्दाम और शकील का बिसरा, आमाशय आदि को परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा है।
पूरनपुर पुलिस की हिरासत में मारे गए दोनों युवकों के मामले की विवेचना कर रहे दियोरिया कोतवाल सिकंदर सिंह यादव ने बताया कि उन्होंने डॉक्टरों द्वारा सुरक्षित किया गया बिसरा, आमाशय और हवालात से उल्टी के लिए गए नमूने को परीक्षण के लिए शनिवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा है। उन्होंने बताया कि रविवार पड़ जाने के कारण नमूने दाखिल नहीं हो पाए हैं। सोमवार को नमूनों को दाखिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही जांच की गति तेज हो सकेगी।