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Bihar: समस्तीपुर में जमीन विवाद का खौफनाक अंजाम, एसिड हमले में झुलसे युवक ने 23 दिन बाद तोड़ा दम
Sat, 22 Aug 2026 12:58 PM IST
दरभंगा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2026 12:58 PM IST
सार
Bihar News: समस्तीपुर के मालीनगर गांव में 29 जुलाई को जमीन विवाद के दौरान हुए एसिड हमले में गंभीर रूप से झुलसे प्रवीण नारायण की 23 दिन बाद डीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई। हमले में चार लोग घायल हुए थे। मामले में पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज है।
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
समस्तीपुर जिले के चकमेहसी थाना क्षेत्र स्थित मालीनगर गांव में गत 29 जुलाई को हुए एसिड हमले में गंभीर रूप से झुलसे प्रवीण नारायण की 23 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में इलाज करा रहे प्रवीण ने शनिवार को दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। इस घटना ने एक बार फिर उस जमीन विवाद को गंभीर सवालों के घेरे में ला दिया है, जिसमें निर्माणाधीन मकान के पास मौजूद लोगों पर कथित तौर पर एसिड फेंका गया था।
13 धुर जमीन को लेकर चल रहा था विवाद
घटना 29 जुलाई की शाम मालीनगर के वार्ड संख्या-12 में हुई थी। बताया गया कि करीब 13 धुर जमीन पर निर्माण को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। पंचायत स्तर पर हुए फैसले के बाद संजू देवी को उक्त जमीन पर निर्माण कराने का अधिकार मिला था। इसी को लेकर निर्माण कार्य शुरू कराया जा रहा था। इसी दौरान प्रवीण नारायण अपने दोस्त मनोज तिवारी के साथ उसकी बुआ के घर गया था। आरोप है कि इसी दौरान विरोधी पक्ष के लोग बाल्टी, बोतल और गिलास में एसिड लेकर वहां पहुंचे और निर्माण स्थल पर मौजूद लोगों पर एसिड फेंक दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
चार लोग हुए थे घायल, प्रवीण की हालत सबसे गंभीर
एसिड हमले में कुल चार लोग घायल हुए थे। इनमें जगतसिंहपुर निवासी प्रवीण नारायण की हालत सबसे गंभीर थी। उसके अलावा मनोज तिवारी, संजू देवी और दयानंद ठाकुर भी एसिड की चपेट में आए थे। प्रवीण के शरीर पर एसिड का गंभीर असर हुआ था। प्रारंभिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे डीएमसीएच दरभंगा रेफर कर दिया था। वहां पिछले 23 दिनों से उसका इलाज चल रहा था। परिजनों को उम्मीद थी कि वह स्वस्थ होकर घर लौटेगा, लेकिन शनिवार को उसकी मौत की खबर ने परिवार में कोहराम मचा दिया।
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पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुई थी प्राथमिकी
घटना के बाद पीड़ित पक्ष की शिकायत पर चकमेहसी थाने में पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में बिंदेश्वर ठाकुर, चंदन कुमार और श्याम कुमार समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही थी। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में घटना की वजह जमीन विवाद सामने आई थी। अब प्रवीण की मौत के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
जिस विवाद से सीधा वास्ता नहीं, उसी में चली गई जान
परिजनों के अनुसार, प्रवीण का जमीन के मूल विवाद से कोई सीधा संबंध नहीं था। वह अपने दोस्त मनोज के साथ उसकी बुआ संजू देवी के घर गया था और मौके पर मौजूद था। इसी दौरान वह एसिड हमले की चपेट में आ गया। 29 जुलाई को शुरू हुई जिंदगी की जंग आखिरकार 23 दिन बाद खत्म हो गई। एसिड हमले में घायल युवक की मौत के बाद मालीनगर की यह घटना महज मारपीट या जमीन विवाद का मामला नहीं रह गई है। प्रवीण की मौत के बाद पुलिस के सामने मामले में हत्या की धारा जोड़ने समेत आगे की कार्रवाई की चुनौती है। पुलिस घटना में शामिल सभी आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
यह भी पढ़ें: अनियंत्रित बस ने पांच की जान ली, पांच गंभीर; हाइवे किनारे ऑर्केस्ट्रा देख रहे थे, तभी आ गई मौत
पिता बोले- बेटे का किसी विवाद से लेना-देना नहीं था
प्रवीण के पिता रामचंद्र राय ने बताया था कि उनका बेटा अपने दोस्त के साथ मालीनगर गया था। वहां अचानक विवाद शुरू हुआ और आरोपियों ने उसके बेटे पर तेजाब फेंक दिया। उन्होंने बताया था कि प्रवीण के शरीर पर तेजाब का गंभीर असर हुआ था। 23 दिन तक इलाज के बाद प्रवीण की मौत ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। जिस जमीन विवाद में वह प्रत्यक्ष पक्षकार भी नहीं था, उसी विवाद के दौरान तेजाब की चपेट में आने से उसकी जान चली गई। अब पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पर परिजनों और ग्रामीणों की नजर है।
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13 धुर जमीन को लेकर चल रहा था विवाद
घटना 29 जुलाई की शाम मालीनगर के वार्ड संख्या-12 में हुई थी। बताया गया कि करीब 13 धुर जमीन पर निर्माण को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। पंचायत स्तर पर हुए फैसले के बाद संजू देवी को उक्त जमीन पर निर्माण कराने का अधिकार मिला था। इसी को लेकर निर्माण कार्य शुरू कराया जा रहा था। इसी दौरान प्रवीण नारायण अपने दोस्त मनोज तिवारी के साथ उसकी बुआ के घर गया था। आरोप है कि इसी दौरान विरोधी पक्ष के लोग बाल्टी, बोतल और गिलास में एसिड लेकर वहां पहुंचे और निर्माण स्थल पर मौजूद लोगों पर एसिड फेंक दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
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चार लोग हुए थे घायल, प्रवीण की हालत सबसे गंभीर
एसिड हमले में कुल चार लोग घायल हुए थे। इनमें जगतसिंहपुर निवासी प्रवीण नारायण की हालत सबसे गंभीर थी। उसके अलावा मनोज तिवारी, संजू देवी और दयानंद ठाकुर भी एसिड की चपेट में आए थे। प्रवीण के शरीर पर एसिड का गंभीर असर हुआ था। प्रारंभिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे डीएमसीएच दरभंगा रेफर कर दिया था। वहां पिछले 23 दिनों से उसका इलाज चल रहा था। परिजनों को उम्मीद थी कि वह स्वस्थ होकर घर लौटेगा, लेकिन शनिवार को उसकी मौत की खबर ने परिवार में कोहराम मचा दिया।
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पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुई थी प्राथमिकी
घटना के बाद पीड़ित पक्ष की शिकायत पर चकमेहसी थाने में पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में बिंदेश्वर ठाकुर, चंदन कुमार और श्याम कुमार समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही थी। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में घटना की वजह जमीन विवाद सामने आई थी। अब प्रवीण की मौत के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
जिस विवाद से सीधा वास्ता नहीं, उसी में चली गई जान
परिजनों के अनुसार, प्रवीण का जमीन के मूल विवाद से कोई सीधा संबंध नहीं था। वह अपने दोस्त मनोज के साथ उसकी बुआ संजू देवी के घर गया था और मौके पर मौजूद था। इसी दौरान वह एसिड हमले की चपेट में आ गया। 29 जुलाई को शुरू हुई जिंदगी की जंग आखिरकार 23 दिन बाद खत्म हो गई। एसिड हमले में घायल युवक की मौत के बाद मालीनगर की यह घटना महज मारपीट या जमीन विवाद का मामला नहीं रह गई है। प्रवीण की मौत के बाद पुलिस के सामने मामले में हत्या की धारा जोड़ने समेत आगे की कार्रवाई की चुनौती है। पुलिस घटना में शामिल सभी आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
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पिता बोले- बेटे का किसी विवाद से लेना-देना नहीं था
प्रवीण के पिता रामचंद्र राय ने बताया था कि उनका बेटा अपने दोस्त के साथ मालीनगर गया था। वहां अचानक विवाद शुरू हुआ और आरोपियों ने उसके बेटे पर तेजाब फेंक दिया। उन्होंने बताया था कि प्रवीण के शरीर पर तेजाब का गंभीर असर हुआ था। 23 दिन तक इलाज के बाद प्रवीण की मौत ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। जिस जमीन विवाद में वह प्रत्यक्ष पक्षकार भी नहीं था, उसी विवाद के दौरान तेजाब की चपेट में आने से उसकी जान चली गई। अब पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पर परिजनों और ग्रामीणों की नजर है।