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पुलिसकर्मियों ने पीड़ित को धमकाया
पीलीभीत।
Updated Sat, 22 Jul 2017 07:32 PM IST
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Policemen threatened the victim
- फोटो : Policemen threatened the victim
मुन्नीदेवी हत्याकांड
दबिश के दौरान महिला की मौत के मामले में फंसे पुलिसकर्मियों पर एक और संगीन आरोप लगा है। पीड़ित ने पुलिसकर्मियों पर सुलह का दबाव बनाने के लिए लगातार धमकी देने और दी गई तहरीर के बजाए मनमाफिक साथी पुलिसकर्मियों को बचाते हुए रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही है। एसपी से पूरे मामले की शिकायत कर विवेचना किसी उच्चाधिकारी से कराने की मांग की है।
बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के मानपुर निवासी इच्छाराम पुत्र लालता प्रसाद ने एसपी को दिए शिकायत पत्र में बताया कि एक जुलाई को देर शाम आठ बजे पुलिस ने उसके मकान में दबिश दी थी। इस दौरान पीड़ित की पत्नी मुन्नीदेवी की मौत हो गई। आरोप है कि पुलिस की पिटाई से उनकी जान गई। दो जुलाई को इसकी पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने दी गई तहरीर के बजाए मनमाफिक रिपोर्ट दर्ज की। नतीजतन मामले में फंसे पुलिसकर्मी पीड़ित को समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। उनको झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित ने मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों का नाम रिपेार्ट में शामिल कराने और जांच किसी अन्य थाने या फिर उच्चाधिकारी से कराने की मांग की है।
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दबिश के दौरान महिला की मौत के मामले में फंसे पुलिसकर्मियों पर एक और संगीन आरोप लगा है। पीड़ित ने पुलिसकर्मियों पर सुलह का दबाव बनाने के लिए लगातार धमकी देने और दी गई तहरीर के बजाए मनमाफिक साथी पुलिसकर्मियों को बचाते हुए रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही है। एसपी से पूरे मामले की शिकायत कर विवेचना किसी उच्चाधिकारी से कराने की मांग की है।
बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के मानपुर निवासी इच्छाराम पुत्र लालता प्रसाद ने एसपी को दिए शिकायत पत्र में बताया कि एक जुलाई को देर शाम आठ बजे पुलिस ने उसके मकान में दबिश दी थी। इस दौरान पीड़ित की पत्नी मुन्नीदेवी की मौत हो गई। आरोप है कि पुलिस की पिटाई से उनकी जान गई। दो जुलाई को इसकी पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने दी गई तहरीर के बजाए मनमाफिक रिपोर्ट दर्ज की। नतीजतन मामले में फंसे पुलिसकर्मी पीड़ित को समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। उनको झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित ने मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों का नाम रिपेार्ट में शामिल कराने और जांच किसी अन्य थाने या फिर उच्चाधिकारी से कराने की मांग की है।
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