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सुनगढ़ी पुलिस ने अफसरों को किया था गुमराह
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Tue, 10 May 2016 12:01 AM IST
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बेटी को ससुराल में निर्वस्त्र कर पीटने की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंची महिला को भगाने के मामले में सुनगढ़ी पुलिस ने अफसरों से झूठ बोला था। पुलिस ने अफसरों को बताया था कि महिला थाने आई ही नहीं। जांच में महिला का नाम थाने के आगंतुक रजिस्टर में दर्ज पाया गया है। झूठ सामने आने के बाद अब पुलिस मामले में कार्रवाई करने में जुट गई है।
बता दें कि रविवार को शहर की एक महिला सुनगढ़ी थाने में शिकायत लेकर पहुंची थी। आरोप था कि उसकी बेटी को दामाद ने दहेज में बाइक की मांग पूरी न होने पर निर्वस्त्र कर पीटा और घर से निकाल दिया। शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने घटना पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र की बताकर उसे थाने से भगा दिया। अफसरों के संज्ञान में मामला आने पर पुलिस अपने बचाव में जुट गई और यह कह दिया कि शिकायत लेकर कोई महिला थाने नहीं आई। पीड़िता को थाने से भगाने का मामला जब उछला तो जांच-पड़ताल शुरू हुई। तब आगंतुक रजिस्टर में पीड़ित विवाहिता की मां का नाम दर्ज मिला। इससे न केवल थाना पुलिस का झूठ उजागर हो गया है, बल्कि यह साबित हो गया है कि वह शिकायत लेकर थाने गई थी। अब थाना पुलिस फजीहत से बचने के लिए महिला को तलाश रहे हैं। खुफिया विभाग के कर्मचारी भी पूरे मामले की छानबीन में लगे रहे और जानकारी जुटाई।
सुनगढ़ी पुलिस से जानकारी की गई है। पहले पुलिस महिला के न आने की बात कह रही थी, लेकिन महिला का नाम आगंतुक रजिस्टर में दर्ज मिला है। थाना पुलिस का कहना है कि उसके पास तहरीर नहंीं थी, इसलिए लिखकर लाने को कहा गया था। महिला के पास पुलिस भेजी गई है, तहरीर मिलती है तो कार्रवाई होगी।
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- निर्मल कुमार विष्ट, सीओ सिटी
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बता दें कि रविवार को शहर की एक महिला सुनगढ़ी थाने में शिकायत लेकर पहुंची थी। आरोप था कि उसकी बेटी को दामाद ने दहेज में बाइक की मांग पूरी न होने पर निर्वस्त्र कर पीटा और घर से निकाल दिया। शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने घटना पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र की बताकर उसे थाने से भगा दिया। अफसरों के संज्ञान में मामला आने पर पुलिस अपने बचाव में जुट गई और यह कह दिया कि शिकायत लेकर कोई महिला थाने नहीं आई। पीड़िता को थाने से भगाने का मामला जब उछला तो जांच-पड़ताल शुरू हुई। तब आगंतुक रजिस्टर में पीड़ित विवाहिता की मां का नाम दर्ज मिला। इससे न केवल थाना पुलिस का झूठ उजागर हो गया है, बल्कि यह साबित हो गया है कि वह शिकायत लेकर थाने गई थी। अब थाना पुलिस फजीहत से बचने के लिए महिला को तलाश रहे हैं। खुफिया विभाग के कर्मचारी भी पूरे मामले की छानबीन में लगे रहे और जानकारी जुटाई।
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सुनगढ़ी पुलिस से जानकारी की गई है। पहले पुलिस महिला के न आने की बात कह रही थी, लेकिन महिला का नाम आगंतुक रजिस्टर में दर्ज मिला है। थाना पुलिस का कहना है कि उसके पास तहरीर नहंीं थी, इसलिए लिखकर लाने को कहा गया था। महिला के पास पुलिस भेजी गई है, तहरीर मिलती है तो कार्रवाई होगी।
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- निर्मल कुमार विष्ट, सीओ सिटी