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एसपी जांच कर पेश करें रिपोर्ट: हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Sat, 23 Apr 2016 12:00 AM IST
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पूरनपुर कोतवाली में 31 मार्च को मोहल्ला रजागंज निवासी सद्दाम और शकील की पुलिस हिरासत में हुई मौत मामले में हाईकोर्ट ने एसपी को पूरे मामले की स्वयं जांच कर 24 मई को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस मामले में सीबीआई समेत पक्षकार बनाए गए सभी छह लोगों को भी प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने को कहा है। यह आदेश कोर्ट ने लखीमपुर खीरी के सामाजिक कार्यकर्ता मकसूद अली गुड्डू द्वारा मामले की सीबीआई जांच कराने संबंधी याचिका पर दिए हैं।
बताते चलें कि कोतवाली पुलिस ने सद्दाम व शकील को 30 मार्च को कथित तौर पर मादक पदार्थ रखने के आरोप में गिरफ्तार कर कोतवाली लाकअप में बंद किया था। जहां 31 मार्च की सुबह दोनों की हालत अचानक खराब होने पर उन्हें अस्पताल ले गए थे वहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
इस मामले खीरी के सामाजिक कार्यकर्ता मकसूद अली गुड्डू ने याचिका दायर कर उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, जिला मजिस्टे्रट पीलीभीत, एसपी पीलीभीत, क्षेत्राधिकारी पूरनपुर तथा निदेशक सीबीआई को पक्षकार बनाते हुए याचिका दायर की थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति वीके शुक्ला व न्यायमूर्ति उमेश चंद्र श्रीवास्तव की खंडपीठ ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए सीबीआई समेत सभी पक्षकारों को अपना प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिआ। साथ ही एसपी पीलीभीत को मामले की स्वयं जांच कर प्रारंभिक प्रगति आख्या पेश करने का भी आदेश दिया है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद से यहां पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है।
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बताते चलें कि कोतवाली पुलिस ने सद्दाम व शकील को 30 मार्च को कथित तौर पर मादक पदार्थ रखने के आरोप में गिरफ्तार कर कोतवाली लाकअप में बंद किया था। जहां 31 मार्च की सुबह दोनों की हालत अचानक खराब होने पर उन्हें अस्पताल ले गए थे वहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
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इस मामले खीरी के सामाजिक कार्यकर्ता मकसूद अली गुड्डू ने याचिका दायर कर उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, जिला मजिस्टे्रट पीलीभीत, एसपी पीलीभीत, क्षेत्राधिकारी पूरनपुर तथा निदेशक सीबीआई को पक्षकार बनाते हुए याचिका दायर की थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति वीके शुक्ला व न्यायमूर्ति उमेश चंद्र श्रीवास्तव की खंडपीठ ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए सीबीआई समेत सभी पक्षकारों को अपना प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिआ। साथ ही एसपी पीलीभीत को मामले की स्वयं जांच कर प्रारंभिक प्रगति आख्या पेश करने का भी आदेश दिया है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद से यहां पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है।
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