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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Police caught the bag came out of the master

पुलिस फंसी तो बैग से मास्टर की निकल आई

Wed, 01 Feb 2017 10:45 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Wed, 01 Feb 2017 10:45 PM IST
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बाइक चोरी के आरोपी विपिन की हिरासत में मौत कैसे हुई। इसकी पड़ताल करने के बजाय पुलिस उसे अपराधी साबित करने पर जुट गई है। घटना के चार दिन बाद आरोपी के बैग से मास्टर की मिलने की बात कह रही है। विपिन ने अपने कपड़ों का फंदा बनाकर हवालात में बने शौचालय में खुदकुशी की। तीन डाक्टरों के पैनल से हुए पोस्टमार्टम के बाद कोतवाली पुलिस के यह कथन झूठा निकला था। पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण भी स्पष्ट नहीं हो सका है। इसके बाद से पुलिस की मुश्किलें बढ़ गईं, जिससे बचने को वह जांच की दिशा मोड़ रही है। इसी कड़ी में मास्टर की मिलने की बात कह रही है। परिवार वाले इसे एक साजिश करार दे रहे हैं। उनका कहना है कि अगर वह चाबी मास्टर की है तो विपिन की बाइक की चाबी कहा गई? जिस व्यापारी की बाइक विपिन के चुरा कर ले जाने की बात कही जा रही है, उस बाइक में कौन सी चाबी लगी थी? पुलिस विपिन का कोई आपराधिक इतिहास भी अभी तक सामने नहीं ला सकी है। कार्रवाई के नाम पर एसपी ने भले ही मृतक के परिवार वालों की ओर से हत्या का मुकदमा दर्ज कर प्रथम दृष्ट्या दोषी मिलने पर कोतवाल, एसएसआई और मुंशी को भले ही निलंबित कर दिया है, लेकिन उसके बाद से लगातार अपनों को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यही वजह है कि पुलिस हिरासत में मौत के इस गंभीर मामले में दोषी पुलिस वालों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। शहर कोतवाली पुलिस की हिरासत में मौत से लेकर अस्पताल तक में मचे हंगामे के दौरान एसपी का मौके पर न पहुंचना भी आला अफसरों के गैर जिम्मेदार रवैये को उजागर करता है। 
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मौत पर उठे सवाल
1. पुलिस के अनुसार विपिन ने शर्ट को फांसी का फंदा बनाया, शट के ऊपर वह स्वेटर पहने था। जब वह मृत मिला तो भी स्वेटर पहने था। क्या फंदा लगाने के पहले उसने स्वेटर पहना या पुलिस ने पहनाया।
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2. पुलिस विपिन को पब्लिक द्वारा बाइक चोरी के आरोप में पकड़े जाने के बाद पुलिस को सौंपने की बात भी कह रही है। पब्लिक ने अगर विपिन को पुलिस को सौंपा था तो पुलिस ने उसका मेडिकल कराए बिना हवालात में कैसे बंद कर दिया। 
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3. परिवार वालों को कोई सूचना उसके जीते जी क्यों नहीं दी गई। 
बहाली की पैरवी में जुटे निलंबित पुलिस वाले 
पीलीभीत। पुलिस हिरासत में युवक की मौत मामले में निलंबित पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्रथम दृष्ट्या अपराध साबित हो जाने के बाद भी उन्हें गिरफ्तार न करने के चलते आरोपी पुलिस वालों के हौसलों में कोई खास कमी नहीं आई है। सभी आराम से न सिर्फ घूम रहे हैं बल्कि असरदार लोगों, नेताओं आदि की गणेश प्रक्रिमा कर सिफारिश के लिए कह रहे हैं। कुछ तो फोन पर ही असरदार लोगों से आईजी, डीआईजी से बहाली की सिफारिश करने की गुहार कर रहे हैं। 
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