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हवालात में कीटनाशक  से हुई थी दोनों की मौत

Sun, 19 Jun 2016 10:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत Updated Sun, 19 Jun 2016 10:52 PM IST
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पुलिस कस्टडी में शकील और सद्दाम की मौत कीटनाशक (इंसेक्टीसाइड) से हुई थी। इसका खुलासा दोनों की बिसरा रिपोर्ट में हुआ है। हवालात में बंद युवकों को किसने और क्यों दिया कीटनाशक? क्या जबरिया या साजिशन खिलाया गया? आदि की तह तक पुलिस पौने दो माह बाद भी नहीं पहुंच सकी है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और जांच में ढिलाई पर पीड़ित परिवार वालों में नाराजगी है।
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पूरनपुर देहात के मोहल्ला रजागंज निवासी शकील अहमद और सद्दाम को पुलिस ने तीस मार्च की शाम को मादक पदार्थ रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। दोनों की 31 मार्च को मौत हो गई थी। भारी धरना प्रदर्शन पर एसपी ने कोतवाल शक्ति सिंह, संतरी पहरा और कार्यालय में तैनात मुंशी को निलंबित कर दिया था, जबकि कस्बा चौकी इंचार्ज आरके पांडेय को लाइन हाजिर कर दिया था। पुलिस ने मृतक सद्दाम की पत्नी शवीना की ओर से कोतवाल शक्ति सिंह, एसआई शकील अहमद, राजेश मौर्या, कांस्टेबिल मलिक, कश्मीरुल, फईम, सीएचसी के डॉ. अभिनव पांडेय और छह सात अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य मिटाने, षडयंत्र करने की रिपोर्ट दर्ज की थी। रिपोर्ट दर्ज होते ही आरोपी पुलिसकर्मी कोतवाली से फरार हो गए थे। मामले की जांच सीओ जहानाबाद को सौंपी गई थी। सीओ जगतराम जोशी ने जांच शुरू की और कोतवाली पहुंचकर घटना के दिन ड्यूटी पर रहे पुलिस कर्मियों से घटना के बावत पूछताछ की। जांच रिपोर्ट बिसरा रिपोर्ट को लेकर अटकी थी। बिसरा रिपोर्ट अब आ गई। सीओ राजेश्वर सिंह ने बताया कि शकील और सद्दाम की मौत कीटनाशक के सेवन होना बिसरा रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है। अब सवाल उठता है कि कोतवाली की हवालात में बंद शकील और सद्दाम को कीटनाशक किसने खिलाया? पुलिस ने जबरिया उन्हें कीटनाशक खिलाया अथवा किसी अन्य ने साजिशन इस कार्य को अंजाम दिया? इसका उत्तर पुलिस के पास नहीं है। यही नहीं इस मामले में आरोपी बनाए गए पुलिस वालों की पौने दो माह बाद भी गिरफ्तारी न होने और जांच में ढिलाई को लेकर पीड़ित पक्ष के लोगों में नाराजगी है।
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युवकों की हत्या में प्रयोग हुआ इंसेक्टीसाइड 
कीटनाशक में पेस्टीसाइड और इंसेक्टीसाइड होते हैं। पेस्टीसाइड खर पतवार को नष्ट करने में प्रयोग किया जाता है, जबकि इंसेक्टीसाइड कीटों को मारने के लिए प्रयोग होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इंसेक्टी साइड के सेवन की बात कही गई है। 
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