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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   People who came to meet Munna Bajrangi jail Missing from campus, firunar siege

मुन्ना बजरंगी से मिलने आए लोग जेल परिसर से गायब, फार्च्यूनर सीज

Wed, 12 Apr 2017 11:13 PM IST
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
पीलीभ्ाीत ब्यूराो Updated Wed, 12 Apr 2017 11:13 PM IST
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इत्तफाक से पुलिस-प्रशासन के अफसर बुधवार को जिला जेल का मुआयना करने पहुंचे और इसी दौरान एक ऐसी घटना हुई जिसने इशारा कर दिया कि हाल ही में झांसी जेल से पीलीभीत जेल पहुंचे डॉन मुन्ना बजरंगी की हनक भी पीलीभीत पहुंच चुकी है। दरअसल, डीएम और जिला जज के साथ निरीक्षण करने आए एसपी ने जेल कैंपस में खड़ी वीआईपी नंबर की फॉर्च्यूनर के बारे में पूछताछ की तो पता चला उसमें आए लोग गायब हैं। बंद गाड़ी की सीटों पर पड़े 15 मोबाइल फोन्स ने शक और बढ़ाया। इसी बीच पहुंचे गाड़ी के ड्राइवर ने एसपी को बताया कि गाड़ी भदोही की है जहां से कुछ लोग मुन्ना बजरंगी से मिलने आए हैं। ड्राइवर से जब गाड़ी के कागजात और ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में पूछा गया तो वह कुछ नहीं दिखा सका। इस पर एसपी ने फॉर्च्यूनर को सीज करा दिया। मामले की जांच भी शुरू करा दी गई है।
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पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी को तीन दिन पहले ही झांसी जेल से पीलीभीत की जिला जेल में लाया गया है। बुधवार को पुलिस-प्रशासन के अफसरों के जिला जेल के निरीक्षण के दौरान अचानक जो घटनाक्रम हुआ उसके बाद प्रथमदृष्ट्या माना जा रहा है कि भदोही के लोग संभवत: पीलीभीत में मुन्ना बजरंगी की सेटिंग कराने पहुंचे थे। दरअसल बुधवार दोपहर जेल का निरीक्षण करने पहुंचे एसपी देवरंजन ने जेल परिसर में जब वीआईपी नंबर (यूपी-66 एस 0006) की फॉर्च्यूनर गाड़ी को खड़ा देखा तो पूछताछ शुरू कर दी। गाड़ी से आए लोगों को ढुंढवाया गया तो आसपास कोई भी नहीं मिला। गाड़ी में रखे 15 मोबाइल  देखकर हैरत में पड़े पुलिस वाले छानबीन कर ही रहे थे कि इसी बीच गाड़ी का ड्राइवर पहुंच गया। उसने कुछ अकड़ते हुए एसपी को बताया कि वह गाड़ी में भदोही से कुछ लोगों को लाया है जो मुन्ना बजरंगी से मिलने आए हैं। एसपी ने उससे गाड़ी के कागजात और ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने को कहा तो वह बगलें झांकने लगा। इस पर एसपी ने कोतवाली पुलिस को गाड़ी को सीज करने का निर्देश दे दिया। पुलिस के गाड़ी को सीज करने से पहले एक फोन जरूर पुलिस के पास आया। फोन करने वाले ने खुद को वकील बताते हुए कहा कि फोन उसके क्लाइंट्स के हैं। देर शाम पुलिस के पास वकील के साथ कुछ लोग पुलिस के पास पहुंचे जिनके आईडी दिखाने के बाद पुलिस ने उन्हें मोबाइल सौंप दिए।
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एसपी देवरंजन ने बताया कि कार में मिले सभी 15 मोबाइल सेट के नंबर नोट कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल जांच कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गाड़ी का मालिक कौन है और गाड़ी से कौन लोग मुन्ना बजरंगी से मिलने आए थे।
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भदोही से पीलीभीत तक चली आई बिना कागजात की गाड़ी
पुलिस-प्रशासन के अफसरों की टीम अगर बुधवार को जिला जेल का निरीक्षण करने न पहुंची होती तो शायद मुन्ना बजरंगी के गुर्गों की बिना कागजात की गाड़ी भी न पकड़ी जाती। हैरत की बात है कि भदोही से पीलीभीत तक पहुंची इस गाड़ी को पुलिस ने कहीं भी चेक नहीं किया। आरटीओ के वाहन ऐप के मुताबिक यह गाड़ी भदोही के विनय कुमार सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है। हालांकि अभी यह तस्दीक होना बाकी है कि यह गाड़ी का वास्तविक नंबर है या उस पर जाली नंबर प्लेट लगाई गई है।

क्या है गाड़ी में मिले 15 मोबाइल फोन का राज
जेल अधीक्षक अनूप सिंह का कहना है कि बुधवार को तीन लोगों ने मुन्ना बजरंगी से मुलाकात की थी। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ये तीन लोग कौन थे और कहां से आए थे। पुलिस ने फिलहाल गाड़ी में मिले 15 मोबाइल फोन्स के बारे में कोई छानबीन नहीं की है, लिहाजा यह भी पता नहीं लग पाया है कि उनका मालिक कौन हैं। यह सवाल जरूर उठ रहा है कि गाड़ी से आए लोगों का मकसद कहीं इन मोबाइल फोन्स को जेल के अंदर पहुंचाना तो नहीं था।
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