{"_id":"57d6f0f94f1c1b2d46d479cf","slug":"pcs-as-bogus-swindled-11-million","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी पीसीएस बन कर 11 लाख ठग लिए","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फर्जी पीसीएस बन कर 11 लाख ठग लिए
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 12 Sep 2016 11:46 PM IST
विज्ञापन
ठगी
- फोटो : पीलीभीत, उत्तर प्रदेश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
लाखों की ठगी को अंजाम देने के लिए शहर के जीशान ने ऐसा अनूठा तरीका अपनाया कि जब सच्चाई सामने आई तो हर कोई भौंचका रह गया। पहले उसने अपने घर वालों को पीसीएस की परीक्षा पास करने की जानकारी दी। इसके बाद जनता को विश्वास में लेने के लिए समाचार पत्रों में भी इसकी खबर प्रकाशित करा दी गई। जीशान राजधानी लखनऊ में खुद को अंडर ट्रेनिंग बताकर सचिवालय का एक पास लेकर घूमता रहा। इसके बाद सबसे पहले अलीगढ़ के एक युवा से लेखपाल की नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी कर ली। दस दिन पहले अलीगढ़ के लोगों का अचानक तकादा करने घर पहुंचने पर सच्चाई सामने आ सकी।
कोतवाली थाना क्षेत्र के मोहल्ला शेर मोहम्मद निवासी रिटायर्ड बैंककर्मी जंगी हुसैन अंसारी का 30 वर्षीय पुत्र जीशान ने 2006 में अलीगढ़ से बीएएमएस किया था। जिसके बाद जीशान ने कुछ समय तक शहर में एक निजी क्लीनिक भी चलाया। इसके बाद वह घर से पीसीएस की तैयारी करने की बात कहकर निकल गया। 2015 में जीशान ने शातिराना अंदाज से एक खेल खेला जिसका एक साल बाद खुलासा होने पर घर वाले तक हैरान गए। जीशान ने 2015 में खुद को पीसीएस की परीक्षा पास करने की बात अपने परिवार वालों को बताई। उनको पूरा भरोसा दिला दिया कि वह अब एक बड़ा अफसर बनेगा। इसके बाद समाचार पत्रों में भी पीसीएस पास किए जाने की खबरें प्रकाशित करा दी। यहां परिवार वाले बेटे के अफसर बनने की बात से खुश हो गए। उधर जीशान के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। ट्रेनिंग के लिए लखनऊ जाने की बात कहकर जीशान चला गया। जबकि सच तो यह था कि वह कभी परीक्षा में पास हुआ ही नहीं है। वह सचिवालय का एक पास भी अपने पास रखता था। खुद को पीसीएस अफसर बताते हुए जीशान ने अलीगढ़ में एक युवक से लेखपाल की नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े ग्यारह लाख रूपये ठग लिए।
विज्ञापन
कुछ दिन पहले अलीगढ़ से लोग परिवार वालों से तकादा करने पहुंचे, तो परिवार वाले भी पसीना पसीना हो गए। बेटे का फोन लगाकर बात की। पहले तो जीशान परिवार वालों को इधर-उधर की कहानी बताता रहा। बाद में उसने सच कबूल कर लिया। चार दिन पहले भी लोग अलीगढ़ से रूपया वसूलने आए, जिनको परिवार वालों ने किसी तरह आश्वासन देकर लौटा दिया। अमर उजाला की टीम ने पिता जंगी हुसैन अंसारी से मुलाकात कर बातचीत की तो पूरा परिवार अमर उजाला की टीम के सामने ही फफक -फफक कर रो पड़ा। उन्होंने बताया कि उनको भी कुछ दिन पहले तक नहीं पता था कि उनका बेटा जीशान इतना बड़ा झूठ बोल सकता है। चार दिन पहले ही बातचीत के दौरान उसने बताया कि वह पीसीएस नहीं बना है। मोबाइल नंबर चार दिन से स्विच ऑफ आ रहा है। पहले लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रहता था, लेकिन हाल ही में उसने मकान बदला है। जिसका पता परिवार वालों को भी नहीं बताया है। पिता ने यहां तक कह दिया कि उसकी करतूत ने पूरे परिवार को शर्मसार कर दिया है। उन्होंने बताया कि जब से इस बात का पता चला है तब से घर का चूल्हा नहीं जला है। रिश्तेदार घर आकर खाना दे रहे है, लेकिन अन्न का एक निवाला गले से नहीं उतर रहा।
विज्ञापन