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फसल नुकसान के सदमे में वृद्ध किसान की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Fri, 27 Mar 2015 11:35 PM IST
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घरवालों का कहना है कि तबाह हुई फसल को पहले दिन देख कर आने के बाद से ही उसके पिता गुमसुम रहने लगे थे। लिए गए कर्ज की अदायगी व परिवार की आगे की गाड़ी कैसे चलेगी यह सोच अक्सर चिंतित हो जाते थे। बीच में कई बार वह खेत जाकर फसल देखने की बात करते रहते थे, लेकिन उन्हें नहीं जाने दिया जा रहा था।
सर्वेश ने बताया कि करीब सप्ताह भर पहले जब वह पूरनपुर किसी काम से चले गए तब उसके पिता खेत पर जा पहुंचे। खेत देख लौटने के बाद खराब हुई फसल के सदमे में खाना तक छोड़ दिया था। कमजोरी के कारण आए चक्कर से चार-पांच दिन पहले वह चबूतरे पर गिर भी गए थे। तब उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन वहां भी उन्हें फसल की चिंता ही लगी रही। शुक्रवार 11 बजे अचानक उनकी मौत हो गई। सर्वेश ने बताया कि उसकी मां का तीन चार साल पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में बड़ा भाई शिवकुमार और एक अविवाहित बहन है।
फसल बर्बाद होने से किसान की मौत की कोई सूचना किसी ने नहीं दी है न ही ऐसी कोई घटना क्षेत्र में हुई है। अगर कहीं फसल बर्बादी से किसान की मौत की सूचना मिलती है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
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दिग्विजय सिंह, तहसीलदार
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सर्वेश ने बताया कि करीब सप्ताह भर पहले जब वह पूरनपुर किसी काम से चले गए तब उसके पिता खेत पर जा पहुंचे। खेत देख लौटने के बाद खराब हुई फसल के सदमे में खाना तक छोड़ दिया था। कमजोरी के कारण आए चक्कर से चार-पांच दिन पहले वह चबूतरे पर गिर भी गए थे। तब उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन वहां भी उन्हें फसल की चिंता ही लगी रही। शुक्रवार 11 बजे अचानक उनकी मौत हो गई। सर्वेश ने बताया कि उसकी मां का तीन चार साल पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में बड़ा भाई शिवकुमार और एक अविवाहित बहन है।
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फसल बर्बाद होने से किसान की मौत की कोई सूचना किसी ने नहीं दी है न ही ऐसी कोई घटना क्षेत्र में हुई है। अगर कहीं फसल बर्बादी से किसान की मौत की सूचना मिलती है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
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