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नौकरी दिलाने के नाम पर छह लोगों से लाखों की ठगी
पीलीभीत।
Updated Tue, 03 Mar 2015 11:15 PM IST
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उत्तराखंड राज्य के ऊधमसिंहनगर में शिक्षा विभाग में अनुदेशक की नौकरी
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दिलाने के नाम पर छह लोगों से कस्बा जहॉनाबाद निवासी एक युवक ने लाखों
रुपये की ठगी कर ली। सीजेएम अब्दुल कयूम ने सभी मामलों की अलग-अलग रिपोर्ट
दर्ज कर विवेचना करने के आदेश एसओ बरखेड़ा को दिए हैं।
थाना जहॉनाबाद निवासी देवकांत के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में थाना बरखेड़ा के गांव पिपरिया मंडन निवासी अनीता देवी, रंजीत कुमार, संजीव कुमार, खरगापुर खुर्द के महेंद्रपाल, गांव ज्योहराकल्यानपुर निवासी कृष्णपाल और गांव बहादुरपुर हुक्मी निवासी वीरपाल ने अलग-अलग अर्जियां दीं। इन सभी ने बताया कि आरोपी देवकांत ने 16 दिसंबर 2012 को उन लोगों से कहा कि उत्तराखंड शिक्षा विभाग में अनुदेशक की नौकरियां निकली हैं। प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये का खर्चा आएगा।
इसके बाद कृष्णपाल, वीरपाल, संजीव कुमार, रंजीतकुमार व अनीता देवी से 50-50 हजार रुपये ले लिए। महेंद्र से 70 हजार रुपये लिए। बाद में एक फर्जी नियुक्ति पत्र सभी लोगों को लाकर दे दिया। ऊधमसिंहनगर जाने पर पता चला कि अभिलेख फर्जी है और देवकांत ने धोखाधड़ी कर फर्जी दस्तावेजों को बनवाया है।
कोर्ट में बताया गया कि देवकांत ने रुपये भी वापस नहीं किए। आरोप है कि पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। सीजेएम ने बरखेड़ा एसओ को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
थाना जहॉनाबाद निवासी देवकांत के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में थाना बरखेड़ा के गांव पिपरिया मंडन निवासी अनीता देवी, रंजीत कुमार, संजीव कुमार, खरगापुर खुर्द के महेंद्रपाल, गांव ज्योहराकल्यानपुर निवासी कृष्णपाल और गांव बहादुरपुर हुक्मी निवासी वीरपाल ने अलग-अलग अर्जियां दीं। इन सभी ने बताया कि आरोपी देवकांत ने 16 दिसंबर 2012 को उन लोगों से कहा कि उत्तराखंड शिक्षा विभाग में अनुदेशक की नौकरियां निकली हैं। प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये का खर्चा आएगा।
इसके बाद कृष्णपाल, वीरपाल, संजीव कुमार, रंजीतकुमार व अनीता देवी से 50-50 हजार रुपये ले लिए। महेंद्र से 70 हजार रुपये लिए। बाद में एक फर्जी नियुक्ति पत्र सभी लोगों को लाकर दे दिया। ऊधमसिंहनगर जाने पर पता चला कि अभिलेख फर्जी है और देवकांत ने धोखाधड़ी कर फर्जी दस्तावेजों को बनवाया है।
कोर्ट में बताया गया कि देवकांत ने रुपये भी वापस नहीं किए। आरोप है कि पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। सीजेएम ने बरखेड़ा एसओ को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।