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हाथ की मेंहदी छूटी नहीं और उजड़ गया सुहाग
पीलीभीत
Updated Sat, 13 Feb 2016 10:54 PM IST
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सड़क हादसे में मारे गए मोहल्ला भूरे खां निवासी 24 वर्षीय मुस्तकीम का निकाह हुए अभी मात्र सवा महीना ही हुआ था, लेकिन शायद कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। उसकी पत्नी के हाथों में सजी मेंहदी अभी छूट भी नहीं पाई थी कि उसका सुहाग उजड़ गया। मुस्तकीम की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया है।
मोहल्ला भूरे खां निवासी नईम खां के तीन बेटे और एक बेटी है। पिता के बुजुर्ग होने के कारण घर के परिवार का बोझ बड़े पुत्र मुस्तकीम के कंधे पर था। वह बिजली मिस्त्री था और घरों में जाकर काम करता था। बिलखते परिवार वालों के मुताबिक शनिवार को शाहजहांपुर जिले के गांव उदयपुर कटैइया निवासी रिश्तेदारी में एक शख्स का इंतकाल हो गया था। मुस्तकीम बाइक से अपने छोटे भाई अनवर को साथ लेकर उदयपुर कटैइया जा रहा था। निगोही क्षेत्र में गन्ना भरी ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आकर मुस्तकीम की मौत हो गई थी, जबकि भाई घायल हो गया था। सूचना पर पहुंचे परिवार वालों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। जिस पर निगोही पुलिस ने पंचायतनामा भरकर शव परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया था। मुस्तकीम की शादी एक जनवरी, 2016 को शहर के मोहल्ला सरफराज खां निवासी अफशां से हुई थी। उसके हाथ की मेंहदी भी छूट नहीं पाई थी कि उसका सुहाग ही उजड़ गया। रविवार की सुबह जब शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। शव देखकर उसकी पत्नी अफशां चीख-चीखकर रोने लगी। आसपास की महिलाएं उसे दिलासा दिला रही थीं।
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मोहल्ला भूरे खां निवासी नईम खां के तीन बेटे और एक बेटी है। पिता के बुजुर्ग होने के कारण घर के परिवार का बोझ बड़े पुत्र मुस्तकीम के कंधे पर था। वह बिजली मिस्त्री था और घरों में जाकर काम करता था। बिलखते परिवार वालों के मुताबिक शनिवार को शाहजहांपुर जिले के गांव उदयपुर कटैइया निवासी रिश्तेदारी में एक शख्स का इंतकाल हो गया था। मुस्तकीम बाइक से अपने छोटे भाई अनवर को साथ लेकर उदयपुर कटैइया जा रहा था। निगोही क्षेत्र में गन्ना भरी ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आकर मुस्तकीम की मौत हो गई थी, जबकि भाई घायल हो गया था। सूचना पर पहुंचे परिवार वालों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। जिस पर निगोही पुलिस ने पंचायतनामा भरकर शव परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया था। मुस्तकीम की शादी एक जनवरी, 2016 को शहर के मोहल्ला सरफराज खां निवासी अफशां से हुई थी। उसके हाथ की मेंहदी भी छूट नहीं पाई थी कि उसका सुहाग ही उजड़ गया। रविवार की सुबह जब शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। शव देखकर उसकी पत्नी अफशां चीख-चीखकर रोने लगी। आसपास की महिलाएं उसे दिलासा दिला रही थीं।
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