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प्रबंधक समेत तीन पर दर्ज होगी धोखाधड़ी की रिपोर्ट
पीलीभीत।
Updated Fri, 17 Apr 2015 12:10 AM IST
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सीजेएम ने एक इंश्योरेंस कंपनी की छतरी चौराहा स्थित शाखा के मैनेजर अनुपम समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर थाना सुनगढ़ी पुलिस को विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
कोतवाली बीसलपुर के मोहल्ला हबीबुल्ला खां शुमाली निवासी मनोज कुमार सक्सेना ने कोर्ट में अर्जी दी। जिसमें कहा गया कि उसने छतरी चौराहा स्थित बिरला सन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की शाखा के मैनेेजर अनुपम, गांव सड़िया मुगलपुरा निवासी एजेंसी मैनेजर ओमकार शर्मा व एडवाइजर यशवीर सिंह से बीमा पालिसी कराई।
उसने पालिसी फार्म पर खुद अपने हस्ताक्षर किए थे। पॉलिसी में एडवाइजर के रूप में अपनी पत्नी विनीता सक्सेना का नाम अंकित किया था। आरोप है कि तीनों आरोपियों ने कूटरचित हस्ताक्षर कर दूसरा पॉलिसी फार्म भर लिया। जिस पर एडवाइजर के रूप में यशवीर सिंह ने अपना नाम लिखकर हस्ताक्षर किए।
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उसके पिता का नाम हरनंदन सक्सेना के स्थान पर हरनरायन सक्सेना अंकित कर दिया। आरोपियों के इस कृत्य से उसे पॉलिसी का लाभ नहीं मिल सका। पत्नी को भी पॉलिसी का कमीशन नहीं मिला। जब इसकी शिकायत शाखा प्रबंधक से की तो वह लड़ाई-झगड़ा करने लगे। दोबारा शाखा कार्यालय आने पर जान से मार देने की धमकी दी। आरोप है कि घटना की रिपोर्ट सुनगढ़ी पुलिस ने दर्ज नहीं की। एसपी ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। एसीजेएम अब्दुल कयूम ने सुनगढ़ी पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
नगर पालिका कर्मी समेत तीन
पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज
पीलीभीत। सुनगढ़ी पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर शहर कोतवाली के मोहल्ला सरफराज खां निवासी नगर पालिका कर्मचारी शिवकुमार व दो अन्य अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
बरेली जिले के थाना भुता के गांव सैदू कैसरपुर निवासी रामलली ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा है कि उसके पति रामऔतार परिवहन निगम पीलीभीत में टर्नर पद पर तैनात थे। जिनकी सेवाकाल के दौरान मौत हो गई। पति की मौत के बाद वह अपने मायके में रहने लगी। पति का विभाग पर बकाया 22015 रुपये व मृतक आश्रित में नौकरी पाने के लिए उसने उत्ताधिकार का वाद पीलीभीत की एक अदालत में दायर किया।
इसमें सुसराल के ही शिवकुमार को भी प्रतिपक्षी बनाया गया। शिवकुमार नगरपालिका परिषद पीलीभत में कर्मचारी है। उसने विभाग से सांठगांठ कर फर्जी वारिसाना प्रमाण पत्र के आधार पर पति की पूर्व पत्नी की पुत्री कुमारी आरती से साठगांठ कर 13 दिसंबर 2009 को उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी करा लिया। जब उसे इस बात की जानकारी हुई तो वह 26 नवंबर 14 को नगरपालिका परिषद कार्यालय पहुंची और जानकारी मांगी।
जिस पर शिवकुमार ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। जान से मार देने की मकी दी। सुनगढ़ी पुलिस ने तहरीर देने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि शिवकुमार व दो अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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कोतवाली बीसलपुर के मोहल्ला हबीबुल्ला खां शुमाली निवासी मनोज कुमार सक्सेना ने कोर्ट में अर्जी दी। जिसमें कहा गया कि उसने छतरी चौराहा स्थित बिरला सन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की शाखा के मैनेेजर अनुपम, गांव सड़िया मुगलपुरा निवासी एजेंसी मैनेजर ओमकार शर्मा व एडवाइजर यशवीर सिंह से बीमा पालिसी कराई।
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उसने पालिसी फार्म पर खुद अपने हस्ताक्षर किए थे। पॉलिसी में एडवाइजर के रूप में अपनी पत्नी विनीता सक्सेना का नाम अंकित किया था। आरोप है कि तीनों आरोपियों ने कूटरचित हस्ताक्षर कर दूसरा पॉलिसी फार्म भर लिया। जिस पर एडवाइजर के रूप में यशवीर सिंह ने अपना नाम लिखकर हस्ताक्षर किए।
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उसके पिता का नाम हरनंदन सक्सेना के स्थान पर हरनरायन सक्सेना अंकित कर दिया। आरोपियों के इस कृत्य से उसे पॉलिसी का लाभ नहीं मिल सका। पत्नी को भी पॉलिसी का कमीशन नहीं मिला। जब इसकी शिकायत शाखा प्रबंधक से की तो वह लड़ाई-झगड़ा करने लगे। दोबारा शाखा कार्यालय आने पर जान से मार देने की धमकी दी। आरोप है कि घटना की रिपोर्ट सुनगढ़ी पुलिस ने दर्ज नहीं की। एसपी ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। एसीजेएम अब्दुल कयूम ने सुनगढ़ी पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
नगर पालिका कर्मी समेत तीन
पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज
पीलीभीत। सुनगढ़ी पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर शहर कोतवाली के मोहल्ला सरफराज खां निवासी नगर पालिका कर्मचारी शिवकुमार व दो अन्य अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
बरेली जिले के थाना भुता के गांव सैदू कैसरपुर निवासी रामलली ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा है कि उसके पति रामऔतार परिवहन निगम पीलीभीत में टर्नर पद पर तैनात थे। जिनकी सेवाकाल के दौरान मौत हो गई। पति की मौत के बाद वह अपने मायके में रहने लगी। पति का विभाग पर बकाया 22015 रुपये व मृतक आश्रित में नौकरी पाने के लिए उसने उत्ताधिकार का वाद पीलीभीत की एक अदालत में दायर किया।
इसमें सुसराल के ही शिवकुमार को भी प्रतिपक्षी बनाया गया। शिवकुमार नगरपालिका परिषद पीलीभत में कर्मचारी है। उसने विभाग से सांठगांठ कर फर्जी वारिसाना प्रमाण पत्र के आधार पर पति की पूर्व पत्नी की पुत्री कुमारी आरती से साठगांठ कर 13 दिसंबर 2009 को उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी करा लिया। जब उसे इस बात की जानकारी हुई तो वह 26 नवंबर 14 को नगरपालिका परिषद कार्यालय पहुंची और जानकारी मांगी।
जिस पर शिवकुमार ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। जान से मार देने की मकी दी। सुनगढ़ी पुलिस ने तहरीर देने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि शिवकुमार व दो अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।