फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Htyaropion arrest victims in the absence of outrage

हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित पक्ष में नाराजगी

Sat, 02 Apr 2016 11:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत Updated Sat, 02 Apr 2016 11:18 PM IST
विज्ञापन
पुलिस कस्टडी में शकील और सद्दाम की मौत के मामले में नामजद आरोपी कोतवाल शक्ति सिंह, दरोगा शकील, दरोगा राजेश मौर्या, कांस्टेबिल सिंधू मलिक, कश्मीरुल, फईम रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही कोतवाली से फरार हो गए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित पक्ष में रोष है। विवेचक दियोरिया कोतवाल सिकंदर यादव ने बताया कि विवेचना की जा रही है। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास होंगे।
विज्ञापन

पूरनपुर देहात के मोहल्ला रजागंज निवासी शकील अहमद व सद्दाम को पुलिस ने बुधवार शाम को चोरी करने के आरोप पर घर से उठाया था। पुलिस ने दोनों से मादक पदार्थ की बरामदगी दिखाकर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। दोनों युवकों की बृहस्पतिवार सुबह हवालात में हालत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने कोतवाली का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया। मामला बिगड़ता देख एसपी ने कोतवाल शक्ति सिंह, संतरी पहरा और कार्यालय में तैनात मुंशी को निलंबित कर दिया। जबकि नगर चौकी इंचार्ज आरके पांडेय को लाइन हाजिर कर दिया। पुलिस ने मृतक सद्दाम की पत्नी शवीना की ओर से कोतवाल शक्ति सिंह, एसआई शकील अहमद, राजेश मौर्या, कांस्टेबिल मलिक, कश्मीरुल, फईम, सीएचसी के डॉ. अभिनव पांडेय और छह-सात अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य मिटाने, षडयंत्र करने की रिपोर्ट दर्ज की। उधर, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही कोतवाली से कोतवाल शक्ति सिंह, दरोगा शकील, राजेश मौर्या, कांस्टेबिल मलिक, फईम, कश्मीरुल फरार हो गए। हत्यारोपी पुलिस कर्मियों के फरार होने से उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। चर्चा है कि कुछ पुलिस कर्मी दर्ज कराई गई रिपोर्ट आदि को लेकर कोर्ट की शरण में जाने की प्रयास में जुटे है। घटना के विवेचक दियोरिया कोतवाली सिकंदर यादव ने बताया कि घटना की विवेचना की जा रही है। आरोपियों के मिलने पर नियमानुसार उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। उधर, फरार हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित पक्ष में रोष है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed