फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Fire breaks, highway jams, officials clash over temple break

मंदिर तोड़ने पर बवाल, हाईवे जाम, अफसरों से झड़प 

Tue, 23 May 2017 11:01 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Tue, 23 May 2017 11:01 PM IST
विज्ञापन
Fire breaks, highway jams, officials clash over temple break
मंदिर तोड़ने पर बवाल, हाईवे जाम, अफसरों से झड़प
असम हाईवे पर पूरनपुर गेट पुलिस चौकी के पास स्थित सिद्धबाबा मंदिर को मंगलवार को डीएम के आदेश के तहत तोड़ दिया गया। अधिकारियों ने पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बताते हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत कार्रवाई की थी। इसके चंद घंटे बाद ही आसपास के आधा दर्जन गांवों के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए और हाईवे जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि एक व्यापारी से मोटी रकम लेकर 60 साल पुराने मंदिर पर कार्रवाई करने के साथ ही पुजारी से मारपीट व झोपड़ी में आग लगाई गई। मौके पर पहुंचे एएसपी, सिटी मजिस्ट्रेट समेत कई अफसरों से ग्रामीणों की नोकझोंक हुई। ग्रामीणों के शांत न होने पर जिले के दस थानों की पुलिस, यूपी 100 पुलिस व पीएसी को मौके पर बुला लिया गया है। बाद में एडीएम के लिखित रूप में समाधान कराने का आश्वासन देने पर ग्रामीण शांत हुए, जिसके बाद जाम खुला। सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के उदेश्य से एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन कर चिन्हीकरण किया गया था। डीएम शीतल वर्मा के निर्देश पर कार्रवाई की शुरूआत करते हुए मंगलवार को असम हाईवे पर सुनगढ़ी क्षेत्र में स्थित सिद्धबाबा मंदिर को टास्क फोर्स ने ध्वस्त कर दिया। अफसर मंदिर के पीडब्ल्यूडी की जमीन होने पर तोड़ने की बात कह रहे हैं। इधर मंदिर तोड़े जाने की बात का पता लगते ही ग्राम बरहा, पिपरा, इगरा, तकिया, कैंच, गायबोझ, मीरापुर के सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष शाम को इकट्ठा हो गए। प्रशासनिक स्तर से हुई कार्रवाई को एक व्यापारी से मिलीभगत से तोड़ने का आरोप लगाया और हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मंदिर के पीछे एक व्यापारी ने प्लाट खरीदा है। वह काफी समय से मंदिर को हटाने का दबाव बना रहा है। व्यापारी से रुपये लेकर योजनाबद्ध तरीके से मंदिर तोड़ने का आरोप लगाया। यह भी आरोप लगाया कि टीम के साथ व्यापारी ने आकर पुजारी राम मोहनदास से मारपीट कर उसकी झोपड़ी में आग लगा दी। सूचना पर एएसपी डॉ. रामसुरेश यादव, सीओ सिटी निशांक शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट राजितराम प्रजापति मौके पर पहुंचे। व्यापारी समेत पूरी टीम पर कानूनी कार्रवाई एवं दोबारा मंदिर उसी जगह पर निर्माण कराने की मांग पर अफसरों से नोकझोंक होती रही। भीड़ के गुस्से को देखते हुए अफसरों ने जिले के दस थानाध्यक्ष, यूपी 100 की दर्जनों गाड़ियां एवं दो कंपनी पीएसी को मौके पर बुला लिया। तीन घंटे बाद मौके पर पहुंचे एडीएम अजय कांत सैनी ने ग्रामीणों से बातचीत की। बुधवार को डीएम की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर इसका समाधान निकालने का लिखित आश्वासन देकर ग्रामीणों को किसी तरह शांत कराया जा सका। 
विज्ञापन

चिन्हीकरण के दौरान मंदिर पीडब्ल्यूडी की जमीन पर निकला था। जिसको लेकर डीएम के निर्देश पर टास्क फोर्स द्वारा कार्रवाई की गई थी। पुजारी से मारपीट, आगजनी और व्यापारी की मिलीभगत को लेकर कार्रवाई के आरोपों की जांच कराई जाएगी। निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया गया है।  - एके सैनी, एडीएम      
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed