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जिला पंचायत कर्मचारी की हत्या, खेत में मिला शव
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
Updated Sat, 17 Jun 2017 06:46 PM IST
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संजीव कश्ययप
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दो दिन से लापता चल रहे जिला पंचायत के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संजीव कश्यप का शव सिमरिया अनूप गांव में एक खेत में मिला। उसके सिर पर चोट के निशान पाए गए और काफी क्षतविक्षत हालत में था। जिससे देखते ही हत्या की बात स्पष्ट हो गई। इसकी सूचना मिलने पर एएसपी, सीओ सिटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जानकारी जुटाई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिवारीजनों से मिली जानकारी के आधार पर मृतक के एक दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जहानाबाद थाना क्षेत्र के सरौरी गांव के निवासी संजीव कश्यप (25) पुत्र स्वर्गीय बलदेव प्रसाद जिला पंचायत में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। वह अपनी मां सुखरानी, पत्नी उर्मिला देवी, बेटे अनुज (1) और छोटे भाई विजय के साथ नकटादाना स्थित जिला पंचायत गेस्ट हाउस परिसर में मिले क्वार्टर में रहते थे। 15 जून की दोपहर संजीव कश्यप शहर के एक सर्राफ के यहां गिरवी रखे जेवर छुड़ाने को 20 हजार रुपये लेकर बाइक से गए थे। उनके साथ ट्रांसपोर्ट नगर काशीराम आवास कालोनी निवासी मित्र राजीव भी था। उसी के माध्यम से सर्राफ के यहां जेवर गिरवी रखे गए थे। इसके बाद से संजीव का कोई सुराग नहीं लग सका। काफी तलाश करने के बाद भी न मिलने पर शुक्रवार शाम को कोतवाली पहुंचकर मां सुखरानी ने पुलिस को तहरीर दी। जिसके आधार पर गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने लापता पंचायत कर्मी को तलाशना शुरू कर दिया। शनिवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि भिकारीपुर (सुनगढ़ी) चौकी क्षेत्र के ग्राम सिमरिया अनूप गांव के एक खेत में क्षतविक्षत शव पड़ा है। इस पर एएसपी रोहित मिश्रा, सीओ सिटी निशांक शर्मा, कोतवाल देशपाल सिंह, एसएचओ सुनगढ़ी गोपीचंद यादव मौके पर पहुंचे। शव के सिर में चोट लगी हुई थी। पूरा चेहरा काला पड़ चुका था और काफी सड़ी हालत में था। मौका मुआयना करने पर मामला हत्या का स्पष्ट हो गया। कुछ ही देर में शव की शिनाख्त करने में पुलिस सफल हो गई। शव लापता जिपं कर्मचारी संजीव का निकला। सूचना देकर परिवारीजनों को बुलाया गया और जानकारी जुटाई। इसमें परिवारीजनों के दोस्त राजीव पर शक जाहिर करने पर पुलिस ने उसको हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक चार भाईयों में तीसरे नंबर का था। उसकी किसी से रंजिश होने से परिवारीजन इंकार कर रहे है। पिता की मौत के बाद उनके स्थान पर ही उसकी जिला पंचायत में पांच साल पहले नौकरी लगी थी।
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...तो तेजाब डालकर जलाया गया!
शव की क्षतविक्षत हालत देख काफी पुराना प्रतीत हो रहा है जबकि उसको गायब हुए मात्र दो दिन हुए हैं। शव के काला पड़ने को लेकर परिवारीजनों का शक है कि संजीव को मारने के बाद उसकी पहचान छिपाने के लिए एसिड डाला गया है।
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बाइक, नकदी समेत कई सामान गायब
शव मिलने के बाद भी संजीव की बाइक का पता नहीं लग सका है। इसके अलावा उसके गले में पड़ी सोने की चेन, अंगूठी और मोबाइल फोन भी गायब है। साथ ही घर से साथ ले जाए गए बीस हजार रुपये का भी पता नहीं लग सका है। हत्या के पीछे लूटपाट कारण रहा या फिर कुछ और पुलिस जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि मृतक जेवर छुड़ाकर वापस आ रहा था या फिर वहां तक पहुंचा ही नहीं।
चंद घंटे पहले हुई थी भाई से मुलाकात
बृहस्पतिवार को लापता होने से पहले संजीव की परिवारीजनों से मुलाकात हुई थी। वह बाइक से अपने भाई दीपक से मिलने ललौरीखेड़ा ब्लाक पहुंचा था। दीपक को मां पूर्णागिरि दरबार जाने के लिए बाइक चाहिए थी। इस पर उसने गिरवी जेवर छुड़वाने के बाद पीलीभीत स्थित आवास से बाइक ले जाने की बात कही और निकल गया। इसके बाद पीलीभीत पहुंचने पर दीपक ने कई बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संजीव का नंबर नहीं लग सका। इसके बाद वह उससे बिना मिले पूर्णागिरि निकल गया और वापस आने पर मां के साथ पुलिस को तहरीर दी।
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कोतवाली में मां की ओर से दर्ज कराई गई गुमशुदगी को हत्या में तरमीम किया जा रहा है। एक युवक को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। काफी कुछ निकलकर भी आ रहा है। जिसकी छानबीन की जा रही है। हत्याकांड का जल्द खुलासा किया जाएगा।
- निशांक शर्मा, सीओ सिटी
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जहानाबाद थाना क्षेत्र के सरौरी गांव के निवासी संजीव कश्यप (25) पुत्र स्वर्गीय बलदेव प्रसाद जिला पंचायत में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। वह अपनी मां सुखरानी, पत्नी उर्मिला देवी, बेटे अनुज (1) और छोटे भाई विजय के साथ नकटादाना स्थित जिला पंचायत गेस्ट हाउस परिसर में मिले क्वार्टर में रहते थे। 15 जून की दोपहर संजीव कश्यप शहर के एक सर्राफ के यहां गिरवी रखे जेवर छुड़ाने को 20 हजार रुपये लेकर बाइक से गए थे। उनके साथ ट्रांसपोर्ट नगर काशीराम आवास कालोनी निवासी मित्र राजीव भी था। उसी के माध्यम से सर्राफ के यहां जेवर गिरवी रखे गए थे। इसके बाद से संजीव का कोई सुराग नहीं लग सका। काफी तलाश करने के बाद भी न मिलने पर शुक्रवार शाम को कोतवाली पहुंचकर मां सुखरानी ने पुलिस को तहरीर दी। जिसके आधार पर गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने लापता पंचायत कर्मी को तलाशना शुरू कर दिया। शनिवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि भिकारीपुर (सुनगढ़ी) चौकी क्षेत्र के ग्राम सिमरिया अनूप गांव के एक खेत में क्षतविक्षत शव पड़ा है। इस पर एएसपी रोहित मिश्रा, सीओ सिटी निशांक शर्मा, कोतवाल देशपाल सिंह, एसएचओ सुनगढ़ी गोपीचंद यादव मौके पर पहुंचे। शव के सिर में चोट लगी हुई थी। पूरा चेहरा काला पड़ चुका था और काफी सड़ी हालत में था। मौका मुआयना करने पर मामला हत्या का स्पष्ट हो गया। कुछ ही देर में शव की शिनाख्त करने में पुलिस सफल हो गई। शव लापता जिपं कर्मचारी संजीव का निकला। सूचना देकर परिवारीजनों को बुलाया गया और जानकारी जुटाई। इसमें परिवारीजनों के दोस्त राजीव पर शक जाहिर करने पर पुलिस ने उसको हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक चार भाईयों में तीसरे नंबर का था। उसकी किसी से रंजिश होने से परिवारीजन इंकार कर रहे है। पिता की मौत के बाद उनके स्थान पर ही उसकी जिला पंचायत में पांच साल पहले नौकरी लगी थी।
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शव की क्षतविक्षत हालत देख काफी पुराना प्रतीत हो रहा है जबकि उसको गायब हुए मात्र दो दिन हुए हैं। शव के काला पड़ने को लेकर परिवारीजनों का शक है कि संजीव को मारने के बाद उसकी पहचान छिपाने के लिए एसिड डाला गया है।
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शव मिलने के बाद भी संजीव की बाइक का पता नहीं लग सका है। इसके अलावा उसके गले में पड़ी सोने की चेन, अंगूठी और मोबाइल फोन भी गायब है। साथ ही घर से साथ ले जाए गए बीस हजार रुपये का भी पता नहीं लग सका है। हत्या के पीछे लूटपाट कारण रहा या फिर कुछ और पुलिस जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि मृतक जेवर छुड़ाकर वापस आ रहा था या फिर वहां तक पहुंचा ही नहीं।
चंद घंटे पहले हुई थी भाई से मुलाकात
बृहस्पतिवार को लापता होने से पहले संजीव की परिवारीजनों से मुलाकात हुई थी। वह बाइक से अपने भाई दीपक से मिलने ललौरीखेड़ा ब्लाक पहुंचा था। दीपक को मां पूर्णागिरि दरबार जाने के लिए बाइक चाहिए थी। इस पर उसने गिरवी जेवर छुड़वाने के बाद पीलीभीत स्थित आवास से बाइक ले जाने की बात कही और निकल गया। इसके बाद पीलीभीत पहुंचने पर दीपक ने कई बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संजीव का नंबर नहीं लग सका। इसके बाद वह उससे बिना मिले पूर्णागिरि निकल गया और वापस आने पर मां के साथ पुलिस को तहरीर दी।
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कोतवाली में मां की ओर से दर्ज कराई गई गुमशुदगी को हत्या में तरमीम किया जा रहा है। एक युवक को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। काफी कुछ निकलकर भी आ रहा है। जिसकी छानबीन की जा रही है। हत्याकांड का जल्द खुलासा किया जाएगा।
- निशांक शर्मा, सीओ सिटी