{"_id":"fc1761f2d883e0c5e3d35da034290869","slug":"dalit-houses-are-not-moving-out-of-fear-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खौफ के चलते घरों से नहीं निकल रहे दलित ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
खौफ के चलते घरों से नहीं निकल रहे दलित
न्यूरिया/पीलीभीत।
Updated Tue, 17 Mar 2015 12:17 AM IST
विज्ञापन
गांव सिमरिया गौसू में दलितों की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं हैं। गांव में एक जाति की संख्या बहुतायत होने के कारण खौफ के चलते दलित परिवार के लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। मजदूरी पर न जाने से उनके सामने रोजी रोटी का भी संकट खड़ा है। गांव में दलित के अलावा एक अन्य जाति की संख्या 80 प्रतिशत है। इसी जाति की यहां पर सबसे अधिक दुकानें हैं। ऐसे में दलित दुकानों पर जाने से कतरा रहे हैं।
हालांकि गांव में तीसरे दिन भी पुलिस तैनात है। शुक्रवार को गांव सिमरिया गौसू में बहुतायत बिरादरी के लोगों ने किशोरी को भगा ले जाने के शक में दलित सोहनलाल के घर में घुसकर मारपीट व तोड़फोड़ की थी। इसके बाद से गांव में दहशत व्याप्त हो गई। पुलिस ने सोहनलाल की ओर से 22 लोगों को नामजद कर 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
दशहत के कारण दलित परिवार की महिलाएं बच्चों के साथ गांव से पलायन कर रिश्तेदारियों में शरण लिए हुए हैं। अमर उजाला टीम ने सोमवार को गांव पहुंचकर हालातों का जायजा लिया। इस दौरान तीसरे दिन भी गांव में सन्नाटा रहा। इक्का-दुक्का लोग ही घरों के बाहर नजर आए। दलितों का कहना है कि दूसरे पक्ष के लोग उन्हें लगातार धमकी दे रहे हैं।
विज्ञापन
गांव में तैनात पुलिस को इसकी जानकारी भी वह लोग दे चुके हैं, लेकिन पुलिस नजर अंदाज कर रही है। तीन दिन हो गए हैं। वह लोग घरों से बाहर नहीं निकले हैं। डर के कारण मजदूरी करने भी नहीं जा पाते हैं। दूसरे पक्ष के गांव में करीब 80 फीसदी घर हैं। जिनकी ही सर्वाधिक दुकानें हैं। उन्हें दुकानों पर रोजमर्रा की जरूरत की सामग्री लेने जाने में भी डर लग रहा है, लेकिन कोई पुरसाहाल जानने वाला नहीं हैं।
000
गिरफ्तारी में दिलचस्पी नहीं ले रही पुलिस
दलित के घर में तोड़फोड़ व मारपीट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस गंभीर नहीं है। घटना के दिन पुलिस ने दलित सोहनलाल की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर चालान भेजा था। इसके बाद से पुलिस अन्य फरार आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है और न ही आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास कर रही है। एसओ शमशाद अहमद ने बताया कि इसी मामले में दूसरे पक्ष की ओर से किशोरी को अगवा करने के आरोपी रामप्रकाश को हिरासत में लिया गया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
---
दलित परिवार के लोग केवल घरों पर नहीं है। बाकी लोग घरों पर ही हैं। गांव में फोर्स तैनात है। अगर कोई धमकी दे रहा है तो उसकी पुलिस को तहरीर देना चाहिए। गांव में स्थिति पूरी तरह से सामान्य है।
सुधीर कुमार सिंह, एएसपी
विज्ञापन
हालांकि गांव में तीसरे दिन भी पुलिस तैनात है। शुक्रवार को गांव सिमरिया गौसू में बहुतायत बिरादरी के लोगों ने किशोरी को भगा ले जाने के शक में दलित सोहनलाल के घर में घुसकर मारपीट व तोड़फोड़ की थी। इसके बाद से गांव में दहशत व्याप्त हो गई। पुलिस ने सोहनलाल की ओर से 22 लोगों को नामजद कर 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
विज्ञापन
दशहत के कारण दलित परिवार की महिलाएं बच्चों के साथ गांव से पलायन कर रिश्तेदारियों में शरण लिए हुए हैं। अमर उजाला टीम ने सोमवार को गांव पहुंचकर हालातों का जायजा लिया। इस दौरान तीसरे दिन भी गांव में सन्नाटा रहा। इक्का-दुक्का लोग ही घरों के बाहर नजर आए। दलितों का कहना है कि दूसरे पक्ष के लोग उन्हें लगातार धमकी दे रहे हैं।
विज्ञापन
गांव में तैनात पुलिस को इसकी जानकारी भी वह लोग दे चुके हैं, लेकिन पुलिस नजर अंदाज कर रही है। तीन दिन हो गए हैं। वह लोग घरों से बाहर नहीं निकले हैं। डर के कारण मजदूरी करने भी नहीं जा पाते हैं। दूसरे पक्ष के गांव में करीब 80 फीसदी घर हैं। जिनकी ही सर्वाधिक दुकानें हैं। उन्हें दुकानों पर रोजमर्रा की जरूरत की सामग्री लेने जाने में भी डर लग रहा है, लेकिन कोई पुरसाहाल जानने वाला नहीं हैं।
000
गिरफ्तारी में दिलचस्पी नहीं ले रही पुलिस
दलित के घर में तोड़फोड़ व मारपीट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस गंभीर नहीं है। घटना के दिन पुलिस ने दलित सोहनलाल की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर चालान भेजा था। इसके बाद से पुलिस अन्य फरार आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है और न ही आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास कर रही है। एसओ शमशाद अहमद ने बताया कि इसी मामले में दूसरे पक्ष की ओर से किशोरी को अगवा करने के आरोपी रामप्रकाश को हिरासत में लिया गया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
---
दलित परिवार के लोग केवल घरों पर नहीं है। बाकी लोग घरों पर ही हैं। गांव में फोर्स तैनात है। अगर कोई धमकी दे रहा है तो उसकी पुलिस को तहरीर देना चाहिए। गांव में स्थिति पूरी तरह से सामान्य है।
सुधीर कुमार सिंह, एएसपी