{"_id":"574494054f1c1b2f2d690c40","slug":"city-magistrate-chc-sought-a-report-from-the-superintendent","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिटी मजिस्ट्रेट ने सीएचसी अधीक्षक से मांगी आख्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सिटी मजिस्ट्रेट ने सीएचसी अधीक्षक से मांगी आख्या
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Tue, 24 May 2016 11:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस कस्टडी में शकील और सद्दाम की मौत के मामले में सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार ने भी जांच शुरू कर दी है। उन्होंने सीएचसी अधीक्षक को पत्र भेजकर युवकों को गंभीर हालत में सीएचसी लाने से रेफर करने तक की आख्या मांगी है। घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित पक्ष में नाराजगी है।
पूरनपुर देहात के मोहल्ला रजागंज निवासी शकील अहमद और सद्दाम को पुलिस ने तीस मार्च की शाम को मादक पदार्थ रखने के आरोप पर गिरफ्तार किया था। दोनों को 31 मार्च की सुबह गंभीर हालत में सीएचसी लाया गया था, जहां दोनों की मौत हो गई थी। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना था कि गंभीर हालत में युवकों की मौत पर कोतवाल शक्ति सिंह, संतरी पहरा और कार्यालय में तैनात मुंशी को निलंबित कर दिया था, जबकि कस्बा चौकी इंचार्ज आरके पांडेय को लाइन हाजिर कर दिया था। पुलिस ने मृतक सद्दाम की पत्नी शवीना की ओर से कोतवाल शक्ति सिंह, एसआई शकील अहमद, राजेश मौर्या, कांस्टेबिल मलिक, कश्मीरुल, फईम, सीएचसी के डॉ. अभिनव पांडेय और छह सात अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य मिटाने, षडयंत्र करने की रिपोर्ट दर्ज की थी। रिपोर्ट दर्ज होते ही आरोपी पुलिसकर्मी कोतवाली से फरार हो गए। मामले की जांच सीओ जहानाबाद कर रहे है। बिसरा रिपोर्ट न आने से जांच अटकी हुई है। उधर, सिटी मजिस्ट्रेट ने भी मामले की जांच शुरू कर दी। सिटी मजिस्ट्रेट ने सीएचसी अधीक्षक को पत्र भेजकर युवकों को सीएचसी से लाने से रेफर करने तक की आख्या मांगी है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रविंद्र सिंह ने बताया कि आख्या तैयार कराई जा रही है। जिसे शीघ्र सिटी मजिस्ट्रेट को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
पूरनपुर देहात के मोहल्ला रजागंज निवासी शकील अहमद और सद्दाम को पुलिस ने तीस मार्च की शाम को मादक पदार्थ रखने के आरोप पर गिरफ्तार किया था। दोनों को 31 मार्च की सुबह गंभीर हालत में सीएचसी लाया गया था, जहां दोनों की मौत हो गई थी। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना था कि गंभीर हालत में युवकों की मौत पर कोतवाल शक्ति सिंह, संतरी पहरा और कार्यालय में तैनात मुंशी को निलंबित कर दिया था, जबकि कस्बा चौकी इंचार्ज आरके पांडेय को लाइन हाजिर कर दिया था। पुलिस ने मृतक सद्दाम की पत्नी शवीना की ओर से कोतवाल शक्ति सिंह, एसआई शकील अहमद, राजेश मौर्या, कांस्टेबिल मलिक, कश्मीरुल, फईम, सीएचसी के डॉ. अभिनव पांडेय और छह सात अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य मिटाने, षडयंत्र करने की रिपोर्ट दर्ज की थी। रिपोर्ट दर्ज होते ही आरोपी पुलिसकर्मी कोतवाली से फरार हो गए। मामले की जांच सीओ जहानाबाद कर रहे है। बिसरा रिपोर्ट न आने से जांच अटकी हुई है। उधर, सिटी मजिस्ट्रेट ने भी मामले की जांच शुरू कर दी। सिटी मजिस्ट्रेट ने सीएचसी अधीक्षक को पत्र भेजकर युवकों को सीएचसी से लाने से रेफर करने तक की आख्या मांगी है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रविंद्र सिंह ने बताया कि आख्या तैयार कराई जा रही है। जिसे शीघ्र सिटी मजिस्ट्रेट को भेजी जाएगी।
विज्ञापन