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बाइकर्स गैंग के सरगना समेत दस लुटेरे गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Fri, 03 Jun 2016 10:57 PM IST
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खुलासा
- फोटो : pilibhit, beureu
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पुलिस का सिरदर्द बना बाइकर्स गैंग आखिर गिरफ्त में आ ही गया। गिरोह के सरगना समेत दस लुटेरों का पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके पास से 2.45 लाख रुपये, चार बाइक और आठ तमंचे बरामद किए हैं। गैंग पकड़े जाने को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
बता दें कि एक महीने में जिले में लूट की ताबड़तोड़ घटनाएं हुई थीं। सभी घटनाओं में तीन बाइकों पर सवार आठ से नौ लुटेरे शामिल रहे। घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद एसपी अनिल कुमार सिंह ने माधोटांडा एसओ दुर्गेश मिश्र और सर्विलांस टीम प्रभारी रामचंद्र को सुरागरसी में लगाया। गैंग के सरगना के तौर पर बरेली के बहेड़ी क्षेत्र के गांव भूड़ा बहादुरपुर निवासी सुलेमान और देवरनिया के शरीफ नगर इटौआ निवासी विपेंद्र उर्फ भूरा का नाम प्रकाश में आया। इसके बाद पुलिस बदमाशों की धरपकड़ में जुट गई। गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि लुटेरों का गैंग माधोटांडा क्षेत्र में वारदात को अंजाम देने जा रहा है। इस पर पुलिस ने घेराबंदी करके छह बदमाशों को धर दबोचा। उधर, जहानाबाद पुलिस ने गैंग के चार सदस्यों को दो बाइक समेत पकड़ लिया। सभी को माधोटांडा थाने ले जाकर पूछताछ की गई। पुलिस ने घटनाओं में इस्तेमाल की गईं चार मोटर साइकिल, आठ तमंचे और लूटी गई दो लाख पैंतालीस हजार की नकदी बरामद की है। पूछताछ कर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह ने शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित कार्यालय में पकड़े गए गैंग का खुलासा करते हुए मातहतों की पीठ थपथपाई। इस दौरान एएसपी विकास कुमार वैद्य और सीओ पूरनपुर राजेश्वर सिंह मौजूद रहे।
ये हैं बाइकर्स गैंग के सदस्य
सरगना सुलेमान और विजेंद्र के अलावा बहेड़ी के भूड़ा बहादुरपुर निवासी पवन कुमार, हरिशंकर, विपिन गंगवार, केशव गंगवार, वीरेंद्र गंगवार, नवाबगंज का वहीद अहमद मंसूरी, देवरनिया क्षेत्र के शरीफनगर इटौआ निवासी राजीव शर्मा, योगेंद्र उर्फ बबलू पकड़ा गया है। विपेंद्र राजस्थान में तीन साल पहले चोरी के एक मामले में जेल जा चुका है।
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लूट की दस घटनाओं का हुआ खुलासा
पकड़े गए बदमाशों से पुलिस ने लूट की दस घटनाओं का खुलासा करने का दावा किया है। इनमें पुलिस ने जहानाबाद क्षेत्र में हुईं लूट की दो वारदात, बरखेड़ा की एक, बरेली की तीन, शाहजहांपुर की एक, माधोटांडा की दो, बीसलपुर की एक लूट की वारदात का खुलासा किया है। इनमें लूट की छह घटनाएं एक महीने के भीतर पीलीभीत जिले में अंजाम दी गईं थीं।
रेकी करने के बाद करते थे लूट
वारदात को अंजाम देने से पहले गैंग रेकी करता था। पकड़े गए हरिशंकर, पवन, बबलू, राजीव और केशव रेकी का जिम्मा संभालते थे। इसके बाद सूचना भूरा तक पहुंचाई जाती थी। भूरा, सुलेमान के साथ प्लानिंग करके मौके पर पहुंचता था। इस बीच विपिन थाने के पास खड़ा रहकर पुलिस की एक्टिविटी पर नजर रखता था। नौ लोग तीन बाइक पर सवार होकर घटना को अंजाम देते थे। पूछताछ में यह भी बताया कि एक दिन बबलू के पूर्णागिरि दर्शन करने जाने पर गिरोह में नए साथी के तौर पर वीरेंद्र को शामिल कर लिया था। बता दें कि पकड़ा गया विपिन शहर में मंडी समिति के सामने एक कंपनी में काम कर चुका है। वह यहीं रहता था। जिले के तमाम रास्तों की उसे जानकारी है।
दूसरे जिलों से पूछताछ को पहुंचीं टीमें
गिरोह के पकड़े जाने का पता लगते ही मंडल के कई थानों की पुलिस उनसे पूछताछ के लिए पीलीभीत पहुंच गई है। शाहजहांपुर, बरेली के कई थानों से पुलिस की टीमों ने बदमाशों से पूछताछ की।
फर्जी नंबर पर चल रही थीं बाइक
पुलिस से बचकर भागते वक्त बाइक का नंबर उनकी धरपकड़ का कारण न बन जाए। इस बात को लेकर गिरोह के सदस्य पूरी तरह से चौकस रहते थे। इसलिए बाइक पर फर्जी नंबर लिखवा रखे थे। गिरोह में शामिल राजीव बाइक नहीं चलाता था। वह सिर्फ घटना में साथ रहता था और बाइक की नंबर प्लेट बदलने का काम करता।
पुलिस टीम को पांच हजार का इनाम
एसपी ने खुलासा करने वाली टीम की सराहना करते हुए पांच हजार रुपये का नगद इनाम देने की घोषणा की है। टीम में एसओ माधोटांडा दुर्गेश मिश्र, सर्विलांस प्रभारी रामचंद्र सिंह, एसआई जसपाल सिंह ग्वाल, दुर्गा सिंह, कांस्टेबल जॉनसन, उदयवीर सिंह, मनोज कुमार, दिनेश, राजेश, ललतेश, अवनेश, गोपाल, हृदयेश, दिनेश चंद, मोहम्मद उमर, हरीश शर्मा शामिल रहे।
पकड़े गए गैंग से लूट की दस घटनाओं का खुलासा हुआ है। ये गैंग बड़े स्तर पर लूट कर रहा था। इनकी धरपकड़ एक बड़ी कामयाबी है। पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, इन पर भी काम किया जा रहा है।
- अनिल कुमारे सिंह, एसपी
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बता दें कि एक महीने में जिले में लूट की ताबड़तोड़ घटनाएं हुई थीं। सभी घटनाओं में तीन बाइकों पर सवार आठ से नौ लुटेरे शामिल रहे। घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद एसपी अनिल कुमार सिंह ने माधोटांडा एसओ दुर्गेश मिश्र और सर्विलांस टीम प्रभारी रामचंद्र को सुरागरसी में लगाया। गैंग के सरगना के तौर पर बरेली के बहेड़ी क्षेत्र के गांव भूड़ा बहादुरपुर निवासी सुलेमान और देवरनिया के शरीफ नगर इटौआ निवासी विपेंद्र उर्फ भूरा का नाम प्रकाश में आया। इसके बाद पुलिस बदमाशों की धरपकड़ में जुट गई। गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि लुटेरों का गैंग माधोटांडा क्षेत्र में वारदात को अंजाम देने जा रहा है। इस पर पुलिस ने घेराबंदी करके छह बदमाशों को धर दबोचा। उधर, जहानाबाद पुलिस ने गैंग के चार सदस्यों को दो बाइक समेत पकड़ लिया। सभी को माधोटांडा थाने ले जाकर पूछताछ की गई। पुलिस ने घटनाओं में इस्तेमाल की गईं चार मोटर साइकिल, आठ तमंचे और लूटी गई दो लाख पैंतालीस हजार की नकदी बरामद की है। पूछताछ कर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह ने शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित कार्यालय में पकड़े गए गैंग का खुलासा करते हुए मातहतों की पीठ थपथपाई। इस दौरान एएसपी विकास कुमार वैद्य और सीओ पूरनपुर राजेश्वर सिंह मौजूद रहे।
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ये हैं बाइकर्स गैंग के सदस्य
सरगना सुलेमान और विजेंद्र के अलावा बहेड़ी के भूड़ा बहादुरपुर निवासी पवन कुमार, हरिशंकर, विपिन गंगवार, केशव गंगवार, वीरेंद्र गंगवार, नवाबगंज का वहीद अहमद मंसूरी, देवरनिया क्षेत्र के शरीफनगर इटौआ निवासी राजीव शर्मा, योगेंद्र उर्फ बबलू पकड़ा गया है। विपेंद्र राजस्थान में तीन साल पहले चोरी के एक मामले में जेल जा चुका है।
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लूट की दस घटनाओं का हुआ खुलासा
पकड़े गए बदमाशों से पुलिस ने लूट की दस घटनाओं का खुलासा करने का दावा किया है। इनमें पुलिस ने जहानाबाद क्षेत्र में हुईं लूट की दो वारदात, बरखेड़ा की एक, बरेली की तीन, शाहजहांपुर की एक, माधोटांडा की दो, बीसलपुर की एक लूट की वारदात का खुलासा किया है। इनमें लूट की छह घटनाएं एक महीने के भीतर पीलीभीत जिले में अंजाम दी गईं थीं।
रेकी करने के बाद करते थे लूट
वारदात को अंजाम देने से पहले गैंग रेकी करता था। पकड़े गए हरिशंकर, पवन, बबलू, राजीव और केशव रेकी का जिम्मा संभालते थे। इसके बाद सूचना भूरा तक पहुंचाई जाती थी। भूरा, सुलेमान के साथ प्लानिंग करके मौके पर पहुंचता था। इस बीच विपिन थाने के पास खड़ा रहकर पुलिस की एक्टिविटी पर नजर रखता था। नौ लोग तीन बाइक पर सवार होकर घटना को अंजाम देते थे। पूछताछ में यह भी बताया कि एक दिन बबलू के पूर्णागिरि दर्शन करने जाने पर गिरोह में नए साथी के तौर पर वीरेंद्र को शामिल कर लिया था। बता दें कि पकड़ा गया विपिन शहर में मंडी समिति के सामने एक कंपनी में काम कर चुका है। वह यहीं रहता था। जिले के तमाम रास्तों की उसे जानकारी है।
दूसरे जिलों से पूछताछ को पहुंचीं टीमें
गिरोह के पकड़े जाने का पता लगते ही मंडल के कई थानों की पुलिस उनसे पूछताछ के लिए पीलीभीत पहुंच गई है। शाहजहांपुर, बरेली के कई थानों से पुलिस की टीमों ने बदमाशों से पूछताछ की।
फर्जी नंबर पर चल रही थीं बाइक
पुलिस से बचकर भागते वक्त बाइक का नंबर उनकी धरपकड़ का कारण न बन जाए। इस बात को लेकर गिरोह के सदस्य पूरी तरह से चौकस रहते थे। इसलिए बाइक पर फर्जी नंबर लिखवा रखे थे। गिरोह में शामिल राजीव बाइक नहीं चलाता था। वह सिर्फ घटना में साथ रहता था और बाइक की नंबर प्लेट बदलने का काम करता।
पुलिस टीम को पांच हजार का इनाम
एसपी ने खुलासा करने वाली टीम की सराहना करते हुए पांच हजार रुपये का नगद इनाम देने की घोषणा की है। टीम में एसओ माधोटांडा दुर्गेश मिश्र, सर्विलांस प्रभारी रामचंद्र सिंह, एसआई जसपाल सिंह ग्वाल, दुर्गा सिंह, कांस्टेबल जॉनसन, उदयवीर सिंह, मनोज कुमार, दिनेश, राजेश, ललतेश, अवनेश, गोपाल, हृदयेश, दिनेश चंद, मोहम्मद उमर, हरीश शर्मा शामिल रहे।
पकड़े गए गैंग से लूट की दस घटनाओं का खुलासा हुआ है। ये गैंग बड़े स्तर पर लूट कर रहा था। इनकी धरपकड़ एक बड़ी कामयाबी है। पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, इन पर भी काम किया जा रहा है।
- अनिल कुमारे सिंह, एसपी