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एक चिंगारी ने राख कर दी तीन सौ एकड़ गेहूं की फसल
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पीलीभीत। देवहा नदी की तरफ से उड़कर आई एक चिंगारी नेवाड़ ऐंठपुर गांव में भीषण अग्निकांड की वजह बन गई। तेज हवा चलने से कुछ ही देर में एक खेत से शुरू हुई आग करीब 300 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल में फैल गई। मौके पर पहुंची दमकल की एक गाड़ी नाकाफी साबित हो गई। इसके बाद दमकल कर्मियों के संग मिलकर ग्रामीणों ने खेतों पर लगे इंजन का पानी छोड़ और ट्रैक्टर और हैरो से जुताई करके करीब पांच घंटे में आग पर काबू किया। गुस्साए किसान पहले दमकल टीम से भिड़ गए, फिर मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ से तल्ख नोकझोंक हुई। हालांकि अधिकारियों की ओर से मुआवजा और हरसंभव आर्थिक मदद देने का आश्वासन देने पर बमुश्किल भीड़ को शांत कराया जा सका। हादसे के चलते गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीण करीब साढ़े तीन सौ एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल का नुकसान होने का अनुमान लगा रहे हैं। वहीं अफसर रविवार को मौके पर राजस्व टीम भेजकर सत्यापन के बाद स्थिति स्पष्ट करने की बात कह रहे हैं।
यह हादसा न्यूरिया थाना क्षेत्र के नेवाड़ ऐंठपुर गांव में शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे हुआ। गांव के पास से होकर गुजर रही देवहा नदी की तरफ से आग की लपटें उठती हुई आई और किसानों के खेतों में खड़ी फसल को चपेट में ले लिया। इससे पहले कि किसान कुछ समझ पाते तेज हवा चलने के कारण आग भीषण होती चली गई और कुछ ही देर में करीब सौ से अधिक किसानों के साढ़े तीन सौ एकड़ में गेहूं की फसल में फैल गई। इसकी सूचना मिलने पर करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल टीम एक बड़ी गाड़ी के साथ मौके पर पहुंची। नतीजतन उसमें भरा पानी चंद मिनट में ही खत्म हो गया और मौके पर ही दुबारा पानी भरा गया और आग बुझाने की कोशिश की जाती रही। इधर, ग्रामीण भी ट्रैक्टर और हैरो से जुताई करते रहे। खेतों में लगे इंजन शुरू कर पानी छोड़ा जाने लगा। इस पर शाम करीब साढ़े पांच बजे आग पर काबू पाया जा सका। आग बुझने के बाद जैसे ही दमकल कर्मी गाड़ी लेकर निकलने लगे ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। उनका आरोप था कि आग की सूचना पर बिना पानी भरे ही खाली गाड़ी लेकर दमकल कर्मी आ गए। इसको लेकर आक्रोश जताया जाने लगा। सूचना मिलने पर एसडीएम अमरिया जंग बहादुर, सीओ सदर योगेंद्र कुमार पुलिस और राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। लोगों को बातचीत कर समझाने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित किसानों की भीड़ उनसे भी उलझ गई। डीएम को मौके पर बुलाने की मांग की जाने लगी। काफी जद्दोजहद के बाद अफसरों ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हो सका।
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यह हादसा न्यूरिया थाना क्षेत्र के नेवाड़ ऐंठपुर गांव में शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे हुआ। गांव के पास से होकर गुजर रही देवहा नदी की तरफ से आग की लपटें उठती हुई आई और किसानों के खेतों में खड़ी फसल को चपेट में ले लिया। इससे पहले कि किसान कुछ समझ पाते तेज हवा चलने के कारण आग भीषण होती चली गई और कुछ ही देर में करीब सौ से अधिक किसानों के साढ़े तीन सौ एकड़ में गेहूं की फसल में फैल गई। इसकी सूचना मिलने पर करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल टीम एक बड़ी गाड़ी के साथ मौके पर पहुंची। नतीजतन उसमें भरा पानी चंद मिनट में ही खत्म हो गया और मौके पर ही दुबारा पानी भरा गया और आग बुझाने की कोशिश की जाती रही। इधर, ग्रामीण भी ट्रैक्टर और हैरो से जुताई करते रहे। खेतों में लगे इंजन शुरू कर पानी छोड़ा जाने लगा। इस पर शाम करीब साढ़े पांच बजे आग पर काबू पाया जा सका। आग बुझने के बाद जैसे ही दमकल कर्मी गाड़ी लेकर निकलने लगे ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। उनका आरोप था कि आग की सूचना पर बिना पानी भरे ही खाली गाड़ी लेकर दमकल कर्मी आ गए। इसको लेकर आक्रोश जताया जाने लगा। सूचना मिलने पर एसडीएम अमरिया जंग बहादुर, सीओ सदर योगेंद्र कुमार पुलिस और राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। लोगों को बातचीत कर समझाने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित किसानों की भीड़ उनसे भी उलझ गई। डीएम को मौके पर बुलाने की मांग की जाने लगी। काफी जद्दोजहद के बाद अफसरों ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हो सका।
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