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दलित किसान की लाठी से पीट-पीटकर हत्या, तीन गिरफ्तार
Updated Sun, 19 Aug 2018 12:41 AM IST
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कोर्ट मैरिज करने के दो माह बाद कुछ दिन पहले मायके आई भतीजी के वापस पति के पास चले जाने के बाद हुए विवाद में भगवंतापुर गांव निवासी 40 वर्षीय दलित किसान शिवकुमार की लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। युवती के पिता ने मामले में दामाद समेत सात के खिलाफ बेटी के अपहरण और भाई की हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। मुकदमा दर्ज होने के चंद घंटे बाद ही पुलिस ने बीसलपुर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा अगवा बताई जा रही युवती भी पुलिस को मिल गई है। जिससे पूछताछ कर पुलिस घटना की हकीकत का पता लगाने में जुट गई है। अभी तक हुई पूछताछ में युवती ने अपने परिजनों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए खुद पति के पास जाने की बात कही है। जिससे दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताई परिजनों की कहानी पर सवाल खड़े हो गए है। फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की धरपकड़ का भी प्रयास कर रही है।
बिलसंडा थाना क्षेत्र के भगवंतापुर गांव निवासी कमलेश कुमार ने बताया कि उनकी बीस वर्षीय पुत्री नीलू जून माह में गांव के ही रामनिवास कश्यप के साथ चली गई थी। इसपर उन्होंने फुसलाकर ले जाने और एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने लड़की को तलाश कर कोर्ट में बयान कराए। इसमें युवती ने रामनिवास से शादी कर उसी के साथ रहने की इच्छा जताई थी। जिसके बाद कोर्ट में युवती के बयान के आधार पर उसको रामनिवास की सुपुर्दगी में दे दिया था। दो माह बाद 15 अगस्त को युवती अपने परिवारवालों से मिलने के लिए मायके आई और यहीं रहने लगी। आरोप है कि शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे रामनिवास अपने साथियों संग आया और नीलू को जबरन अपने साथ ले गया। इसकी जानकारी लगने पर युवती के चाचा शिवकुमार जब इसका विरोध करने पहुंचे तो मकान से कुछ ही दूरी पर उनको रामनिवास, उसके साथी नरेश, बृजपाल, सुभाष, सरोज, पवन और रढै़ता बीसलपुर निवासी मुकेश खड़े मिल गए। वह नरेश को बुलाकर इस तरह लड़की को जबरन ले जाने का विरोध कर रहे थे कि उनकी लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मौके पर ही शिवकुमार ने दम तोड़ दिया। इसकी सूचना मिलने पर एसपी बालेेंदु भूषण सिंह, सीओ बीसलपुर प्रवीण कुमार, थानाध्यक्ष बिलसंडा मनोज कुमार त्यागी ने मौका मुआयना कर मामले की जानकारी जुटा शव का पोस्टमार्टम कराया। दूसरे दिन शनिवार को सीओ बीसलपुर के नेतृत्व में थाना पुलिस ने ताबड़तोड़ छापामारी की और बीसलपुर से युवती नीलू को तलाश निकाला। तीन आरोपी रामनिवास, उसके पिता विजयपाल और सुभाष को भी गिरफ्तार कर लिया। सभी को थाना बिलसंडा लाकर पूछताछ की गई, इसमें युवती को जबरन ले जाने के आरोप गलत निकले है। युवती ने खुद इसको नकारते हुए परिजनों पर संगीन आरोप लगाए हैं।
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बिलसंडा थाना क्षेत्र के भगवंतापुर गांव निवासी कमलेश कुमार ने बताया कि उनकी बीस वर्षीय पुत्री नीलू जून माह में गांव के ही रामनिवास कश्यप के साथ चली गई थी। इसपर उन्होंने फुसलाकर ले जाने और एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने लड़की को तलाश कर कोर्ट में बयान कराए। इसमें युवती ने रामनिवास से शादी कर उसी के साथ रहने की इच्छा जताई थी। जिसके बाद कोर्ट में युवती के बयान के आधार पर उसको रामनिवास की सुपुर्दगी में दे दिया था। दो माह बाद 15 अगस्त को युवती अपने परिवारवालों से मिलने के लिए मायके आई और यहीं रहने लगी। आरोप है कि शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे रामनिवास अपने साथियों संग आया और नीलू को जबरन अपने साथ ले गया। इसकी जानकारी लगने पर युवती के चाचा शिवकुमार जब इसका विरोध करने पहुंचे तो मकान से कुछ ही दूरी पर उनको रामनिवास, उसके साथी नरेश, बृजपाल, सुभाष, सरोज, पवन और रढै़ता बीसलपुर निवासी मुकेश खड़े मिल गए। वह नरेश को बुलाकर इस तरह लड़की को जबरन ले जाने का विरोध कर रहे थे कि उनकी लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मौके पर ही शिवकुमार ने दम तोड़ दिया। इसकी सूचना मिलने पर एसपी बालेेंदु भूषण सिंह, सीओ बीसलपुर प्रवीण कुमार, थानाध्यक्ष बिलसंडा मनोज कुमार त्यागी ने मौका मुआयना कर मामले की जानकारी जुटा शव का पोस्टमार्टम कराया। दूसरे दिन शनिवार को सीओ बीसलपुर के नेतृत्व में थाना पुलिस ने ताबड़तोड़ छापामारी की और बीसलपुर से युवती नीलू को तलाश निकाला। तीन आरोपी रामनिवास, उसके पिता विजयपाल और सुभाष को भी गिरफ्तार कर लिया। सभी को थाना बिलसंडा लाकर पूछताछ की गई, इसमें युवती को जबरन ले जाने के आरोप गलत निकले है। युवती ने खुद इसको नकारते हुए परिजनों पर संगीन आरोप लगाए हैं।
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